Athrav – Online News Portal
दिल्ली नई दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय

नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम के नाम रखने पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना-देखें वीडियो

नई दिल्ली / अजीत सिन्हा
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज एक व्यक्ति बहुत मायूस होंगे, उनका नाम है – लालकृष्ण आडवाणी जी। वो सोच रहे होंगे काश कि,वह भी जब उप प्रधानमंत्री थे, तो वो भी अपने नाम पर कुछ करा देते। खैर, अब तो चूक गए। लेकिन मोदी जी बहुत समझदार हैं। आडवाणी जी की जिंदगी से वो यह सीखे हैं कि किसी और पर भरोसा नहीं होना चाहिए। जैसे जो हाल उन्होंने आडवाणी जी का बनाया, उन्हें भय रहता है कि जो है, मैं जब तक प्रधानमंत्री हूँ, अपने नाम पर भी कुछ कर जाऊँ। इतिहास आपको तब याद रखता है, जब आप कुछ ऐतिहासिक काम करते हैं। इन्हें मालूम है, इन्होंने कोई ऐतिहासिक काम नहीं किया है।

ऐसा भी नहीं कि कोई नया स्टेडियम बनाया हो। स्टेडियम भी वो स्टेडियम है, जो 1983 में जिसका उद्धघाटन हुआ था। पुराने स्टेडियम को नया किया, उसका नवीकरण किया, जैसा कि वह योजनाओं का भी नाम बदल देते हैं। जैसा कि कई-कई और या तो नाम बदले हैं, या उनका नवीनीकरण कर दिया और अपना नाम लगा दिया। मोटेरा स्टेडियम, सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर एक स्टेडियम है। गुजरात के दो सपूत हुए – मोहन दास करमचंद गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल। 2017 में खादी ग्रामोद्योग का कैलेंडर आपको याद होगा, जहाँ गांधी जी को वणक्कम कर दिया था और खुद आ गए थे नरेन्द्र मोदी जी बैठ गए थे। आज सरदार पटेल जी को भी वणक्कम कर दिया। नफरत किससे है? ये देश की धरोहर है। अब उन्होंने वो महात्मा गांधी हों, सरदार वल्लभ भाई पटेल हों, नेताजी सुभाष चंद्र बोस हों, उन्होंने आरएसएस को ठुकराया, उस विचारधारा को ठुकराया तो उसमें पूरे देश का क्या कसूर था? उन्होंने सही ठुकराया। आज आप बदला किस बात का ले रहे हो उनसे, सिर्फ इस बात का कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस पर पाबंदी लगाई थी। आपमें से कुछ लोगों को मालूम होगा कि आरएसएस के हेडक्वार्टर पर एच. वी. शेषाद्री (H V Seshadri) द्वारा लिखित पुस्तक सरदार वल्लभ भाई पटेल की निंदा करते हुए, वो मुफ्त में बांटी जाती थी, अब 100 रुपए लिए जाते हैं। क्योंकि अब हर चीज को कॉमर्शियल कर दिया आरएसएस ने। मुफ्त में बांटी जाती थी आरएसएस के हेडक्वार्टर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के खिलाफ पुस्तक। ` The tragic story of Partition’ उस पुस्तक का नाम था। तो सरदार वल्लभ भाई पटेल के तो ये खिलाफ शुरु से रहे हैं और कारण स्पष्ट है। कारण ऐतिहासिक है। कारण वो इतिहास है, जिस इतिहास में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की जनभावना का आदर करते हुए आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था। आज उस बात का बदला नरेन्द्र मोदी जी ने ले लिया है। जिस वजह से प्रधानमंत्री आरएसएस उन्हें बनाना चाहती थी, शायद आज वो मकसद हल हो गया है। आज वो उन्हें हासिल हो गया है। ठेस पहुंचती है देश की आत्मा को। जब आप इतने बड़े नेता के नाम को हटाकर अपना नाम लाना चाहते हैं। क्या आपको भरोसा नहीं है कि कल को कोई और प्रधानमंत्री होंगे, किसी भी पार्टी के हों वो, तो वो आपका नाम नहीं कहीं आएगा। ये भरोसा तब नहीं होता, जब आपको अपनी असलियत का पता होता है।

अभी मैं देख रहा था, फिर नक्शा भी देखा, उस स्टेडियम का। नाम नरेन्द्र मोदी स्टेडियम। गेस्ट ऑफ ऑनर अमित शाह। एक एंड अडाणी एंड, दूसरा एंड रिलायंस एंड। पिच के नाम पर भी कुछ सोचना चाहिए। वैसे तो मोदी जी के नाम पर पिच होगी तो स्पिन अच्छा आएगा उसमें। स्पिन अच्छी आएगी उसमें। तो इस स्टेडियम का नाम, इस स्टेडियम का जो आज हमने एंड, इसके नाम और वो सब देखे हैं इसमें, आज के भारत की कहानी इस एक स्टेडियम में दिख रही है। कैसे जो देश की धरोहर है, उससे खिलवाड़ किया गया है। कैसे हमारे जो महापुरुष हैं, जिनको पूरे अंतरहृदय, International icons माना जाता है, उनको दरकिनार किया जा रहा है। उनकी शिक्षा को, उनकी संस्कृति को दरकिनार किया जा रहा है और एक नई संस्कृति को थोपा जा रहा है इस देश पर। वो संस्कृति आज वो सिर्फ आप नक्शा देखेंगे स्टेडियम का और फिर नाम देखेंगे, तो आपको समझ में आ जाएगा, कि इस देश पर क्या थोपा जा रहा है? क्यों बार-बार राहुल गांधी जी क्रोनी कैपिटलिस्ट की बात करते हैं, क्यों बार-बार राहुल गांधी मोदी जी, जिस तरह की संस्कृति इस देश में ला रहे हैं, उसके बारे में बात करते हैं। आज उसका उत्तर आपको मिलेगा।

Related posts

सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली@2047 प्लेटफार्म को लांच किया।

Ajit Sinha

पीएम मोदी चुनाव नहीं होते तो पाकिस्तान से प्यार जताते हैं, चुनाव आते ही “बंटवारे” की शरण में चले जाते हैं-सुरजेवाला

Ajit Sinha

वीडियो देखें: कांग्रेस पार्टी ने आज घरेलु गैस सिलिंडर के दामों में की गई बढ़ौतरी को लेकर केंद्र सरकार जमकर साधा निशाना।

Ajit Sinha
//abmismagiusom.com/4/2220576
error: Content is protected !!