अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज सेक्टर- 16 स्थित सागर सिनेमा कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नगर निगम अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में हरियाणा सरकार में राजस्व एवं शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं गईं और उनके योगदान की सराहना की गई।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने महिला सफाई कर्मियों को उनके सम्मान में सुरक्षा किट और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कीं।
शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए समर्पित दिन है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1910 में महिलाओं के अधिकारों को लेकर विश्व स्तर पर आवाज उठी और 1911 में पहली बार महिला दिवस मनाया गया। बाद में वर्ष 1975 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता दी गई, जिसके बाद से पूरे विश्व में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2014 के बाद से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से देश और हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को सुधारने का बड़ा प्रयास किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी लगातार काम कर रही हैं। हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही लाडो लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले इस योजना का लाभ सीमित आय वर्ग तक था, लेकिन अब आय सीमा बढ़ाकर अधिक महिलाओं को इसका लाभ देने की तैयारी की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों को आर्थिक सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं बल्कि योजनाओं और कार्यों से होता है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। घर की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ महिलाएं शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में भी योगदान दे रही हैं। स्वच्छता अभियान में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है और समाज को आगे बढ़ाने में उनका सहयोग आवश्यक है।कार्यक्रम के दौरान शहर की स्वच्छता, विकास और नागरिक जिम्मेदारी पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। यदि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
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