
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नोएडा/ फरीदाबाद: नोएडा और फरीदाबाद में एक मदरसन इंडिया कंपनी के हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने अपनी सैलरी बढ़ौतरी को लेकर आज सोमवार को जबरदस्त हंगामा किया। नोएडा में प्रदर्शन कारियों ने पुलिस की गाड़ी सहित कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की, और पुलिस की गाड़ी को पलट दिया गया। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। फरीदाबाद के सेक्टर -37 में भी एक साथ हजारों कर्मचारियों ने रोड जाम करके जमकर हंगामा किया। काफी देर तक रोड जाम रही। यह लोग मदरसन इंडिया कंपनी के मजदूर थे। झलक के तौर पर वीडियो देखें। नोएडा में औद्योगिक अशांति का दौर थमता नज़र नहीं आ रहा है। नोएडा के फेस-2 में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गए, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मजदूरों और पुलिस के बीच सीधी भिड़ंत हुई, जिसमें जमकर पत्थरबाजी की गई।

फेस-2 में हुई हिंसक झड़प के बाद अब मदरसन कंपनी के हजारों मजदूर नोएडा के गोल चक्कर पर जमा हो गए हैं। मजदूरों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे दिल्ली-नोएडा लिंक रोड और आसपास के मार्गों पर वाहनों के पहिए थम गए हैं।प्रदर्शनकारी मजदूरों, जिनमें महिला कर्मचारी भी बड़ी संख्या में शामिल हैं, का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें मिलने वाला वेतन 10 से 11 हजार के बीच है, जिसमें गुजारा करना नामुमकिन है। उनकी मांग है कि इन-हैंड सैलरी कम से कम 20 हजार की जाए। प्रदर्शनकारी संगीता जोशी और अन्य मजदूरों का कहना है कि प्रशासन केवल ‘मांगें मान ली गई हैं’ का आश्वासन दे रहा है, लेकिन धरातल पर कुछ भी लागू नहीं हुआ है।मजदूरों ने आरोप लगाया कि 16 घंटे काम करने के बाद भी उन्हें उचित लाभ नहीं मिल रहा है।

नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मजदूरों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। गोल चक्कर पर भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट किया है, लेकिन मुख्य मार्ग जाम होने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन की तस्वीर फरीदाबाद के सेक्टर 37 स्थित मदरसन इंडिया कंपनी के बाहर की है जहां पर आज अपनी सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर हजारों की संख्या में मदरसों इंडिया के मजदूर सड़क पर उतर आए और उन्होंने कंपनी पर शोषण करने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहां की कंपनी में पहले भी हरियाणा द्वारा लागू न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा था।
फिलहाल हरियाणा सरकार ने फिर न्यूनतम वेतन के साथ-साथ जो सैलरी का पैमाना मजदूरों के लिए बनाया है उसे हिसाब से भी इस कंपनी में सैलरी उन्हें नहीं दी जा रही यदि वह आवाज उठाते हैं तो उन्हें नौकरी से न केवल निकाल देने की धमकियां दी जाती है,बल्कि उनके साथ बदसलूकी भी की जाती है। इसी गुस्से और अपने सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर आज वह लोग सड़कों पर उतरे हैं उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट से बात की जा रही है लेकिन अभी तक कोई नतीजा निकल कर सामने नहीं आ रहा है जब तक उनके पक्ष में नतीजा नहीं निकलता तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।वहीं कर्मचारियों के अनुसार, काम का दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उसके अनुसार वेतन और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कई बार प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसी के चलते आज गुस्साए कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी के बाहर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को उठाया। इस दौरान आसपास के इलाके में ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें शांत किया गया। वही,सी आई टी यू के नेता वीरेंद्र अग्रवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कंपनी मैनेजमेंट की एक बार असफल हो चुकी है मजदूरों के हित में नतीजा निकल कर नहीं आ रहा है जिस प्रकार से दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सैलरी बढ़ाई गई है उसी के हिसाब से हरियाणा के जिले फरीदाबाद और हरियाणा में भी मजदूरों की सैलरी बढ़ाई जानी चाहिए जब दिल्ली में बीजेपी सरकार है यूपी में बीजेपी सरकार है और हरियाणा में बीजेपी सरकार है तो मजदूर का सामान वेतन होना चाहिए। इस मामले के दौरान जिला श्रम आयुक्त ने बताया कि हमें सूचना मिली की श्रमिकों में वेतन को लेकर संतुष्टि नहीं है जिसको लेकर हमने आज कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बात करके मामले को हल कर दिया गया है, यहाँ काम करने वाले सभी कर्मचारियों को कंपनी पे रोल पर रखा गया हैं कोई ठेके पर नहीं है, अगर कंपनी की तरफ से कोई भी अनियमितता बरती जाती है तो कार्रवाई की जायेगी, अप्रैल से बढ़ी हुई सैलरी ही लोगों को उनके काम के हिसाब से दी जायेगी जैसे की सर्कार ने निर्धारित की है, नोएडा में कंपनी कर्मचारियों द्वारा की गई हिंसा एक दुष्प्रचार का हिस्सा थी और ऐसे ही भ्रम फरीदाबाद में भी यहाँ फैलाया गया, इस कंपनी के किसी भी कर्मचारी की हमारे पास कोई भी शिकायत नहीं आई थी, अब जब तक कंपनी के मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच सैलरी को लेकर पूरी बात स्पष्ट नहीं होती हमारी इस मामले पर पूरी नजर रहेगी और सरकार की हिदायत अनुसार सैलरी दी जायेगी।
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