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खरगे और राहुल बोले-मोदी सरकार ने ट्रेड डील के जरिए देश की संप्रभुता और किसानों के हितों को अमेरिका के पास गिरवी रखा।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित किसान महाचौपाल में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने ट्रेड डील के जरिए देश की संप्रभुता और किसानों के हितों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास गिरवी रख दिया है।
किसानों के उमड़े जनसैलाब के बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को डरपोक और ‘सरेंडर मोदी’ करार देते हुए कहा कि अपने 60 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने इतना डरपोक प्रधानमंत्री नहीं देखा। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने के दावे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शब्द नहीं कहा। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री रविवार को ‘मन की बात’ करते हैं, वे सोमवार को संसद में आकर विपक्ष से आंख मिलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। वे न तो प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और न ही सदन में अपनी बात को रखते हैं।

खरगे ने हालिया ट्रेड डील का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौता बराबरी का नहीं, बल्कि गुलामी का है। अमेरिका अपना घटिया माल भारत में बेचेगा, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि समझौते के मुताबिक भारत को पांच साल में अमेरिका से कुल 45 लाख करोड़ रुपये (500 बिलियन डॉलर) का सामान खरीदना होगा। पहले भारत अमेरिका को आयात से अधिक निर्यात करता था और फायदे में रहता था, लेकिन अब वह घाटा उठाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के कपड़ा व चमड़ा उद्योग खत्म हो जाएंगे और सोयाबीन व फल उगाने वाले किसान भी प्रभावित होंगे।तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खरगे ने मोदी सरकार की विदेश नीति को विफल बताते हुए कहा कि अमेरिका की धमकी के आगे झुककर मोदी ने रूस और ईरान से सस्ता तेल खरीदना बंद कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि आख़िर प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के सामने क्यों घुटने टेक रहे हैं?

खरगे ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे असली देशभक्त हैं। उन्होंने मोदी सरकार के कार्यक्रम में जाकर बता दिया कि देश के युवा बेरोजगार हैं, किसान अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते से बेहद परेशान हैं, ट्रेड डील मत कीजिए। लेकिन मोदी सरकार ने इसे देश का अपमान बता दिया। उन्होंने कहा कि देश का अपमान मोदी द्वारा ट्रंप के सामने हमारा स्वाभिमान गिरवी रखना है। उन्होंने याद दिलाया कि जब देश में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे, तब भाजपा ने गाड़ियां रोकी थीं और काले झंडे दिखाए थे। उन्होंने दोहराया कि देशभक्ति का सर्टिफिकेट देने वाले आरएसएस के लोग अंग्रेजों के सामने माफीनामा लिखते थे, जबकि कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘कांग्रेस के पास गोडसे नहीं,गांधी हैं और आज के दौर में युवाओं की लड़ाई लड़ने के लिए राहुल गांधी हैं।’वहीं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने धुंआधार भाषण में कई मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा, हिंदुस्तान के संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बोलने से रोका गया। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए बताया कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की तरफ बढ़ रहे थे, तब सेना अध्यक्ष ने सरकार से स्पष्ट आदेश मांगे थे। नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोवाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फोन किया, लेकिन घंटों तक कोई जवाब नहीं मिला। अंत में पीएम मोदी ने सेना प्रमुख के लिए संदेश भिजवाया- “जो उचित समझो, वो करो”। उन्होंने कहा कि जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखा है कि उस संकट की घड़ी में प्रधानमंत्री ने दिशा दिखाने के बजाय सेना को उसके हाल पर अकेला छोड़ दिया था।राहुल गांधी ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत के किसानों और टेक्सटाइल उद्योग के लिए तबाही वाला बताया। उन्होंने इस डील के जरिए देश का बेशकीमती डेटा अमेरिका को सौंपने को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स और अमेरिका में अडानी के खिलाफ चल रहे केस के कारण मोदी सरकार द्वारा यह डील की गई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के पास एपस्टीन की लाखों फाइलें हैं जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई  हैं; उनके ईमेल, मैसेज, वीडियो अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने मोदी सरकार को डराने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम जारी किया है, ताकि मोदी उनके दबाव में काम करें। अमेरिका में अडानी पर चल रहे अपराधिक मामले का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह केस अडानी पर नहीं, भाजपा के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर है, इसलिए प्रधानमंत्री इससे डरे हुए हैं।राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं और यह उनकी आंखों में साफ दिखता है। उन्होंने प्रधानमंत्री को सीधी चुनौती दी कि अगर उनमें दम है, तो देश के हितों को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेड डील को रद्द करके दिखाएं। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए राहुल गांधी ने उन्हें बब्बर शेर बताया और कहा कि उनमें देशभक्ति का ख़ून है, वे किसी से न डरें और सच्चाई को गांव-गांव तक पहुंचाएं।किसान महाचौपाल में मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह, पवन खेड़ा, कांतिलाल भूरिया, विवेक तन्खा सहित प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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