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गुडगाँव

एटीएंडसी लॉस को कम करें, जिन गांवों में अभी 24 घंटे बिजली नहीं, वहां भी अविलंब उपलब्ध कराएं: एचईआरसी।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़:नई बिजली दरों को लेकर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के कोर्ट रूम, पंचकूला में गुरुवार को उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) द्वारा दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) याचिकाओं पर जनसुनवाई हुई। इस जनसुनवाई में काफी संख्या में बिजली उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया। हियरिंग में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व शामिल था। जनसुनवाई की अध्यक्षता  एचईआरसी अध्यक्ष नन्द  लाल शर्मा, सदस्य मुकेश गर्ग व शिव कुमार ने की, इस अवसर पर यूएचबीवीएन के एमडी मनी राम शर्मा, डीएचबीवीएन के एमडी विक्रम सिंह सहित निगमों एवं एचईआरसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।नई बिजली दरों को लेकर यह जनसुनवाई करीब 12 बजे आरंभ हुई, जो लगभग चार बजे तक चली। डिस्कॉम्स की ओर से बताया गया कि यूएचबीवीएन के अंतर्गत 3393  गांवों तथा डीएचबीवीएन के अंतर्गत 2517  गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस पर आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने कहा कि जो गांव अभी शेष हैं, वहां भी अविलंब 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

दोनों बिजली वितरण निगमों की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए एआरआर के संबंध में जानकारी दी गई कि नए वित्त वर्ष में 51,156.71 करोड़ रुपये के राज स्व की मांग की गई है,जबकि बताया गया कि इस वर्ष 1,605.16 करोड़ रुपये का सरप्लस होगा, यानी 52,761.87 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो जाएगा। हालांकि, वर्ष 2024-25 के राजस्व घाटे को जोड़ने के बाद इस वर्ष 4,484.71 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा रह जाएगा। इस पर आयोग ने निर्देश दिए कि एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस हर हाल में कम किया जाए और किसी भी सूरत में यह नहीं बढ़ना चाहिए। साथ ही ऋण लेते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वह सस्ती दरों पर लिया जाए। इसके अलावा एवरेज कॉस्ट ऑफ सप्लाई और एवरेज रेवेन्यू रियलाइजेशन के अंतर को न्यून तम करने के निर्देश भी दिए गए। आयोग ने डीएचबीवीएन से अब तक लिए गए ऋण के संबंध में भी जानकारी मांगी।

यूएचबीवीएन की ओर से बताया गया कि उनका डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 9.33 प्रतिशत है, जबकि डीएचबीवीएन का डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 10.26 प्रतिशत है। आयोग ने सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया और कहा कि जब पूरा देश ग्रीन एनर्जी पर फोकस कर रहा है, तो हरियाणा को भी इसमें अपना विशेष योगदान देना चाहिए। इस पर यूएचबीवीएन के चीफ इंजीनियर ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की कुल स्थापित बिजली क्षमता का 40 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी से है।आयोग ने बीबीएमबी से प्राप्त बिजली के बारे में भी जानकारी ली। बताया गया कि बीबीएमबी से 846.14 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है, जिसकी दर लगभग 84 पैसे प्रति यूनिट है। 30 नवंबर 2025 तक प्रदेश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 17,003.91 मेगावाट है। वर्तमान में प्रदेश में 83 लाख 40 हजार 34 बिजली उपभोक्ता हैं।आज की पब्लिक हियरिंग में कई महत्वपूर्ण सुझाव आए, जिन्हें आयोग के अधिकारियों ने दर्ज कर लिया। वहीं, आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने उपस्थित बिजली उपभोक्ताओं से कहा कि जल्द ही आयोग हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जनसुनवाई करेगा। इस क्रम में 10 फरवरी को गुरुग्राम, 24 फरवरी को पानीपत, 25 फरवरी को हिसार तथा 2 मार्च को यमुनानगर में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

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