
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने बृहस्पतिवार को वायनाड के कलपेट्टा में चूरलमाला-मुंडक्कई भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाए जाने वाले घरों की आधारशिला रखी।इस दौरान अपने संबोधन में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भूस्खलन पीड़ितों के पुनर्वास की प्रक्रिया में वे और कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा से उबरने की इस यात्रा में प्रभावित परिवार अकेले नहीं हैं और जब भी उन्हें आवश्यकता होगी, पार्टी उनके साथ रहेगी।

राहुल गांधी ने कहा कि आपदा के समय वायनाड के लोग धर्म, विचार और उम्र से ऊपर उठकर एकजुट हो गए थे। भूस्खलन की तबाही और लोगों की एकजुटता का दृश्य उन्होंने दो बार देखा। पहली बार उन्होंने पाया कि एक पूरा गांव बह गया था। दूसरी बार देखा कि कुछ ही पलों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवा दी।भयानक त्रासदी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने एक छोटे लड़के का उल्लेख किया, जिसने अपने पूरे परिवार को डूबते देखा और उन्हें बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने घर, आजीविका और परिजन खो दिए, लेकिन साहस, हौसला और एक-दूसरे के प्रति करुणा नहीं खोई।
उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों के लिए यह एक घटना हो सकती है, लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए यह आजीवन का दर्द है। उस दिन की स्मृति उन्हें कई वर्षों तक विचलित करती रहेगी।

राहुल गांधी ने यूडीएफ के सहयोगियों का आभार जताया, जिन्होंने घरों के निर्माण और पुनर्वास में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि 2004 में राजनीति में आने के बाद उन्होंने सीखा है कि एक जनप्रतिनिधि को पारदर्शी रहना चाहिए और अपने काम के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी ने भूस्खलन प्रभावितों को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब वे वायनाड वासियों की बेटी, बहन और परिवार की सदस्य बन चुकी हैं। त्रासदी के तुरंत बाद राहुल गांधी के साथ क्षेत्र की अपनी पहली यात्रा का जिक्र करते हुए प्रियंका ने लोगों की बहादुरी, आत्मसम्मान और आपसी एकता की मुक्त कंठ से सराहना की।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यहां के लोगों ने सब कुछ खो दिया था, फिर भी उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित उनकी हिम्मत और एक-दूसरे का साथ देने के तरीके ने किया। उन्होंने बताया कि त्रासदी से प्रभावित छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे अपना व्यवसाय दोबारा शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि मंज़ूरी, भूमि संबंधी मुद्दों और अनुमतियों के कारण प्रक्रिया में समय लगा, लेकिन उन्हें खुशी है कि आखिरकार निर्माण कार्य शुरू हो रहा है।
प्रियंका गांधी ने यह परियोजना भूस्खलन में जान गंवाने वालों और उनके परिजनों को समर्पित की।
प्रियंका गांधी ने यह भी बताया कि कांग्रेस सांसदों ने संसद में बार-बार आवाज उठाई, गृह मंत्री से मिलकर वायनाड आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की, प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और संसद के बाहर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी दलों ने सहयोग किया और आगे भी वे उनके साथ खड़े रहेंगे और उनके जीवन को फिर से संवारने में हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे। इस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, दीपा दासमुंशी, सनी जोसेफ, कुन्हालीकुट्टी और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
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