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अपराध चंडीगढ़ हरियाणा

वर्ष 2025 में विजिलेंस ब्यूरो की 147 ट्रैप कार्रवाई, 186 गिरफ्तारियां, मौके से ₹1.03 करोड़ से अधिक राशि की बरामदगी



अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप भ्रष्टाचार के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने वर्ष 2025 के दौरान अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की है। ब्यूरो ने वर्ष-2025 में भ्रष्टाचार से जुड़े कुल 251 मामले दर्ज किए, जिनमें 147 ट्रैप/रेड केस शामिल हैं, जो पिछले 10 वर्षों में सर्वाधिक हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान मौके पर ही ₹1,03,15,900 की राशि बरामद की गई तथा कुल 186 आरोपितों  को गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तारियों में 163 सरकारी कर्मचारी, जिनमें 13 गजेटेड अधिकारी, 150 गैर-गजेटेड कर्मचारी तथा 23 निजी व्यक्ति शामिल हैं। औसतन हर माह लगभग 13 सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार किए गए, जो राज्य सरकार की सख्त नीति और विजिलेंस ब्यूरो की सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाता है। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अजय सिंघल ने बताया कि वर्ष 2025 में दर्ज 251 मामलों में से 147 मामले ट्रैप/रेड के माध्यम से तथा 104 मामले जांच एवं विशेष जांच (Special Checking) के आधार पर दर्ज किए गए। ब्यूरो ने इस दौरान निचले स्तर तक सीमित कार्रवाई के बजाय अब उन वरिष्ठ अधिकारियों पर फोकस किया है जो संगठित भ्रष्टाचार के नेटवर्क का संचालन करते हैं। यह रणनीति मुख्यमंत्री, हरियाणा नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप अपनाई गई है, ताकि भ्रष्टाचार की जड़ों पर सीधा प्रहार किया जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई
ब्यूरो द्वारा वर्ष 2025 में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भी निर्णायक कार्रवाई की गई है। एक निजी व्यक्ति को ₹30 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसमें दिल्ली पुलिस का एक इंस्पेक्टर सह-आरोपी पाया गया। इसी प्रकार नगर निगम के दो पार्षदों, एक क्लर्क और एक निजी व्यक्ति को ₹7.57 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस विभाग के एक एएसआई व दो एसआई को कुल ₹4.65 लाख रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। सिंचाई विभाग के एक जेई को ₹3.90 लाख, एक पर्सनल असिस्टेंट को ₹3.50 लाख, एक सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ₹3.25 लाख, दो नर्सिंग ऑर्डरली को ₹3 लाख तथा सीजीएसटी विभाग के एक अधीक्षक को ₹2.50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के एक पटवारी तथा एक तहसीलदार (इलेक्शन) को अलग-अलग मामलों में ₹2-2 लाख लेते हुए पकड़ा गया, जबकि एक सहायक योजना अधिकारी को ₹1.75 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

विभागवार कार्रवाई का व्यापक दायरा
वर्ष 2025 में जिन विभागों के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, उनमें पुलिस विभाग के 44, राजस्व विभाग के 24, शहरी स्थानीय निकाय के 9, विद्युत विभाग के 7, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के 7, विकास एवं पंचायत विभाग के 6, आबकारी एवं कराधान के 5, नगर एवं ग्राम नियोजन के 5, सहकारिता के 3, सिंचाई के 3, परिवहन के 3, शिक्षा विभाग के 2, पंचायती राज के 2, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के 2, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के 2, स्वास्थ्य विभाग के 2, उच्च शिक्षा के 2, होमगार्ड्स के 2 तथा अन्य विभागों कृ जैसे एचएसआईआईडीसी, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड, एचएसवीपी, श्रम, कोष एवं लेखा, न्याय, निर्वाचन, ईएसआईसी, वन, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, महिला एवं बाल विकास आदि के कुल 15 अधिकारी/कर्मचारी शामिल हैं। इन मामलों में रिश्वत की राशि ₹5,000 से लेकर ₹30 लाख तक रही।
जांच एवं विशेष जांच के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई
भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान को और प्रभावी बनाते हुए वर्ष 2025 के दौरान ब्यूरो ने 123 प्रारंभिक जांच (इन्क्वायरी) दर्ज कीं, जिनमें 1 आईएएस, 3 एचसीएस, 1 एचपीएस अधिकारी, 4 तहसीलदार, 2 नायब तहसीलदार, 1 मुख्य अभियंता, 7 कार्यकारी अभियंता, 8 एसडीओ तथा 3 जिला नगर योजनाकार शामिल हैं। इनमें से 109 जांचों का निपटारा किया गया। इनमें 24 मामलों में 39 गजेटेड अधिकारी, 30 गैर-गजेटेड कर्मचारी एवं 21 निजी व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक केस दर्ज करने की संस्तुति, 20 मामलों में विभागीय कार्रवाई तथा 5 मामलों में आपराधिक केस के साथ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई।
‘ऑपरेशन पीछा करो’ के तहत फरार आरोपियों पर शिकंजा
भ्रष्टाचार के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के विरुद्ध 26-27 दिसंबर 2025 को 48 घंटे का विशेष राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन पीछा करो’ चलाया गया। इस दौरान वर्ष 2020 से 2025 के बीच दर्ज मामलों में फरार 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
तकनीकी जांच और विशेष चेकिंग से करोड़ों की रिकवरी
01 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के दौरान विजिलेंस ब्यूरो के तकनीकी विंग द्वारा, जो एसई/एक्सईएन स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में कार्य करता है, 63 विशेष तकनीकी जांच/स्पेशल चेकिंग की गईं। इनमें पाई गई अनियमितताओं के आधार पर विभिन्न विभागों, बोर्डों व निगमों के 192 अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई तथा ₹7.38 करोड़ की रिकवरी प्रस्तावित की गई।
जनभागीदारी से भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान तेज
विजिलेंस ब्यूरो लगातार व्हिसल ब्लोअर्स, शिकायतकर्ताओं एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर सूचनाएं एकत्र कर जाल बिछा रहा है, जिससे रिश्वत मांगने व लेने वालों को रंगे हाथों पकड़ा जा सके। ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध आगे आएं और शिकायत दर्ज कराएं। भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें टोल फ्री नंबर 1800-180-2022, 1064 तथा व्हाट्सएप नंबर 94178-91064 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अजय सिंघल ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।

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