
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: फर्जी कॉल सेंटर चला कर निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक गिरोह का साइबर थाना बल्लभगढ़, फरीदाबाद की टीम ने आज वीरवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है,जिनके नाम प्रताप गुप्ता निवासी रामनगरिया, जिला हरदोई (उ. प्र.), हाल जनकपुरी, दिल्ली, सतेन्द्र कुमार निवासी विभूति नगर कॉलोनी, हरदोई (उ.प्र.), हाल जनक पुरी, दिल्ली, जितेन्द्र बलूनी निवासी गांव कंडाखणी खाल, उत्तराखंड, हाल उत्तम नगर, दिल्ली, राज गुप्ता निवासी फतेहगढ़ कॉलोनी, जिला फर्रुखाबाद (उ.प्र.), हाल जनकपुरी, दिल्ली व मनोरंजन बराल उर्फ हैप्पी निवासी इंदिरापुरम, शिवरासन सिटी, गाजियाबाद है।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि भगत कॉलोनी, बल्लभगढ़, फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़, फरीदाबाद में शिकायत दर्ज कराई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे “Veda Quant Council” एवं “VIP668” नामक दो व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़ा, जहां निवेश संबंधी टिप्स दिए जाते थे। आरोपितों ने उसे अधिक लाभ का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया तथा “Vent Sec Pro” नामक एक एप डाउनलोड करवाई। उसने उक्त एप के माध्यम से कुल 3,79,450/- रुपये निवेश किए। एप में उसके खाते में लाभ सहित लगभग 11 लाख रुपये दर्शाए गए, लेकिन जब उसने राशि निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले। तब उसे अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़, फरीदाबाद में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

उन्होंने आगे बताया कि साइबर थाना बल्लभगढ़, फरीदाबाद की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनके नाम आरोपित प्रताप गुप्ता निवासी रामनगरिया, जिला हरदोई (उ.प्र.),हाल जनकपुरी, दिल्ली,सतेन्द्र कुमार निवासी विभूति नगर कॉलोनी, हरदोई (उ.प्र.),हाल जनकपुरी, दिल्ली, जितेन्द्र बलुनी निवासी गांव कंडाखणी खाल, उत्तराखंड, हाल उत्तम नगर, दिल्ली, राज गुप्ता निवासी फतेहगढ़ कॉलोनी, जिला फर्रुखाबाद (उ.प्र.), हाल जनकपुरी, दिल्ली व मनोरंजन बराल उर्फ हैप्पी निवासी इंदिरापुरम, शिवरासन सिटी, गाजियाबाद है।पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपित मिलकर दिल्ली उत्तम नगर में एक फ्लैट किराये पर लेकर फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। आरोपित मनोरंजन और राज कॉलिंग कर लोगों को निवेश के लिए फंसाते थे। आरोपित जितेन्द्र ने फर्जी एप तैयार करवाई थी, जिसके माध्यम से लोगों से निवेश कराया जाता था। आरोपित सतेन्द्र बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जबकि प्रताप के खाते का उपयोग ठगी की राशि प्राप्त करने में किया जाता था। सभी आरोपित को रिमांड के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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