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फरीदाबाद हरियाणा

हरियाणा: एनजीटी के दिशा -निर्देश पर बल्लभगढ़ समेत 10 जिलों के प्रदूषण इलाके में पटाखे जलने व बेचने पर लगाया प्रतिबंध।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सटे जिलों में 9-10 नवंबर 2020 की मध्यरात्रि से 30 नवंबर-1 दिसंबर 2020 की मध्यरात्रि तक सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री या बजाने व चलाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के अनुसार हालांकि दिवाली पर हरियाणा के अन्य जिलों में लोग केवल दो घंटे के लिए पटाखे बजा व चला सकते हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली -एनसीआर से बाहर पडऩे वाले ‘फतेहाबाद’ में नवंबर 2020 में वायु गुणवत्ता गंभीर स्थिति में है।इसी तरह,हिसार, बहादुरगढ़,  बल्लबगढ़,  धारूहेड़ा, कैथल,  कुरुक्षेत्र और मानेसर वायु गुणवत्ता की ‘बहुत खराब’ श्रेणी में और अंबाला, नारनौल, पलवल और सिरसा में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में है, इसलिए एनजीटी के आदेशों का पालन करते हुए इन जिलों में पटाखों की बिक्री व उनको बजाने व चलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जिन शहरों या कस्बों में वायु की गुणवत्ता निर्धारित आंकड़े से ‘मध्यम’ या ‘नीचे’ है, वहां पर केवल हरे रंग के पटाखे बेचे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित राज्य द्वारा निर्दिष्ट दीपावली, छठ, नया साल, क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान पटाखे बजाने व चलाने का समय दो घंटे तक सीमित रखा जाना चाहिए।प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव विजयवर्धन ने पहले ही एनजीटी के आदेशों के तुरंत प्रभाव से अनुपालन के लिए जिला मैजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों व हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक पत्र जारी किया हुआ है।

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