
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा है कि 2024 में केरल के वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन के पीड़ितों की मदद करने में केंद्र की मोदी सरकार का रवैया सकारात्मक नहीं रहा। अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड दौरे के तीसरे दिन शनिवार को प्रियंका गांधी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि जहां राजनीतिक दलों और स्थानीय संगठनों ने पीड़ितों की मदद के लिए जमीन पर काम किया है, वहीं केंद्र सरकार आर्थिक सहायता देने में उदार नहीं रही।

उन्होंने कहा कि प्रभावितों को मदद दिलाने के लिए संसद में आवाज उठाने, प्रधानमंत्री को पत्र लिखने और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करने के बावजूद केंद्र की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।प्रियंका गांधी ने खेद जताया कि बार-बार मांग के बावजूद केंद्र ने न तो पर्याप्त फंड जारी किया और न ही इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के निरंतर दबाव के बाद केंद्र ने इसे गंभीर प्रकृति की आपदा घोषित किया, लेकिन वित्तीय सहायता अब भी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिली है।

कांग्रेस सांसद ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पीड़ितों के लिए 100 घरों के निर्माण कार्य की शुरुआत हाल ही में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में की गई है।

कांग्रेस सांसद ने थ्रिक्कईपट्टा मे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा मुंडक्कई-चूरलमाला भूस्खलन पीड़ितों के लिए बनाए गए घरों की चाबी सौंपने के समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक प्रयास है और सभी राजनीतिक दलों की सराहना की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब सरकार की मशीनरी पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुई थी, तब स्वयंसेवकों और स्थानीय संगठनों ने जिस बहादुरी से बचाव कार्य शुरू किया, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।दिन में प्रियंका गांधी ने चिप्पिलिथोड में चूरम बाईपास रोड प्रोजेक्ट और सुल्तान बथेरी में प्रस्तावित बैराकुप्पे ब्रिज साइट का निरीक्षण किया।
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