अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि भाजपा की नीतियों के चलते हरियाणा से उद्योग लगातार पलायन कर रहे हैं। बीजेपी शासनकाल में औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 से अब तक हरियाणा में 1446 फैक्ट्रियां या तो बंद हो गई हैं या पलायन कर गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण के डेटा के आधार पर यह जानकारी दी है। जिसके कारण हरियाणा में बेरोजगारी, नाश,अपराध और पलायन बढ़ रहा है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पिछले 5 सालों में हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में 12.2% की गिरावट आई है। क्योंकि सत्ता में बैठी बीजेपी इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही। जबकि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रदेश में 6 नई आईएमटी (HSIIDC औद्योगिक क्षेत्र) बनवाए थे। साथ ही मारुति, एशियन पेंट्स, NTPC, रिलाइंस, होंडा, आईओसी, पैनासोनिक, योकोहामा, डेंसो जैसे बड़े-बड़े उद्योग प्रदेश में लाए थे। कांग्रेस सरकार ने ही रेल कोच फैक्ट्री और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी मंजूर करवाया था। दूसरी ओर, भाजपा सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट और प्रचार पर केंद्रित है, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर होता है। आज अर्थ शास्त्रियों और बुद्धिजीवियों का भी बीजेपी सरकार से विश्वास उठ चुका है क्योंकि हरियाणा की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। 1966 से 2014 तक प्रदेश का कुल कर्ज 60 हजार करोड़ था, जो अब 5 लाख करोड़ से ज्यादा हो चुका है।नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें स्थान पर है। 31% से अधिक Debt-to-GSDP अनुपात बताता है कि प्रदेश कर्ज के गहरे जाल में फंस चुका है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 3 साल में भ्रष्टाचार के मामले 187% बढ़े हैं और हरियाणा भ्रष्टाचार में 6वें नंबर पर पहुंच गया है। तमाम रिपोर्ट्स बताती हैं कि बीजेपी हरेक मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
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