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नई दिल्ली:कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज विशाल जन सभा को संबोधित करते हुए क्या कहा, सुने इस वीडियो में।

अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
श्रीमती प्रियंका गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा – ये शहीदों की धरती है, जांबाज ब्रिगेडियर उस्मान खान की धरती है। मशहूर नाटककार पंडित लक्ष्मीनारायण मिश्र जी की धरती है, इस धरती को मेरा नमन। आज यहाँ खड़े होकर सबसे ज्यादा गर्व इस बात का है कि इतनी सारी महिलाएं दिख रही हैं। देखिए, चुनाव के संदर्भ में मैं आपसे कुछ बातें करने आई हूँ और दिल से मैं वो बात करना चाहती हूँ। मैं आपसे देश और प्रदेश में जो परिस्थितियाँ हैं, जिस तरह की राजनीति चल रही है, उसके बारे में बात करना चाहती हूँ। कुछ बातें समझाना चाहती हूँ और मेरा आग्रह है कि मेरी बातों को आप ध्यान से सुनें ताकि उन पर आप थोड़ा सा चिंतन करें और चुनाव के समय जब पोलिंग में आप जाएंगी, तो आप मेरी बातों को मन में रखते हुए अपना निर्णय लें।

देखिए, सबसे बड़ी समस्याएं आज क्या हैं, उत्तर प्रदेश में? यहाँ तमाम नौजवान खड़े हैं, बताइए कितने हैं नौजवान? यहाँ भी हैं। किसको रोजगार मिला है, पिछले पांच सालों में, किसी को मिला? (जनता ने कहा- नहीं) बहनों आपको मिला? (जनसभा में उपस्थित महिलाओं ने कहा- नहीं) तो बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है, सही बात है? (जनता ने कहा- हाँ) सही है? (जनता ने फिर कहा- हाँ)। महंगाई बहुत बड़ी समस्या है। आज आपको गैस सिलेंडर हजार रुपए में मिल रहा है। सरसों के तेल की बोतल एक दिहाड़ी में नहीं मिलती, ढाई सौ रुपए की है दिहाड़ी उससे कम मिल रही है।पेट्रोल के दाम, डीजल के दाम हद से ज्यादा बढ़ चुके हैं। मेरे किसान भाई बैठे हैं, बुनकर भाई बैठे हैं, कमाई नहीं होती। किसानों को फसल का दाम नहीं मिलता, खाद नहीं मिलती, तमाम परेशानियाँ हैं, छुट्टे जानवर की परेशानी है। बुनकरों के लिए जो पैकेज बना था कांग्रेस के समय में, वो समाप्त तक हो गया है। बड़े- बड़े बिजली के बिल भरने पड़ रहे हैं, रोजी-रोटी कमाना मुश्किल हो गया है। चाहे छोटे दुकानदारों को लीजिए, छोटे बिजनेस वालों को लीजिए, सब महंगाई का सामना कर रहे हैं और कमा नहीं पा रहे हैं।

तो समस्या ये है कि एक तरफ उत्तर प्रदेश की जनता परेशानियों का सामना कर रही है, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की जो समस्याएं हैं, छोटे दुकानदारों की, बुनकरों की, छोटे व्यापारियों की बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं और उन्हें हल करने का काम नहीं हो रहा है, दूसरी तरफ जितने भी राजनीतिक दल हैं, जितने भी नेता हैं, चुनाव के समय जब आपके सामने आ रहे हैं तो इन समस्याओं की बात नहीं कर रहे हैं। वो ये पहचान भी नहीं रहे हैं कि आपकी जिंदगी में कितनी सारी बड़ी-बड़ी परेशानियाँ हैं, उन्हें हल करने की बात ही नही कर रहे हैं। वो आपके सामने आकर कभी पाकिस्तान की बात करेंगे, बुल्डोजरों की बात करेंगे, आतंकवादियों की बात करेंगे, कभी चीन की बात करेंगे, कभी रूस और यूक्रेन के बीच में जो जंग हो रही है, उसकी बात करेंगे, लेकिन आप जो रोजाना, हर रोज एक जंग लड़ रहे हैं, अपनी रोजी-रोटी को कमाने के लिए, जो संघर्ष आप कर रहे हैं, जिस संकट मे आप हैं, उसकी बात कोई नहीं कर रहा है। अब आपको समझने की जरुरत है कि ये क्यों हो रहा है। इन नेताओं को, इन राजनैतिक दलों को किसने इतनी हिम्मत दे दी कि ये आज आपके सामने खड़े होकर कह सकते हैं, इस देश के प्रधानमंत्री जी ने खुद कहा कि उन्हें संज्ञान ही नहीं था कि यहाँ पर छुट्टे जानवर की समस्या है, उत्तर प्रदेश में।
पांच साल इनकी सरकार केन्द्र में, पांच साल प्रदेश में इनके मुख्यमंत्री, इनकी सरकार और इतनी हिम्मत दे दी है आपने कि आपके सामने आकर कहते हैं कि उनको मालूम ही नहीं है कि आपकी समस्याएं क्या हैं। चुनाव के समय अचानक उनको जानकारी मिल जाती है और कहते हैं कि इसको हल करने का हम सुझाव देंगे। तो इन सब नेताओं को इतनी हिम्मत मिल गई है, इतनी बुरी आदत डाल दी है, आप लोगों ने कि आकर कुछ भी बहकी- बहकी बातें कर लें, खोखली घोषणाएं दे देते हैं, चुनाव के समय हम ऐसा करेंगे, 70 लाख रोजगार बनाएंगे। किसी ने आपको समझाया कि 70 लाख रोजगार कहाँ से बनाएंगे, कैसे आएंगे, किसी ने नहीं कहा। बस बड़ी-बड़ी खोखली घोषणाएं और जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा है और ये हिम्मत इनको मिली कैसे? सोच लीजिए, चाहे बसपा का नेता हो, चाहे समाजवादी दल का नेता हो, चाहे भाजपा का नेता हो, एक चीज वो बहुत स्पष्ट तरह से जानता है, वो जानता है कि जब धर्म की बात करेगा, जब जाति की बात करेगा, तो आपके जज्बात उभरेंगे। वो जानता है कि जब इन चीजों को उठाएगा, तो आप उससे जुड़ जाओगे। वो जानता है कि अगर वोट लेने का एक माध्यम है, इस प्रदेश में, तो वही है, जाति और धर्म के नाम पर। जान गया, अब बताइए जान गया, पांच साल बाद आकर वही बातें करके वोट ले लेगा आपका, तो फिर आपके लिए काम क्यों करेगा, कभी सोचा है, आपने? सोचिए।
आपके घर में मान लो एक बेटा है, 25 साल का हो गया। आपने खूब मेहनत से पढ़ाया- लिखाया और उसको बनाया, अब वो घर पर बैठकर पूरे दिन टीवी देखता है, कहता है, मुझे मोबाइल फोन दीजिए, आप कहीं से जुगाड़ करके वो भी दे देते हैं। कहता है, मुझे मोटर साइकिल चाहिए, कहीं से आप जुगाड़ करके वो भी दे देते हैं। खाना-पीना, आप मेहनत करते हो, खेतों में, अपने व्यापारों में उसको मेहनत से आप खाना-पीना भी दे देते हो, नए कपड़े भी खरीद देते हो, अब 25 साल का हो गया है, घर पर बैठा है, क्या बनेगा? सक्षम बनेगा, सशक्त बनेगा, आपके लिए काम करेगा कुछ, कमाने की कोशिश करेगा, बाहर जाकर नौकरी ढूंढ़ने की कोशिश करेगा (जनता ने कहा- नहीं), नहीं करेगा न, क्योंकि आपने तो निकम्मा बना दिया। जो चाहता है, उसको मिल रहा है। तो यही काम आपने नेताओं के साथ कर डाला। जो चाहिए वो तो मिल रहा है, हर पांच साल। कोई मेहनत नहीं करनी पड़ रही, सिर्फ आपके जज्बातों को उभारना पड़ रहा है। मैं भी खड़े होकर आपसे बड़ी-बड़ी बातें कर सकती हूँ। बता सकती हूँ कि आपके धर्म की सुरक्षा करूँगी मैं, आपके धर्म को सक्षम बनाऊँगी, जाति की बात कर सकती हूँ, लेकिन क्यों करूँ। क्या इन बातों से आपका पेट भरेगा? क्या इन बातों से आपका भविष्य बनेगा? क्या इन बातों से ये नौजवान, जो यहाँ खड़े हैं, इनको रोजगार मिलेगा, अपने पैरों पर खड़े हो पाएंगे, क्या ये कमाकर आपकी देखभाल कर पाएंगे? इन बातों से सिर्फ नेताओं का पेट भरेगा, इन बातों से सिर्फ ऱाजनीतिक दल आगे बढ़ेंगे। सत्ता आती रहेगी, आती रहेगी, ये नीतियाँ बनाते रहेंगे, अपने बड़े-बड़े उद्य़ोगपति मित्रों के लिए और देश के गरीब, देश के नौजवान, देश की महिलाओं को उसी खाई में छोड़ेंगे और उस खाई मे जानबूझकर छोड़ेंगे, बहनों, जानबूझकर।
ये बगैर सोचे-समझे नहीं कर रहे हैं ये बात, क्योंकि वो जानते हैं, जब तक आप गरीब रहोगे, जब तक आप अशिक्षित रहोगे, जब तक आप अपने पैरों पर खड़े होकर कमाओगे नहीं, तब तक आपके जज्बातों का इस्तेमाल करना तो और भी आसान होगा। जिस दिन आप सशक्त हो जाओगे, जिस दिन पैरों पर खड़े होगे, जिस दिन कमाओगे, उस दिन से पूछना शुरु करोगे, कि भई तुम आए हो बड़े-बड़े भाषण देने के लिए तुमने किय़ा क्या है हमारे लिए, उस दिन से जागरुक बनोगे। तो तुम्हें गरीब रखना, अशिक्षित रखना, विकसित नहीं करना, ये तो इनकी योजना है, ये जानबूझकर किया जा रहा है। वरना बताइए, मेरे सारे नौजवान भाई यहाँ खड़े हैं, बताइए, रोजगार कहाँ से मिलता है? कोई बताएगा? कोई आपके सामने नेता आए और बोले 70 लाख रोजगार दिलवाऊँगा। कहाँ से दिलवाएगा, जानते हैं, आप? तीन ही जगह है और समझ लीजिए इस बात को, गंभीर बात है। तीन ही जगह हैं, जहाँ से रोजगार मिल सकता है। सबसे पहले सरकारी जो पद होते हैं, सरकारी जो नौकरियाँ होती हैं। अब मिसाल के तौर पर आप देखिए कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले पांच सालों में क्या किया है? आपको बताया था 70 लाख रोजगार देंगे, पिछले चुनाव में, अब कह रहे हैं 4 लाख दिलवाए हैं। असलियत ये है कि वो 4 लाख दिलवाए नहीं हैं, वो एप्लिकेशन खोले हैं, उन 4 लाख रोजगार के लिए, वो भी कुछ ही समय पहले। 5 सालों से इन्होंने 12 लाख रोजगार के पद खाली रखे हैं। ठीक है! 12 लाख पद खाली हैं, 12 लाख से शायद दोगुना या तीन गुना बेरोजगार नौजवान खड़ा होगा, अगर पूरे उत्तर प्रदेश में आप देखें। तो क्या हुआ, क्या उनको बेरोजगार नौजवान नहीं मिले? क्यों नहीं भरे पद, क्यों नहीं भरे, क्योंकि ये इनकी योजना है।अब दूसरी जगह जहाँ से रोजगार मिल सकते हैं, बड़े-बड़े पीएसयू, जो संस्थाएं हैं, जैसे बीएचइएल, एचएएल, रेलवेज, आईटीआई, एनटीपीसी, ये सब। यहाँ से रोजगार खूब पैदा होते है, इसलिए बनाए गए थे। पंडित नेहरु के समय में शुरु हुआ ये काम और बाकी कांग्रेस की सरकारों ने ये संस्थाएं इसलिए बनाई, ताकि पब्लिक की हों। ये संस्थाएं आपकी हैं, देश की हैं। यहाँ से खूब रोजगार पैदा होता था। अब इन्होंने क्या किया है, नरेन्द्र मोदी जी ने, सारे के सारे बेच डाले हैं और जिनको नहीं बेचा अभी तक उनको बेचने की योजना बना दी है, जैसे बीएचईएल, रेलवेज और किसको बेचा है, ये देखिए, समझने की बात है, अपने दो-तीन बड़े-बड़े उद्योगपति दोस्तों को। ज्यादा नहीं हैं, ये नहीं है कि सब बड़े उद्योगपतियों को कह दिया कि भई, तुम एक ले लो, तुम एक ले लो। नहीं, सिर्फ दो-तीन उद्योगपति दोस्तों को ये सारी संस्थाएं बेची जा रही हैं, ठीक है, और बिक गई हैं आधी। तो वहां से तो रोजगार आने वाला नही है, ऊपर से जैसे ही प्राईवेट बनेंगी, सारे आरक्षण खत्म। तो ठीक है, वहाँ से तो रोजगार नहीं बनने वाले, न आरक्षण मिलने वाला है।अब तीसरी कौन सी जगह है- तीसरी सबसे बड़ी जगह, जहाँ से रोजगार बन सकता था, वो है, खेती। खेती और जो छोटे दुकानदार, छोटे बिजनेस हैं, जैसे बहुत सारे बुनकर भाई खुद काम करते हैं। अब इनको क्या किया आपने- जीएसटी थोप दी, नोटबंदी थोप दी, लॉकडाउन के समय, कोरोना के समय कोई राहत नहीं दी। किसानों को आप उपज का दाम नहीं दे रहे हैं, पेट्रोल-डीजल के दाम आपने आसमान में उड़ा दिए। किसान काम नहीं कर पा रहा है। छुट्टे जानवर की समस्या है, उसको सुलझाने के लिए आपने कुछ नहीं किया। तो जो खेती करता है, वो दूसरों को और क्या रोजगार देगा, बेचारा, खुद ही नहीं कमा पा रहा है। जो छोटा दुकानदार है, छोटा व्यापारी है, वो खुद ही अपनी रोजी-रोटी कमा नहीं पा रहा है, वो अब क्या रोजगार देगा। तो जो तीन जगह थी, जहाँ से रोजगार मिल सकते थे, उनको तो आपने खत्म ही कर डाला न।तो जब आपने खत्म कर डाला, तो आप रोजगार देने की कैसे बात कर सकते हैं, किस मुंह से आप कह रहे हैं कि आप 70 लाख रोजगार देंगे। नहीं दे सकते आप। जो रोजगार देने के साधन थे, वो तो सारे खत्म कर डाले आपने। तो ये आपकी योजना है, ये आपकी नीति है। नहीं तो इतने सालों से कैसे चली आ रही है? नहीं तो किसान की इतनी परेशानियाँ, आपने हल करने की कोशिश ही नहीं की। छुट्टे जानवर को लीजिए, छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस की सरकार है, तीन सालों से। उनको भी मालूम था, छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ी समस्या थी, उन्होंने क्या किया, सोचा कि कैसे इसको हल कर सकते हैं, कहा कि देखिए, पब्लिक को कहा आप सब जानवर को अपने घर में रखिए, देखभाल करिए, सरकार आपसे दो रुपए किलो में गोबर खरीदेगी। उस गोबर की गोबर गैस बनाई जाएगी, उस गोबर की अच्छी-अच्छी खाद बनाई जाएगी। किसानों की सुविधा हो जाएगी, आप जानवर की देखभाल करेंगे, आपकी थोड़ी कमाई हो जाएगी।मैं आपको बता रही हूँ कि पिछले तीन सालों से छत्तीसगढ़ में ये समस्या खत्म हो गई है। है ही नहीं और आज यहाँ भाजपा की सरकार तमाम धर्म की बातें करते हैं और उन्होंने क्या किया, गौशालाएं बना दी, बोला जाओ, छुट्टे जानवर को पटक दो वहाँ। गौशालाओँ में छत नहीं है, पानी नहीं है, चारा नहीं है। जेसीबी से उठाकर गाय को गाढ़ रहे है, जिंदा गाय है। जिंदा गाय पड़ी हुई हैं, खाने-पीने के बिना लेटी हुई हैं, बड़े-बड़े घाव हैं, कुत्ते खा रहे हैं, उनको, जंगली। ये सारे वीडियो पिछले साल जारी हुए, तो ये धर्म है, इनका? ये धर्म सिर्फ इस्तेमाल के लिए है, सिर्फ इनकी राजनीति के लिए है, सत्ता के लिए है।
अब मेरी बहनों को देखो, इनको सशक्त करने की बात कौन कर रहा है? इन पर अत्याचार होता है, आपके मुख्यमंत्री कहते हैं- यहाँ तो बहुत सुरक्षा है महिलाओं की। कौन सी सुरक्षा? हर दो दिन तो मैं जा रही हूँ किसी के घर, जिसका बलात्कार हो रहा है, जिसको मार डाला गया है, जिसकी बेटियों को मार डाला गया है, वहाँ जाती हूँ, पूछती हूँ कि सरकार ने मदद की, सबसे पहला जवाब मुझे मिलता है- दीदी, नहीं। पुलिस वालों ने, प्रशासन वालों ने तो अपराधी की मदद की है, हमारी तो एफआईआर ही दर्ज नहीं हो रही है। फिर हम लोग आदोंलन करते हैं कि एफआईआर दर्ज करो, अपराधी को पकड़ो, ये है इनकी सुरक्षा। सुरक्षा आप छोड़िए, इनको शिक्षित करने की बात कौन कर रहा है। नौकरी दिलवाने की बात कौन कर रहा है? कांग्रेस पार्टी कहती है कि देखिए, 40 प्रतिशत रोजगार सब महिलाओं को देंगे, उन्होंने कुछ कहा है ऐसा- कुछ नहीं है, क्योंकि इनकी सोच में ही नहीं है, मानसिकता में ही नहीं है। इनकी मानसिकता यही है कि नौजवान बेरोजगार रहे, महिला कभी सक्षम न बने, किसान अपने पैरों पर न खड़ा हो पाए और सबका फायदा उठाया जाए, जब चुनाव आए हम लोग सत्ता में रहें, यही हमारा एक लक्ष्य है और इसके लिए हम कुछ भी कर लेंगे। आपको बड़ी-बड़ी धर्म, मंदिर, मस्जिद इन सब बातों से हम गुमराह कर लेंगे।तो अब आपको समझना पड़ेगा कि इस चुनाव में क्या तय हो रहा है। इस चुनाव में आप ये तय नहीं कर रहे हो कि भाजपा आएगी या बसपा आएगी या समाजवादी आएगी या कांग्रेस आएगी, इस चुनाव में आप तय कर रहे हो कि आपके प्रदेश की राजनीति अब किस दिशा में जाएगी। दशकों से आपके प्रदेश में आपने ये प्रयोग किया है। जाति और धर्म पर आपने राजनीति को चलने दिया है, फूलने-फलने दिया है और आज हालात ये बन गए हैं कि कोई नेता काम करने को राजी ही नहीं है। वो सब जान गए हैं कि जनता भोली-भाली है, इनको गुमराह कर लेंगे और सत्ता में रहेंगे। तो अब जनता जागेगी कब, आप कब जागोगे? इतने सारे नौजवान जो यहाँ खड़े हैं, कब अपना हक मांगोगे? आपको ऐसी सरकार चाहिए, जो आपको एक बोरा राशन पकड़ा देती है और कहती है कि एहसान किया है, आप पर। प्रधानमंत्री खुद कह रहे हैं कि उन्होंने एक बूढ़ी अम्मा का वीडियो देखा, जिसमें वो अम्मा कह रही है कि मैं मोदी जी के साथ गद्दारी नहीं करूँगी, क्योंकि मैंने मोदी जी का नमक खाया है। मुझे राशन का बोरा भेजते हैं। ये चाहिए आपको कि एक प्रधानमंत्री कह रहा है कि आपने उसका नमक खाया है? मेरे परिवार में दो प्रधानमंत्री रहे, किसी ने कभी ऐसी बात नहीं की। उनके दिमाग में घुसी नहीं ऐसी बात। वो जानते थे कि वो आपके सेवक हैं। वो जानते थे कि एहसान आपने उन पर किया है। वो जानते थे कि नेता आपने बनाया। वो जानते थे कि सत्ता आपकी है। जानते थे कि सत्ता उधार में दी है आपने। उनका काम, उनका कर्तव्य था कि आपकी सेवा करें और मैं आपको कहना चाहती हूं कि उत्तर प्रदेश की कांग्रेस में आज हर कार्यकर्ता, हर नेता हर पदाधिकारी ये जानता है। ये जानता है कि उसका कर्तव्य आपके लिए काम करना है। वो नहीं समझता कि कोई एहसान करेगा आप पर। आप पर अत्याचार होता है, सबसे पहले आज आपके पास कांग्रेस का कार्यकर्ता पहुंचता है। आपको कोई भी दुख, कोई भी पीड़ा हो, सबसे पहले कांग्रेस का कार्यकर्ता पहुंचता है, क्यों, क्योंकि वो इस बात को समझता है। अरूण वाल्मीकि को पीटा गया आगरा में, कौन गया उसके साथ संघर्ष करने के लिए? उसके परिवार के लिए न्याय मांगने के लिए कांग्रेस पार्टी गई। हाथरस में एक महिला के साथ बलात्कार हुआ, कौन पहुँचा वहाँ- कांग्रेस पार्टी के नेता। हम लोगों ने आंदोलन किया, तभी जाकर कुछ न्याय मिलने की उम्मीद भी हुई उन्हें।किसानों को कुचला गया लखीमपुर खीरी में। आपने तो इतनी हिम्मत दे दी है भाजपा के नेताओं को कि मंच पर उस मंत्री को खड़ा कर रहे हैं, जिसके बेटे ने किसानों को खुलेआम कुचल डाला, अपनी जीप के नीचे और मंच पर खड़े हैं, इस्तीफा भी नहीं मांग रहे हैं। उस लड़के को जमानत मिल गई है, खुला घूम रहा है, रिहा होने वाला है। इतनी हिम्मत दे दी है आपने कि कुछ भी हो जाए, जनता पर कुछ भी बरस जाए, कुछ भी समस्या आए, कोई भी संकट आए, कोई बात नहीं, हमें तो धर्म पर वोट मिलना ही है। बदल दीजिए, बहनों और भाईयों। बर्बाद हो रहे हो, आपका प्रदेश बर्बाद हो रहा है, आपके भविष्य बर्बाद हो रहे हैं।मैं ऐसे नौजवानों से मिलती हूँ, जो 5-5, 6-6 साल से इंतजार कर रहे हैं, अपनी नियुक्ति के लिए। परीक्षाएं दे रखी हैं, पास हो गए हैं, परीक्षा रद्द हो जाती है। पास होने के बाद कट ऑफ चेंज हो जाती है, घोटाले ही घोटाले हैं, भ्रष्टाचार है, रोते हैं, मेरे साथ रोते हैं बोलते हैं कि हम क्या करें, दीदी, 6 साल निकल गए, हमारी तो उम्र ही निकल गई है, अब क्या करेंगे। सरकार में कोई सुनवाई नहीं है। आप आवाज उठाते हो, सरकार दमन करती है।मैं आशा बहुओं से मिली हूँ। अपना मानदेय बढ़ाने के लिए खड़ी हो गईं थी। कहीं सभा में गईं थी, मुख्यमंत्री जी की सभा में उनको इस तरह से बेरहमी से पीटा गया, बस में ले जाकर, पुरुष पुलिस कर्मियों ने उनके गले दबाकर उनको पीटा कि तुमने सोचा कैसे कि तुम अपना हक मांगोगी। लेकिन ये सब आपका हक है, बहनों। भाईयों, ये सब आपका हक है। रोजगार आपका हक है। शिक्षा आपका हक है। सुरक्षा आपका हक है, सक्षम होना आपका हक है। उपज का दाम मिलना हक है। ये सब आपके हक हैं, इनको ठीक ढंग से समझिए। ये जो वोट है न, बहुत बड़ा हथियार है, इसको ऐसे मत गंवाओ। नेता को कभी भगवान नहीं बनाना चाहिए, कभी नहीं। नेता का काम है, आपके लिए काम करना, कभी भगवान मत बनाओ, इंसान है। उससे काम निकालो, उसको जवाबदेह बनाओ, उसको ये एहसास होना चाहिए कि आपने बनाया है।आज मैं आपके सामने आई हूँ। मैं आपको बताना चाहती हूँ कि नौजवानों के लिए कांग्रेस पार्टी ने पूरा खाका तैयार किया है और उसको हमने नाम दिया है, ‘भर्ती क्रांति’। उसमें हमने समझाया है, एक-एक चीज समझाई है कि ये 20 लाख नौकरी, जो हम कह रहे हैं, हम में देने की क्षमता है, ये कहाँ से आएगी, कौन से विभाग में है, कितने हैं, कब तक ये नियुक्तियाँ हो सकती हैं। ये जो परीक्षा में घोटाले हो रहे हैं, इसके लिए जॉब कैलेंडर बनाएंगे। इसमें परीक्षा की तारीख, रिजल्ट की तारीख और नियुक्ति की तारीख लिखी जाएगी और अगर किसी अधिकारी ने या किसी ने भी, किसी नेता ने भी इसमें फेरबदल करने की कोशिश की, बेईमानी करने की कोशिश की, एक कानून लाया जाएगा कि उस पर सख्त कार्रवाई हो, जब परीक्षा देने के दिन और नियुक्ति के दिन के बीच 6 महीने से ज्यादा नहीं जाने देंगे। 6 महीने के अंदर-अंदर नियुक्ति होगी, आपकी। 8 लाख रोजगार हम पैदा करेंगे, आपको सशक्त करके।अगर आपमें से कोई ऐसे नौजवान हैं, जो एक छोटा सा कारोबार या एक छोटा सा बिजनेस शुरु करना चाहते हैं, तो सरकार आपको 5 लाख रुपए एक प्रतिशत ब्याज पर देगी, ताकि आपको खड़े होने का साधन मिले, उसके बाद जब आप कमाएंगे तो थोड़ा बहुत वापस आप लौटाते रहेंगे। इस तरह से 12 लाख सरकारी पद, जो खाली पड़े हैं, सबसे पहले हम उनको भरेंगे। तो नौजवानों को खड़ा करने के लिए, इनके रोजगार के लिए खूब योजना बनाई है। जहाँ-जहाँ हुनर है, और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हुनर है, जहाँ-जहाँ हुनर है, जैसे मुरादाबाद में पीतल का है, कानपुर मे लैदर का है, कहीं और कुछ और चीज का हुनर है, वहाँ उस हुनर के लिए पूरी सुविधाएं देंगे, ताकि वहाँ पर आपको अगर उस हुनर के साथ कुछ काम करना हो तो सबसे आसान होगा आपके लिए, खासतौर से अगर आप नौजवान होंगे।इसी तरह से किसानों के लिए, जो छत्तीसगढ़ में हमने योजना लागू की है, छुट्टे जानवरों के लिए, वही आपके लिए यहाँ लागू करना चाहते हैं। आपको 2,500 रुपए क्विंटल गेहूँ और धान का मिलेगा, क्योंकि छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस की सरकार दे रही है। गन्ने के लिए 400 रुपए मिलेंगे। आपके जो बड़े-बड़े बिजली के बिल आते हैं, इनको आधा किया जाएगा और जिसके पास सबसे ज्यादा कोरोना का जो बकाया था, जिससे त्रस्त थे, परेशान थे, उस कोरोना के बकाये को भी साफ किया जाएगा।किसानों के लिए छुट्टे जानवर की समस्या के लिए भी मुआवजा मिलेगा, 3,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से। मेरी बहनों के लिए, आशा बहुओं और आंगनबाड़ी की बहनों के लिए, जो आप आंदोलन कर रहीं थी, आपको 10 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा, क्योंकि दिया जा सकता है, ये सरकार भी कर सकती थी।आप आज अस्पताल में जाती हैं, तो ब्लॉक के अस्पताल में आपको पुरुष डॉक्टर मिलता है, हम चाहते हैं कि हर अस्पताल में महिला डॉक्टर, महिला नर्स मिले आपके लिए। मेरी नौजवान बहनों, जितने भी सरकारी रोजगार हैं, उनमें से 8 लाख रोजगार सिर्फ महिलाओं को मिलेगें। पुलिस में 25 प्रतिशत भर्तियाँ महिलाओं की होंगी। ये जो एफआईआर न दर्ज करने की बात है, जब आप पर अत्याचार होता है, तो अपराधी के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती। आप पर अत्याचार हुआ और 10 दिन के अंदर-अंदर एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो हम कानून लाएंगे कि जिसने दर्ज नहीं किया है, उस अधिकारी का सस्पेंशन होगा।मेरी बहुत सारी छात्राएं दिख रही हैं, यहाँ आपके लिए मोबाइल फोन मुफ्त मिलेगा ताकि आप ऑनलाइन पढ़ाई कर पाएं, वो आपको मुफ्त मिलेगा। आपको स्कूटी मिलेगी ताकि आपको यहां से, यूनिवर्सिटी से घर जाने में और यहाँ आने में आसानी हो, सुविधा हो। और आपके लिए बहुत सारी योजनाएं बनाई हैं, आपकी सेहत के लिए, आपके सशक्तिकरण के लिए, आपके रोजगार के लिए, तो ये सब बातें हैं।

बुनकरों के लिए स्पेशल पैकेज आएगा। फ्लैट रेट पर बिजली दी जाएगी, तो देखिए, ये सब बातें हैं, जो आपके सामने होनी चाहिए, यही तो आपकी समस्याएं हैं। इनको हल करने की बात होनी चाहिए और अगर हम भी आपको ऐसी खोखली घोषणा देकर चले जाएं, 5 साल में नहीं करें, तो हमें भी निकाल दो, लेकिन कुछ तो जवाबदेही होनी चाहिए। ऐसे थोड़े ही चला जा सकता है कि साल निकल गए, दशक निकल गए। ये स्वतंत्रता सेनानियों की जमीन है। यहाँ पर अपने सीने पर, अपनी छाती पर गोलियाँ खाई हैं, शहीद हुए हैं, यहाँ के स्वतंत्रता सेनानी ने, किसलिए? किसलिए खून बहाया, किसके पूर्वज थे वो- आप ही के तो पूर्वज थे। किसलिए आजादी दिलाई आपको, ताकि आप इस खाई में रहें औऱ कोई नेता आपका धर्म के आधार पर, जाति के आधार पर इस्तेमाल करके सत्ता में रहे, तानाशाह बन जाए, जिस तरह से अंग्रेज दबाते थे आपको, उसी तरह से दबाए? आप आंदोलन करते हो, अपने हक मांगते हो, आपको पीटा जाए आपको जेल में डाला जाए, आपको नौकरी न मिले, ताकि आप कभी आजाद न हों?देखिए आप आजाद तब होंगे, जब आपकी कमाई होगी, जब आप अपने पैरों पर खड़े होगे, जब आप सशक्त बनोगे, जब महिलाएं सशक्त होंगी, नौजवान सशक्त होंगे, तभी तो आपका भविष्य बनेगा, तभी तो आप आजाद होंगे। तो अपना खून इन लोगों ने इसलिए नहीं बहाया ताकि आप अपनी सारी सत्ता किसी और को सौंप दो। ये आपकी सत्ता है, ये लोकतंत्र है। इसमें ये जो वोट है न, आपकी शक्ति है। इसको समझिए, इसको ध्यान से इस्तेमाल करिए।जब चुनाव आएगा, तो इस बात को गहराई से समझिए कि ये चुनाव आपका भविष्य तय कर रहा है। आपके बच्चों को रोजगार मिलेगा कि नहीं, आपके नेता आपके प्रति जवाबदेह बनेंगे कि नहीं, क्या महंगाई घटेगी, क्या आपको किसानी करने में कोई मदद करेगा, सहायता मिलेगी, आपको? अगर आप बुनकर है, आप फिर से कमा पाएंगे? तो आपके सामने जितने भी नेता आते हैं, उनसे ये सवाल पूछो। ये पाकिस्तान, बुल्डोजर आतंकवाद की बातें, सब इनके लिए हैं। इससे आपका सिर्फ और सिर्फ नुकसान होगा। तो यही बातें करने मैं आई थी। आपसे आग्रह करने आई थी कि अपने देश, प्रदेश की राजनीति को गहराई से समझना शुरु करो, जागरुक बन जाओ और एक ऐसी पार्टी को आप सत्ता में लाओ, अपने प्रदेश में जो आपके लिए काम करने के लिए समर्पित है। बहुत जरुरी है। हम भर्ती क्रांति लाना चाहते हैं, हमारा नारा- लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ, का इसलिए हमने बनाया क्योंकि हम चाहते हैं कि यहाँ बैठी हर छात्रा सशक्त हो, बड़ी होकर ये भी कमाए। इसको राजनीति में भागीदारी मिले। आज 40 प्रतिशत महिलाएं लड़ रही हैं कांग्रेस के टिकट से, ठीक है, हो सकता है हार जाएं, न जीतें, लेकिन सशक्त बन रही हैं। वही महिला जिसको पीटा गया, जो योगी जी की सभा में गई थी, अपना मानदेय मांगने के लिए आज मेरे साथ मंच पर खड़ी होती हैं, भाषण देती हैं, उसको गर्व है, अपने आप पर और लड़ रही हैं, अपने हक के लिए। हमने उससे कहा- सत्ता ने तुमसे ये किया न। सत्ता ने तुम्हें मारा-पीटा, कुचला, अब सत्ता अपने हाथों में लो, क्योंकि ये सत्ता तुम्हारी है औऱ यही मैं आप सबको कह रही हूँ, ये सत्ता आपकी है, अपने हाथों में ले लो इसको। मत बर्बाद करो अपने जीवन को। मत बर्बाद करो अपने भविष्य को, अपने प्रदेश को बचाओ, अपने देश को बचाओ। एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, कोई छोटी जिम्मेदारी नहीं है। सोच-समझकर अपना वोट इस्तेमाल करो। जागरुक बनकर इस बार ऐसे इंसान को अपना वोट दो, ऐसे प्रत्याशी को, जो ईमानदार हो, जो आपके लिए दिन-रात एक करने के लिए तैयार हो। अमरेश चन्द पाण्डेय जी, वैसे ही प्रत्याशी हैं। इनको आगे बढ़ाइए कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाइए, उत्तर प्रदेश में ताकि आप सशक्त बनें और आपका प्रदेश आगे बढ़े। इस प्रदेश में सबसे ज्यादा हुनर है, सबसे ज्यादा नौजवान हैं, सबसे ऊपजाऊ जमीन है, सबसे बड़े-बड़े उद्योग यहाँ पर बन सकते हैं, अपने प्रदेश को पीछे मत जाने दीजिए, इसको आगे बढ़ाइए। आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत ध्यान से सुनी आपने बातें, मन में जरुर रखिए और वोट करने जाएंगी और जाएंगे आप तो बहुत ही ध्यान से अपना वोट दीजिए।

धन्यवाद, जय हिंद।

लड़कियों एक बार बोलो मेरे साथ – लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ। लड़की हूँ, (जनसभा में उपस्थित महिलाओं ने कहा- लड़ सकती हूँ), लड़की हूँ, (जनसभा में उपस्थित महिलाओं ने फिर कहा- लड़ सकती हूँ), लड़की हूँ, (जनसभा में उपस्थित महिलाओं ने एक बार फिर कहा- लड़ सकती हूँ)। शाबाश।

जय हिंद।

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