अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 29 जून तक संगठित अपराध के विरुद्ध निर्णायक कार्यवाही करते हुए बेहद प्रभावशाली सफलता हासिल की है। इस अवधि में एसटीएफ ने 58 इनामी बदमाशों, 101 गैंगस्टरों/गैंग के सदस्यों तथा 178 जघन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। यह उपलब्धियाँ 2025 में एसटीएफ की आक्रामक रणनीति, त्वरित कार्रवाई और अपराध तंत्र पर सीधी चोट को दर्शाती हैं, जिसने प्रदेश में अपराध के खिलाफ सुरक्षा कवच को और मजबूत किया है। यदि वर्ष 2024 की समान अवधि से तुलना की जाए, तो तब 100 इनामी अपराधी, 29 गैंगस्टर/गैंग सदस्य, और 227 गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधी गिरफ्तार किए गए थे। इस तुलना से यह स्पष्ट होता है कि वर्ष 2025 में एसटीएफ ने संगठित गैंग नेटवर्क पर कहीं अधिक गहरी चोट की है, जिससे न केवल गैंगस्टरों की सक्रियता में गिरावट आई है, बल्कि संगठित अपराध का फैलाव भी सीमित हुआ है। हरियाणा एसटीएफ की यह सफलता तकनीक-आधारित निगरानी, मजबूत खुफिया तंत्र और सटीक रणनीतिक कार्रवाई का प्रमाण है, जिसने अपराधियों में खौफ और आमजन में भरोसे को और गहरा किया है।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि हरियाणा पुलिस का एसटीएफ राज्य में संगठित अपराधों के विरुद्ध हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। एसटीएफ ने सीमाओं से परे जाकर गैंगस्टरों, नशा तस्करी नेटवर्क और अंतर्राज्यीय अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ जो कार्य किया है, वह सराहनीय और प्रेरणादायक है। आधुनिक तकनीक, विश्लेषणात्मक क्षमताओं और समर्पित मानव संसाधन के बल पर एसटीएफ ने न केवल अपराधियों की कमर तोड़ी है, बल्कि हरियाणा पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त साइबर और संगठित अपराध-निरोधक एजेंसी के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि ‘मुझे गर्व है कि एसटीएफ हरियाणा दिन-प्रतिदिन और अधिक सक्षम, सजग और अत्याधुनिक बन रही है। एसटीएफ आने वाले समय में अपराधों पर लगाम लगाने में एक मॉडल यूनिट के रूप में देशभर में उदाहरण प्रस्तुत करेगी । अपनी रणनीतिक दृष्टि, तकनीकी दक्षता और साहसिक कार्रवाई के बल पर एसटीएफ ने यह साबित कर दिया है कि संगठित अपराधों के विरुद्ध लड़ाई में एक सशक्त, समर्पित और आधुनिक पुलिस बल किस प्रकार निर्णायक भूमिका निभा सकता है। वर्ष 2024 में हरियाणा की एसटीएफ ने अपराधियों के खिलाफ अपने अभियानों को और अधिक प्रभावशाली बनाते हुए कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। पूरे वर्ष में एसटीएफ ने 195 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया, जो 2023 में हुई 175 गिरफ्तारियों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है और यह दर्शाता है कि एसटीएफ ने वांछित अपराधियों के विरुद्ध दबाव बढ़ाया है। जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों में एसटीएफ की सक्रियता और भी अधिक प्रभावशाली रही,वर्ष 2023 में 200 आरोपियों की गिरफ्तारी के मुकाबले 2024 में यह संख्या बढ़कर 397 हो गई—जो लगभग 98% की बढ़ोतरी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि एसटीएफ ने हत्या, अपहरण, बलात्कार और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में तीव्र और निर्णायक कार्रवाई की है। वहीं, गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी 2023 के 69 से घटकर 2024 में 58 रही, जो इस बात का संकेत है कि एसटीएफ की निरंतर कार्रवाई ने गैंग नेटवर्क को कमजोर कर दिया है, जिससे उनकी सक्रियता में गिरावट आई है। समग्र रूप से देखा जाए तो एसटीएफ हरियाणा का प्रदर्शन न केवल आंकड़ों में बल्कि अपराधियों के मन में डर और आमजन में सुरक्षा की भावना पैदा करने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ है।गत दो वर्षों के दौरान एसटीएफ को मजबूती प्रदान करने हेतु बल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। अपराध के बदलते परिदृश्य को देखते हुए दो नई इकाइयों की स्थापना भी की गई है, ताकि तेजी से बदलते आपराधिक तरीकों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। इसके साथ ही, एसटीएफ मुख्यालय में एक इंटेलिजेंस एवं विश्लेषण विंग तथा वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit) का गठन किया गया है, जिससे आर्थिक अपराधों पर निगरानी और कार्रवाई और भी प्रभावी हो सकी है। स्पेशल टास्क फोर्स की उपलब्धियों व कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए आईजी सिमरदीप सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने तकनीक आधारित अपराधों की चुनौती को देखते हुए अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है। इसमें सर्विलांस तकनीक, डार्क वेब विश्लेषण, साइबर संकेतकों की पहचान और जांच में साइबर टूल्स के उपयोग जैसे विषय शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आयोजित किया गया, जिससे एसटीएफ में कार्यरत कर्मियों की साइबर अपराधों को समझने और उस पर प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता पहले की अपेक्षा बढ़ी है।एसटीएफ ने विदेशों में सक्रिय कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध भी मजबूती से मोर्चा संभाला है। एसटीएफ मुख्यालय में स्थापित RCN-LOC सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से लुक आउट सर्कुलर (LOC), रेड कॉर्नर नोटिस (RCN), इंटरपोल संदर्भ, पासपोर्ट निरस्तीकरण और अस्थायी गिरफ्तारी अनुरोधों के माध्यम से 10 कुख्यात गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण/निर्वासन सुनिश्चित किया है, जो एसटीएफ की एक बड़ी सफलता है।STF की फील्ड इकाइयों को अत्याधुनिक संसाधन जैसे हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट्स और विशेष वाहनों से सुसज्जित किया गया है, ताकि वे खतरनाक अपराधियों का मुकाबला सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कर सकें। साथ ही, ईगल (EAGLE) और DMS सॉफ्टवेयर के माध्यम से संगठित अपराधियों और गैंगस्टरों का विस्तृत डेटा संग्रहण और विश्लेषण किया गया है, जिससे अपराधियों पर धरपकड़ की दिशा और रणनीति और भी सटीक बनी है।तकनीकी दृष्टि से STF का निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटर और सर्वरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही, डीआरडीओ के सेंटर फॉर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस रिसर्च (CAIR) द्वारा विकसित डार्क वेब सर्च और विश्लेषण समाधानों तक एसटीएफ की पहुँच सुनिश्चित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। इससे STF को साइबर अपराधों के गुप्त स्रोतों तक पहुँचना और अधिक सरल एवं सटीक हो जाएगा।हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स, जिसकी स्थापना वर्ष 2017 में की गई थी, ने अपने गठन से अब तक संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। एसटीएफ का मुख्य उद्देश्य गैंगस्टरों, नशा तस्करों, हथियारों के सौदागरों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर सक्रिय अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई करना रहा है। अपने बहु-विषयक दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीकों और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से एसटीएफ ने प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त बनाई है।
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