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दिल्ली नई दिल्ली

दिल्ली में रहने वाले प्रवासी कामगारों की मदद के लिए दिल्ली सरकार ने 238 रैन बसेरों के अलावा 11 स्कूलों को भी रैन बसेरों में बदला

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री  मनीष सिसोदिया ने ट्विटर के जरिए रविवार को गरीब और प्रवासी कामगारों से अपील की कि वे दिल्ली सरकार द्वारा रहने और खाने की सुविधाओं का सदुपयोग करें। और इस अवसर पर उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि दिल्ली सरकार ने गाजीपुर और आनंद विहार के निकट स्थित अपने स्कूलों को रैन बसेरे में बदल दिया है। इन स्कूलों के कमरों में सफाई करके कमरों की साफ-सुथरे फर्श पर दरी और कंबल बिछाए गए हैं। इन स्कूलों में रहने के साथ साथ खाने की भी व्यवस्था की गई है। मनीष सिसोदिया ने कल ट्वीट करके जानकारी दी थी कि “हमने दिल्ली सरकार के 2 स्कूलों में आनंद विहार और गाजीपुर पर रैन बसेरों की सुविधा शुरू की थी। जिनमें आज मैंने देखा कि केवल 7 या 8 लोग आ रहे हैं। मैं लोगों से अपील करूंगा कि सभी लोग जिन्हें जरूरत है वह आए और इस सुविधा का लाभ उठाएं।”कोरोना संकट के कारण देशभर में चल रहे लॉक डाउन के परिणाम स्वरूप बड़ी संख्या में दिल्ली को छोड़कर प्रवासी कामगार उत्तर प्रदेश और बिहार में अपने घर के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में ज्यादा से ज्यादा लोगों को आश्रय प्रदान करने और भोजन देने के उद्देश्य के साथ दिल्ली सरकार ने 11 स्कूलों को रैन बसेरों में तब्दील कर दिया है।

इन स्कूलों को रैन बसेरों में बदला गया 
 
– राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, मैगज़ीन रोड; सर्वोदय बाल विद्यालय, तिमारपुर; एम सी पी एस, न्यू राजिंदर नगर; राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय, लिंक रोड करोल बाग; सर्वोदय कन्या विद्यालय, गाजीपुर; सर्वोदय सह शिक्षा उच्च माध्यमिक विद्यालय, आईपी एक्सटेंशन। इसके अलावा अन्य विभिन्न स्थानों पर जैसे कि जय रानी बाग, पदम नगर, तुर्कमान रोड नंबर 2, गुलाबी बाग, प्रताप नगर और 64 खंभा रोड इससे स्कूलों में भी लोगों की रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। दिल्ली सरकार द्वारा संचालित 238 रैन बसेरों के अतिरिक्त इन सरकारी स्कूलों के क्लासरूम और हाल को सोने के कमरों में तब्दील किया गया है। इन कमरों को बकायदा साफ करके डिस-इनफेक्ट करवाया गया है। स्कूल के प्रमुखों को अपने-अपने स्कूल के निरीक्षण को कहा गया है। स्कूलों में गार्ड भी तैनात किए गए हैं। ऐसे सभी स्कूलों में दोनों समय के भोजन का प्रबंध किया गया है। इस प्रबंध में सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष ध्यान रखा गया है। जिससे कि यहां रहने वाले लोग एक दूसरे के बेहद निकट ना आ सकें। इसलिए एक हॉल में अधिकतम 5 लोगों के सोने का प्रबंध किया गया है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश में चल रहे लॉक डाउन के दौरान दिल्ली में काम करने वाले प्रवासी कामगारों सहित गरीब लोगों की मदद के लिए दिल्ली सरकार ने 568 स्कूलों और 238 रैन बसेरों के जरिए 4 लाख लोगों को दोनों समय का भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की है।

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