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हरियाणा

इच्छुक उद्यमी 6 प्रतिशत वार्षिक की आरक्षित दर से भूमि पट्टे पर ले सकेंगे।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चण्डीगढ़: हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने और निवेशकों की भूमि से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से लैंड लीज पॉलिसी को अंतिम रूप दिया है जिसके तहत इच्छुक उद्यमी 6 प्रतिशत वार्षिक की आरक्षित दर से भूमि पट्टे पर ले सकेंगे। यह जानकारी एचएसआईआईडीसी के एस्टेट डिवीजन के प्रमुख सुनील शर्मा ने आज पंचकूला में आयोजित वर्चुअल वैबडैस्क की बैठक के दौरान दी। निगम के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने बैठक की अध्यक्षता की। सुनील शर्मा ने बताया कि ई-कामर्स कंपनी अमेजन ने प्रदेश में वेयरहाउसिंग में रुचि दिखाई है। इसी तरह एक बैटरी विनिर्माण कंपनी, जिसमें जापान का भी हिस्सा है, आईएमटी मानेसर में जमीन लेना चाहती है।

उन्होंने कहा कि एचएसआईआईडीसी चाहता है कि हरियाणा में आने की इच्छुक कंपनियों को जल्द से जल्द भूमि आबंटित की जाए ताकि वे यहां अपना कारोबार शुरू कर सकें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए प्रयासरत हैं। वे चीन, अमेरिका और जापान आदि देशों से भारत में आने की इच्छुक कंपनियों के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रूबरू हुए हैं। उन लोगों द्वारा उठाए गए विषयों को देखते हुए एचएसआईआईडीसी ने सप्ताह में 3 दिन- सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को वैब डैस्क के नाम से एक श्रंखला की शुरुआत की है। एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक इसकी अध्यक्षता करते हैं और मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता है।  सुनील शर्मा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते बदले हालात में हरियाणा सरकार और एचएसआईआईडीसी ने सूचना प्रौद्योगिकी के प्रति विशेष बल दिया है। उन्होंने बताया कि इस महामारी ने प्रदेश को कई चीजों में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है। पहले जहां हरियाणा में कई चीजों का निर्माण नहीं होता था, वहीं कोविड-19 के कारण अब प्रदेश में इन चीजों का निर्माण होने लगा है। हरियाणा में इस महामारी से पहले पीपीई किट्स और एन-95 मास्क का निर्माण नहीं होता था। लेकिन एचएसआईआईडीसी ने 9 अप्रैल, 2020 को व्हाट्सएप पर पीपीई किट्स के लिए एक प्लेटफार्म बना दिया था जिसके माध्यम से पीपीई किट्स के निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और व्यापारियों को एक मंच उपलब्ध करवाया गया। इससे एक नई शुरुआत हुई और उसी माध्यम से एचएसआईआईडीसी ने वैबिनार और वैब डैस्क की शुरुआत की। इसके माध्यम से सप्ताह में 3 दिन तक उच्चाधिकारी विभिन्न कंपनियों की समस्याएं सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं।

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