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फरीदाबाद

फरीदाबाद: नए डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा ने आज अपना पदभार संभाल लिया,अवैध निर्माण व अवैध कालोनी बर्दाश्त नहीं।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद: नए डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा ने आज अपना पदभार संभाल लिया। इससे पहले वह डीटीपी, फरीदाबाद  के पद पर लगातार दो महीने तक रहे थे। इससे पहले वह वर्ष – 2016 में एक दिन के लिए डीटीपी इंफोर्स्मेंट रहे थे। वह तारीख था 1 जून 2016.इसके बाद नरेश कुमार डीटीपी इंफोर्स्मेंट, फरीदाबाद  बने थे जोकि लगभग साढ़े चार सालों तक लगातार रहे हैं। लॉकडाउन लगने से पहले वह लगभग साढ़े चार महीनें तक लगातार डीटीपी इंफोर्स्मेंट के पद पर रहे हैं। इससे पहले वह गुरुग्राम में भी डीटीपी इंफोर्स्मेंट के पद रहे हैं। उन्हें तोड़फोड़ की कार्रवाई खासा अनुभव हैं। 

डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा ने “अर्थव न्यूज़’ से बातचीत करते हुए कहा कि फरीदाबाद शहर उनके लिए कोई नया शहर नहीं हैं। उन्होनें 19 अगस्त – 2020 को फरीदाबाद में डीटीपी का पदभार संभाला था और 19 अक्टूबर- 2020 को वहां से उनका तबादला डीटीपी इंफोर्स्मेंट के पद पर दिया गया हैं। यानी वह कुल दो महीने तक डीटीपी के पद पर रहे थे। उन्होनें बातचीत का दायरा बढ़ाते हुए कहा कि अवैध कालोनियों को किसी भी कीमत पर विकसित नहीं होने देंगें। और अवैध कालोनियों को विकसित करने वाले कलोनिनाइजरों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जहां-जहां पर उनकी पोस्टिंग रही हैं वहां पर वह सिर्फ अपने काम के नाम से जाने जाते रहे हैं। यहां भी वह सिर्फ काम करने आए हैं। वह सिर्फ अपना काम करेंगें। जहां तक बात हैं ग्रीन फिल्ड कालोनी के बिल्डरों की जो वैध निर्माणों में जानबूझ कर अवैध निर्माणों का खेल खेल रहे हैं और लोगों की कड़ी मेहनत से कमाई गई पैसों को धोखे से लूट खसोट करने का खेल खेले जा रहे हैं।

उसको वह किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगें। उनका कहना हैं कि उनके जानकारी में आई हैं कि ग्रीन फिल्ड कालोनी के प्लाट नंबर-932 में वैध तरीके से बनाई गई बिल्डिंग के पीछे के हिस्सों में चार मंजिलों तक अवैध निर्माण किए गए हैं जिसमें उनके विभाग ने बीते 9 अक्टूबर 2020  को  तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई की थी। उस सीलिंग को प्लाट होल्डर और बिल्डिंग बनाने वाले बिल्डर ने एक सोची समझी साजिश के तहत तोड़ दी हैं। उनके द्वारा तोड़ी गई निर्माण को फिर से बना लिया हैं। जल्द ही इस बिल्डर और प्लाट होल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संभवता हैं कि इसमें ओक्कोपेशन सर्टिफिकेट को कैंसिल या एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं। इसके अलावा प्लाट नंबर-412, 2511 , 2494 , 1723 . 1670 , 1676 . 1822, 4009 , 9 व 1848 में चोरी छिपे अवैध निर्माण किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इस सभी नंबरों को नए डीटीपी इंफोर्स्मेंट राजेंद्र टी शर्मा को उपलब्ध करा दी गई हैं। जल्द ही इसी नंबरों पर बने अवैध निर्माण की जांच करेंगी। शिकायत सही पाई गई तो तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।        

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