अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में हुए घोटाले को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए तथाकथित अमृत काल को भ्रष्टाचार, विफलताओं और अलोकतांत्रिक प्रथाओं का पर्याय बताया है। पार्टी ने सैंकड़ों करोड़ के सेल घोटाले का पर्दाफाश करने वाले सेल के जनरल मैनेजर राजीव भाटिया को निलंबित कर जबरन वीआरएस देने पर भी तीखे सवाल उठाए हैं।कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी नेता और पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए निर्माण क्षेत्र से जुड़ी 100 कंपनियों को 11 लाख टन स्टील रियायती दरों पर बेचा, जिसे इन कंपनियों ने बाद में अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाया।
महाघोटाले की परतें खोलने वाले अधिकारी पर ही कार्यवाही करने के एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए डॉ. अजय कुमार ने बताया कि सेल में महाप्रबंधक पद पर कार्यरत एक ईमानदार अधिकारी राजीव भाटिया ने दस दिन पुरानी वेंकटेश इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 400-800 करोड़ रु. का घोटाला करने का खुलासा किया था। लेकिन उनकी सराहना करने के बजाय उन्हें बिना किसी कारण के दस महीने तक निलंबित रखा गया। बाद में जानबूझकर उनके कार्य प्रदर्शन को खराब बताते हुए और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए मजबूर किया गया। दूसरी ओर घोटाले की जांच के दौरान निलंबित किए गए दो दर्जन से अधिक अधिकारियों को लोकसभा चुनाव के बहाने फिर से बहाल कर दिया गया।डॉ. अजय कुमार ने कहा कि मात्र दस दिन पहले रजिस्टर्ड इस कंपनी को 750 करोड़ रुपये का ठेका दे दिया गया। उन्होंने कहा कि कंपनी की निदेशक एकता अग्रवाल ने इस ठेके के तहत प्राप्त स्टील को सीधे बेच दिया और 80-90 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि सेल ने ही दूसरी कंपनी तक परिवहन का खर्च उठाया। उन्होंने आगे बताया कि कंपनी के गठन से पहले ही उसकी सिफारिश एपको इंफ़्राटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की जा चुकी थी, जिसने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को करीब 30 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की ‘चंदा दो, धंधा लो’ की नीति के तहत एपको कंपनी को हाल के वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के कई महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित सरकारी अनुबंध दिए गए हैं।कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार के अमृत काल पर तंज कसते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ईडी ने विपक्ष के 25 नेताओं पर छापेमारी की थी, लेकिन जैसे ही इनमें से 23 नेता भाजपा में शामिल हुए, उनके खिलाफ मामले या तो बंद कर दिए गए या ठंडे बस्ते में डाल दिए गए। इस संदर्भ में उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा, प्रफुल्ल पटेल और अशोक चव्हाण जैसे नेताओं का उदाहरण दिया।अमतृ काल की सच्चाइयां उजागर करते हुए डॉ. अजय कुमार ने कहा कि भाजपा शासन में मणिपुर जल कर राख हो रहा है। गरीबों के घरों को तोड़ा जा रहा है और राम मंदिर के नाम पर चंदा इकट्ठा कर घोटाला किया गया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के काफिले की 19 गाड़ियां इसलिए बंद हो गईं, क्योंकि उनमें तेल की जगह पानी डाल दिया गया था। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में भाजपा विधायक को रास्ता देने के लिए एम्बुलेंस को रोका गया, जिसके कारण एक बेटे को अपनी मां का शव पैदल लेकर जाना पड़ा। वंदे भारत ट्रेन में एक वरिष्ठ नागरिक के साथ भाजपा विधायक ने मारपीट की। उन्होंने भोपाल में बने उस पुल का भी जिक्र किया जो 90 डिग्री के तीव्र मोड़ के साथ बनाया गया है। कांग्रेस नेता ने मुंबई लोकल ट्रेन में होने वाली मौतों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में मुंबई लोकल लाइन पर 29,000 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 15,000 शवों की पहचान भी नहीं हो पाई है। उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के बेटे को टिकट दिए जाने और कुलदीप सेंगर जैसे बलात्कार के आरोपी को संरक्षण मिलने का उल्लेख करते हुए अमृत काल पर सवाल उठाए। डॉ.अजय कुमार ने भारत के पड़ोसी देशों के साथ बिगड़ते संबंधों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार है जब बांग्लादेश और नेपाल जैसे देश भी भारत को आंखें दिखा रहे हैं।
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