Athrav – Online News Portal
दिल्ली नई दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय वीडियो

सोनिया गांधी ने महात्मा गांधी व पूर्व पीएम, लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किसान के बारे में  क्या बोली सुनिए इस वीडियो। 

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट   
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने कहा – मेरे प्यारे कांग्रेस के साथियों व किसान-मजदूर भाइयों और बहनों, आज किसानों, मज़दूरों और मेहनतकशों के सबसे बड़े हमदर्द, महात्मा गांधी जी की जयंती है। गांधी जी कहते थे कि भारत की आत्मा भारत के गांव, खेत और खलिहान में बसती है। आज ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने वाले हमारे पूर्व प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती भी है। लेकिन आज देश का किसान और खेत मजदूर कृषि विरोधी तीनों काले कानूनों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन कर रहा है। अपना खून पसीना देकर देश के लिए अनाज उगाने वाले अन्नदाता किसान को मोदी सरकार खून के आंसू रुला रही है।

कोरोना महामारी के दौरान हम सबने सरकार से मांग की थी कि हर जरूरतमंद देशवासी को मुफ़्त में अनाज मिलना चाहिए। तो क्या हमारे किसान भाइयों के बग़ैर ये संभव था कि हम करोड़ों लोगों के लिए दो वक्त के भोजन का प्रबंध कर सकते थे! आज देश के प्रधान मंत्री हमारे अन्नदाता किसानों पर घोर अन्याय कर रहे हैं। उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं, जो किसानों के लिए कानून बनाए गए, उनके बारे में उनसे सलाह मशवरा तक नहीं किया गया। बात तक नहीं की गई, यही नहीं उनके हितों को नज़रअंदाज करके सिर्फ चंद दोस्तों से बात करके किसान विरोधी तीन काले कानून बना दिए गए।
जब संसद में भी क़ानून बनाते वक्त किसान की आवाज़ नहीं सुनी गई,तो वे अपनी बात शांतिपूर्वक रखने के लिए महात्मा गाँधी जी के रास्ते पर चलते हुए मजबूरी में सड़कों पर आए। लोकतंत्र विरोधी, जन विरोधी सरकार द्वारा उनकी बात सुनना तो दूर,उन पर लाठियाँ बरसाईं गयी। भाइयों और बहनों, हमारे किसान और खेत मजदूर भाई-बहन आखिर चाहते क्या हैं,सिर्फ इन कानूनों में अपनी मेहनत की उपज का सही दाम चाहते हैं और ये उनका बुनियादी अधिकार है। आज जब अनाज मंडियां खत्म कर दी जाएँगी,

जमाखोरों को अनाज जमा करने की खुली छूट दी जाएगी और किसान भाइयों की ज़मीनें खेती के लिए पूँजीपतियों को सौंप दी जाएँगी, तो करोड़ों छोटे किसानों की रक्षा कौन करेगा? किसानों के साथ ही खेत-मज़दूरों और बटाईदारों का भविष्य जुड़ा है। अनाज मंडियों में काम करने वाले छोटे दुकानदारों और मंडी मजदूरों का क्या होगा? उनके अधिकारों की रक्षा कौन करेगा ? क्या मोदी सरकार ने इस बारे सोचा है?कांग्रेस पार्टी ने हमेशा हर क़ानून जन सहमति से ही बनाया है। कानून बनाने से पहले लोगों के हितों को सबसे ऊपर रखा है,लोकतंत्र के मायने भी यही हैं कि देश के हर निर्णय में देशवासियों की सहमति हो। लेकिन क्या मोदी सरकार इसे मानती है? शायद मोदी सरकार को याद नहीं है की वो किसानों के हक के ‘भूमि के उचित मुआवजा कानून’ को आर्डिनेंस के माध्यम से भी बदल नहीं पाई थी। तीन काले कानूनों के खिलाफ भी कांग्रेस पार्टी संघर्ष करती रहेगी। आज हमारे कार्यकर्ता हर विधानसभा क्षेत्र और जिले में किसान और मजदूर के पक्ष में आंदोलन कर रहे हैं। मैं दावे के साथ कहना चाहती हूँ कि किसान और कांग्रेस का यह आंदोलन सफल होगा और किसान भाइयों की जीत होगी।

जय हिंद!

Related posts

भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र गुप्ता मेरे भाई और मैं अपने भाई के लिए वोट मांगने आया हुँ : भोजपुरी गायक ,मनोज तिवारी

Ajit Sinha

कांग्रेस ने कहा, पीएम मोदी जी, ये बोल्डनेस नही, ये जुल्म है, ये बोल्डनेस नहीं, ये अत्याचार है। ये बोल्डनेस नहीं, ये अहंकार है-देखें वीडियो

Ajit Sinha

केजरीवाल सरकार जी-20 की तैयारियों के मद्देनजर दिल्ली की सड़कों को बना रही बेहतर, होगा पुनर्निर्माण

Ajit Sinha
//voostaidoo.net/4/2220576
error: Content is protected !!