
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:यमुना को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुग्राम में चल रहे कार्यों को और गति देने के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने शुक्रवार को विकास सदन में समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान ड्रेनों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तैयार कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई। सदस्य सचिव योगेश कुमार ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों से कार्य प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट लेने के उपरांत निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करते हुए जमीन पर प्रभावी परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया। योगेश कुमार ने निर्देश दिए कि एसटीपी की संयुक्त सैंपलिंग पुनः कराई जाए और 15 दिनों के भीतर इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि लेग-III से लेग-II में बिना उपचारित पानी के डायवर्जन को 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपचारित पानी का उपयोग सिंचाई कार्यों में किया जा सके।

इसके अलावा, उन्होंने जीएमडीए को स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों और सीवरेज लाइनों की सफाई के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे अवैध कनेक्शनों को चिन्हित कर हटाया जा सके। सदस्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि लेग-II में सभी प्रदूषण बिंदुओं की पहचान और मैपिंग तीन महीनों के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रेनों से निकाले जा रहे ठोस कचरे का समुचित आकलन किया जाए और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करते हुए उसका पूरा रिकॉर्ड भी संधारित किया जाए, ताकि भविष्य में निगरानी और योजना निर्माण में इसका प्रभावी उपयोग किया जा सके।योगेश कुमार ने नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों से उनके कार्यक्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी लेने के उपरांत निर्देश दिए कि नए पंजीकृत टैंकरों की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए तथा अवैध टैंकर संचालन पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया जाए। उन्होंने जीएमडीए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रेनों के किनारे किए जा रहे फेंसिंग कार्य की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि अवैध प्रवेश और कचरा फेंकने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने सभी एसटीपी का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने तथा उनके संचालन को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि ड्रेनों की टेपिंग, एसटीपी और सीईटीपी की स्थापना, प्रभावी कचरा प्रबंधन तथा निगरानी तंत्र को मजबूत किए जाने से यमुना के जल की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है। योगेश कुमार ने निर्देश दिए कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।

बैठक में सीईई, एचएसपीसीबी बलराज अहलावत, सीई एमसीजी विजय ढाका (लेग-1 के नोडल अधिकारी), एसईई एचएसपीसीबी जतिंदर पाल, सीनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी संजय कुमार, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल, आरओ, एचएसपीसीबी (गुरुग्राम रीजन-उत्तर) आकांक्षा तंवर, ईई जीएमडीए विक्रम (लेग-2 व लेग-3 के नोडल अधिकारी), ईई एमसीजी प्रदीप, ईई जीएमडीए पारिक गर्ग, ईई सिंचाई विभाग झज्जर पुनीत साहनी, ईई सिंचाई विभाग गुरुग्राम जितेंद्र सिंह तथा अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार एसईएसटीएफ के सदस्य भी मौजूद रहे।000
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