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अपराध नोएडा

गौर सिटी सेंटर में चल रहे ‘गेमिंग स्कैम’ का भंडाफोड़; ‘Maze se jeeto’ ऐप से ठगी करने वाले 5 महिलाओं समेत 8 गिरफ्तार


अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट 
सेंट्रल नोएडा की थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई में एक हाई-प्रोफाइल फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए निर्दोष लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने 5 महिलाओं सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ‘मजाबुक’ और ‘मज़े से जीतो’ जैसे ऐप्स के जरिए लोगों को अपनी बातों में फंसाकर उनका पैसा हड़प लेता था।पुलिस की गिरफ्त में खडे गर्व, अजय सिंह और सोनल उर्फ अनिरुद्ध रुचि, कोमल, सुषमा, तनीषा और सानिया सिंह को गौर सिटी सेंटर की चौथी मंजिल पर छापा मारकर भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसमें सोनल उर्फ अनिरुद्ध रुचि मासटर माइंड है. डीसीपी सेंट्रल नोएडा के अनुसार, यह गिरोह ‘मजाबुक’ और ‘मज़े से जीतो’ नाम की वेबसाइट और ऐप के जरिए क्रिकेट, कसीनो और रोलेट जैसे खेलों पर सट्टा लगवाता था। आरोपियों ने पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचने के लिए गौर सिटी सेंटर में ‘TRENTRAC INNOVATIVE SOLUTIONS’ नाम से एक फर्जी ऑफिस बना रखा था, जिसका कोई कानूनी पंजीकरण या GST नंबर नहीं था।

 यह गिरोह ठगी का हाईटेक तरीका अपनाता और कंट्रोल अपने हाथ में रखते थे मास्टर माइंड अनिरुद्ध उन लोगों का डेटा निकालता था जो ऑनलाइन गेम में रुचि रखते थे. कॉल सेंटर में तैनात युवतियां लोगों को कॉल और मैसेज कर ज्यादा मुनाफे का लालच देती थीं। शुरुआत में ग्राहकों को फंसाने के लिए 1500 रुपये का फ्री बोनस दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए पहले छोटी-छोटी राशि जितवाई जाती थी। कंट्रोल रूम से हार-जीत: गेम का पूरा कंट्रोल ठगों के पास होता था। जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ी रकम लगाता, उसे जानबूझकर हरवा दिया जाता था। यदि कोई गलती से जीत जाता और पैसे निकालने की कोशिश करता, तो आरोपी उसे तुरंत ब्लॉक कर देते थे।

पुलिस ने रेड के दौरान आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं, 155 सिम कार्ड,  ये सिम कार्ड कूटरचित दस्तावेजों (Fake IDs) पर अन्य राज्यों से मंगाए गए थे। 50से ज्यादा  क्यूआर कोड,  पेमेंट रिसीव करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ये कोड एक निश्चित समय के बाद एक्सपायर हो जाते थे। इसके अलावा 18 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 10 से ज्यादा बैंक खाते और करीब 45,000 रुपये नकद बरामद किये गये है. पुलिस ने पकड़े गए सभी बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, उन लोगों की भी जांच की जा रही है जिनके दस्तावेजों पर ये सिम कार्ड जारी हुए थे। पुलिस अब इस सिंडिकेट के ‘मनी ट्रेल’ (पैसों के लेनदेन) की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी की रकम कहाँ-कहाँ भेजी गई है।

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