
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ की गई दलित-विरोधी और अपमानजनक टिप्पणी को लेकर देशभर में गुस्सा व आक्रोश व्याप्त है। कांग्रेस ने अभद्र भाषा को पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य बताते हुए उनसे (सरमा) तुरंत माफी मांगने को कहा और साथ ही भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे भी सरमा के बयान से सहमत हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विरुद्ध इस्तेमाल की गई ‘अभद्र और घटिया’ भाषा को पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक व अस्वीकार्य बताते हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल पूछा कि क्या वह हिमंत सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है। प्रधानमंत्री अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुँह न खोलें, तो वो न सिर्फ अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि खरगे जी देश के एक वरिष्ठ, लोकप्रिय दलित और जननेता हैं। उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है। उनका अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के एससी-एसटी समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है।

सरमा के बयान को भाजपा-आरएसएस की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता से जोड़ते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। चाहे बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो या एससी-एसटी समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों, इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं। यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है।कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का “कौन है खरगे?” कहना और “पागल” जैसे सड़कछाप शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद आपत्तिजनक है। यह दिखाता है कि वह कितने विचलित हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को इस निंदनीय आचरण के लिए माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने देश के एक ऐसे वरिष्ठ नेता का अपमान किया है, जो बेहद साधारण पृष्ठभूमि से उठकर यहां तक पहुंचे हैं।वेणुगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण बौखलाए हुए हैं और वह नफरत फैलाने के लिए सबसे घटिया भाषा का इस्तेमाल करने से भी पीछे नहीं हटते। कांग्रेस इस बयान के लिए उनसे बिना शर्त माफी की मांग करती है।वहीं, कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने भी मुख्यमंत्री सरमा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, यह सर्वविदित है कि अपनी कुर्सी से विदा लेते असम के मुख्यमंत्री आचरण में तो क्या, भाषा में भी किसी मर्यादा या संयम को नहीं जानते। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष और भारतीय संविधान द्वारा संभव हुए सामाजिक सशक्तिकरण के एक मजबूत प्रतीक मल्लिकार्जुन खरगे के प्रति उनका अपमानजनक व्यवहार हर सीमा से परे है। यह न केवल उनकी मानसिक विकृति को उजागर करता है, बल्कि भाजपा की दलित-विरोधी मानसिकता को भी दिखाता है। राहुल गांधी के बारे में उन्होंने जो कहा है, वह भी अत्यंत निंदनीय है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

