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टेक्नोलॉजी दिल्ली

अपने 10वें दीक्षांत समारोह में केजरीवाल सरकार के डीटीयू ने 3600 से अधिक छात्रों को सौंपी उनकी डिग्रियां


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: तकनीकी शिक्षा मंत्री आतिशी गुरुवार को केजरीवाल सरकार के दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के 10 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुई और स्नातक छात्रों को डिग्री देकर सम्मानित किया| इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि “दीक्षांत समारोह छात्रों, उनके माता-पिता और शिक्षकों के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी को आभारी होना चाहिए कि कई लोगों के विपरीत, आपको अच्छे संस्थान में पढ़ने का अवसर मिला। लेकिन साथ ही यह भी याद रखना चाहिए कि आप ही की उम्र के कई ऐसे छात्र भी होते हैं जो जीवन के इस पड़ाव तक नहीं पहुंच पाते और अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाते।

इसलिए मुझे लगता है कि यह छात्रों के लिए अपने माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अवसर है, जो इस यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही शिक्षक भी जो अधिकांश छात्रों के लिए रोल मॉडल हैं| वो आपकों यहां तक पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाते है. क्योंकि आप सभी जब पहले दिन शिक्षण संस्थान में कदम रखते है उसी दिन से एक शिक्षक आपके सुनहरे भविष्य तैयार करने की पहल शुरू कर देते है. उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, “छात्रों के जीवन में दीक्षांत समारोह परिवर्तन का एक चरण होता है जहां हर छात्र को तीन चीजें याद रखनी चाहिए। उन्हें अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए, उन माता-पिता के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए जिन्होंने उन्हें सफल बनाने के लिए अपना जीवन दिया और उस के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए जिसने उनके लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा की सुविधा प्रदान की।

तकनीकी शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि स्नातक और दीक्षांत समारोह किसी भी छात्र के जीवन में महत्वपूर्ण दिन होता हैं। जहां वो छात्र जीवन से एक ज़िम्मेदार वयस्क बनने की ओर बढ़ते है। कॉलेज के दौरान छात्र अधिकतर उन विषयों पर निर्णय लेने में व्यस्त रहते हैं जो भविष्य में उनके लिए उपयोगी होंगे। लेकिन ग्रेजुएशन के बाद अचानक ही जिंदगी में कई अहम फैसले लेने पड़ते हैं। इस पड़ाव पर, स्नातक छात्रों के लिए सावधानीपूर्वक और स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, आज आप एक प्रमुख विश्वविद्यालय से, देश के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी विश्वविद्यालयों में से एक से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं, और इसके बाद, आपको एक बहुत अच्छी नौकरी मिल सकती है। लेकिन एक बात आपको याद रखनी होगी कि आपकी यह उपलब्धि अकेले आपकी नहीं है। आपको इस मुकाम तक लाने में कई लोगों का योगदान है, खासकर माता-पिता का। अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए वे अक्सर खुद को पीछे रख देते हैं। वे अपने ऊपर कम खर्च करते हैं ताकि वे अपने बच्चे पर अधिक खर्च कर सकें। उनके अथक प्रयासों के कारण ही आप आज यहां हैं। उन्होंने कहा, अब जब आप सफल हो गए हैं, तो अपने माता-पिता और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी को कभी न भूलें।

“तीसरा, मुझे यकीन है कि आज स्नातक होने वाले छात्रों को विदेश में शानदार पैकेज और नौकरियां मिलेंगी। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि उन्हें देश को कभी नहीं भूलना चाहिए।’ आज स्नातक होने वाले छात्रों की सफलता में पूरे देश ने किसी न किसी तरह से योगदान दिया है। आज़ादी के लिए लड़ने वाले लोगों से लेकर इन संस्थानों का निर्माण करने वाले लोगों के साथ शिक्षक और करदाता सभी ने आप छात्रों की सफलता में अपना योगदान दिया है। इसलिए आज छात्रों की जिम्मेदारी है कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए और भी बेहतर अवसर तैयार करने में मदद करें।  तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा, “मुझे अपने स्कूल- कॉलेज के दिनों में पढ़ाया गया था कि भारत एक विकासशील राष्ट्र है और यह 2020 तक विकसित हो जाएगा। इन दशकों में बेशक देश में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं लेकिन इसे विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी भी हमें कई कदम उठाने हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय बहुत प्रतिभाशाली हैं और दुनिया की  प्रमुख कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन देश में जितना विकास होना चाहिए था उतना अभी तक नहीं हो पाया है। देश में अभी भी कई बच्चे ऐसे हैं जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। देशभर में कई लोग आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि,  आपको पढ़ने और यहां रहने के बेहतर अवसर मिले हैं, अब यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस देश को बेहतर बनाएं और इसे तरक्की के पथ पर ले जाएं। मेरा मानना है कि आपके पास एक बेहतर भारत बनाने की ताकत, जुनून और दृढ़ संकल्प है। भारत को दुनिया का  नं. 1 देश बनाने का जो सपना हमने देखा है, अब उसे पूरा करने की जिम्मेदारी आप पर है।  उन्होंने कहा कि जब इस दहलीज से आप सब बाहर कदम रखेंगे तो आप सभी को अपने लिए या सिर्फ अपने परिवार के लिए नहीं सोचना है बल्कि आप सभी यहां से निकलते वक्त एक देश के लिए भी सपना लेकर जाए और इस भारत को दुनिया का नंबर.1 देश बनाने का सपना साथ लेकर जाए|

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