
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने कहा है कि मोदी सरकार छात्रों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने के अपने वादे से मुकर रही है और देशभर में छात्रों के खिलाफ ताबड़तोड़ दर्जनों एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बताया कि पुलिस छात्रों के घरों पर दबिश देकर उनके परिजनों को प्रताड़ित कर रही है। इसके अलावा, पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों, पत्रकारों और यूट्यूबर्स की आवाज दबाने के लिए सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पत्र लिखकर उनके वीडियो हटवाए जा रहे हैं।नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने छात्रों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूरी ताकत से उनके साथ खड़े हैं। पूरे देश में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा पेपर लीक के खिलाफ और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाया जा रहा है। संगठनों ने पीड़ित छात्रों की कानूनी व हर संभव मदद के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 9811867474 और एक क्यूआर कोड जारी किया है। छात्र इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर या कोड स्कैन करके सीधे संगठन से संपर्क कर मदद प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान उनके साथ छात्र नेता ऋचा कुशवाहा और गुरमेहर कौर भी मौजूद थीं।
जाखड़ ने कहा कि दिल्ली में पैलेट गन और अब पटना में एके-47 जैसी घातक बंदूकों का इस्तेमाल निहत्थे छात्रों पर किया गया। उन्होंने बताया कि गोली लगने से घायल एक छात्र पटना के मेदांता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर गोलियां चलाने का आदेश किसके कहने पर दिया गया? उन्होंने कहा कि बिना उच्च स्तरीय आदेश के पुलिस ऐसा कदम नहीं उठा सकती।विनोद जाखड़ ने कहा कि दिल्ली और बिहार में हुई दमनपूर्ण कार्रवाई के विरोध में छात्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। युवा कांग्रेस व एनएसयूआई छात्रों के साथ खड़े हैं और इसके लिए पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के अलावा उनकी कई और मांगें भी थीं। उन्होंने कहा कि एनटीए को बैन किया जाए, देश में पारदर्शी तरीके से परीक्षा होनी चाहिए, परीक्षा कैलेंडर जारी हो और उसके अनुसार परीक्षा हो। साथ ही देश में पेपर लीक के खिलाफ बेहद कठोर सजा वाला एक मजबूत कानून बने। उन्होंने यह सवाल भी किया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के दोषी अधिकारियों और उसके महानिदेशक के खिलाफ अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत यह मांगें पुरजोर तरीके से उठाई जाएंगी।
जाखड़ ने आगे कहा कि पिछले 12 वर्षों में नीट समेत देश में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं और शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण 25 से अधिक अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली, इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि पीड़ित परिवारों का हालचाल जानने नहीं पहुंचा। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता करार दिया।वहीं, ऋचा कुशवाहा और गुरमेहर कौर ने देशभर में छात्रों पर की जा रही दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। ऋचा कुशवाहा ने बताया कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता की जा रही है; पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत एनएसयूआई के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि कई छात्राओं के घरों पर पुलिस ने रात दो बजे दबिश देकर तलाशी ली। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में जाने वाली छात्राओं को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं।
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