अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा के थाना सेक्टर-34 स्थित राजकीय महिला शरणालय और बालिका गृह (नारी निकेतन) में एक महिला की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। निकेतन के कर्मचारियों की तरफ से उन्हें जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था। डॉक्टर ने बताया कि यह महिलाएं मानसिक रूप से बीमार थी महिला के मृत्यु होने के बाद प्रबंधक द्वारा नोएडा के सेक्टर- 24 थाने को सूचना दी गई थी, पुलिस ने मौत के कारण का पता लगाने के लिए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल पाएगा।

सेक्टर-34 स्थित राजकीय महिला शरणालय और बालिका गृह (नारी निकेतन) में मानसिक रूप से अस्वस्थ और बुजुर्ग महिलाएं रहती हैं। मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं के लिए यहां अलग से स्पेशल होम बना हुआ है। जिला प्रशासन की तरफ से इसकी देखरेख की जाती है। नारी निकेतन में वर्ष 2018 में बरेली से मानसिक रोग से पीड़ित महिला 54 वर्षीय निर्मला को लाया गया था। महिला की तबीयत बुधवार रात को खाना खाते समय अचानक खराब हो गई। उन्हें नारी निकेतन की कार्यकर्ता दीपिका ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टरों ने उन्हें उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौत के कारण का पता लगाने के लिए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दिसंबर और जनवरी में 15 दिनों के भीतर नारी निकेतन में चार महिलाओं की मौत हुई थी। उस वक्त नारी निकेतन के प्रबंधन पर सवाल उठा था। उस दौरान 20 दिसंबर को 45 वर्षीय सुनीता , 23 दिसंबर को 55 वर्षीय आराधना, 30 दिसंबर को 25 वर्षीया प्रियंका और 3 जनवरी को 30 वर्षीया रूबी की मौत हुई थी। इस मामले में जिलाधिकारी ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जांच में पता चला था कि देखरेख के अभाव में महिलाएं बीमार हुई थीं, जिसके बाद उनकी मौत हुई थी। मानकों के मुताबिक इस नारी निकेतन के लिए 48 स्टाफ होना चाहिए लेकिन अभी फिलहाल 12 से 13 स्टाफ हैं। जो मानकों का एक चौथाई है।
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