
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आज लोकसभा में वित्त विधेयक पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से चर्चा करते हुए कहा कि बारह साल में बीजेपी सरकार ने ऐसे ऐसे रिकार्ड बनाये जिनसे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था कितनी गंभीर परिस्थिति में है। दीपेंद्र हुड्डा ने डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भारत वर्ल्ड फास्टेस्ट ग्रोईंग इकोनॉमी नहीं बल्कि वर्ल्ड फास्टेस्ट फॉलिंग करेंसी वाला देश बन गया है। 78 साल के इतिहास में रुपया दुनिया के बाजार में इतना सस्ता कभी नहीं हुआ जितना भाजपा सरकार में हो गया। पिछले तीन साल में दुनिया की सबसे ज्यादा गिरने वाली टॉप तीन करेंसी ईरानी रियाल, लेबनानी पाउंड और भारतीय रुपया है।

उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए ईरान और लेबनान पर तो बम गिर रहे हैं, हमारे देश में कौन सा बम गिर रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई आसमान छू रही है और रुपया तेजी से रसातल की तरफ जा रहा है, सरकार बेबस नजर आ रही है। देश में सिलेंडर किल्लत पर तंज करते हुए सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि देश में सिलेंडर क्राईसिस तो है ही, सरेंडर क्राईसिस है। स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पहले कोई तैयारी नहीं की। अब जब संकट आया तो सरकार के हाथ-पैर फूल गए। आज अमेरिका ये फैसला कर रहा है कि भारत कहां से तेल लेगा, कितने में खरीदेगा। अमेरिका फैसला कर रहा है कि युद्ध विराम कब होगा?

वित्त विधेयक पर बोलते हुए सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा के साथ हो रहे भेदभाव और अन्याय का मुद्दा उठाया कहा कि हरियाणा देश के GST कलेक्शन का 7% देता है लेकिन उसे 1% वापस मिलता है। हरियाणा उत्तर प्रदेश, पंजाब जैसे राज्यों से कहीं ज्यादा टैक्स कलेक्शन देता है फिर भी हरियाणा के बड़े मंजूरशुदा बड़े प्रोजेक्ट दूसरे प्रदेशों में चले गए। उन्होंने कहा कि बजट में न तो इनका कोई जिक्र है न ही सरकार ने इनके लिये एक रुपये का आवंटन ही दिया। उन्होंने महम इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गोहाना रेल कोच फैक्ट्री, बाढ़सा एम्स के बचे हुए 10 संस्थान, गुरुग्राम में बनने वाले भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय आदि परियोजनाओं को बजट देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि 78 साल में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, यूरिया इतना महंगा नहीं हुआ, जितना बीजेपी सरकार में हुआ। लेकिन सरकार युद्ध की आड़ लेकर कहेगी कि क्रूड ऑयल की कीमत काफी बढ़ गई है। 2014 में पेट्रोल 70 रुपये डीजल 50 रुपये और LPG 400 रुपये पर था, जो आज 96, 88 और 913 रुपये पर पहुँच गया है। आज क्रूड ऑयल करीब 100 डॉलर प्रति बैरल है, बीजेपी सरकार ने इतने पर ही पेट्रोल, डीजल, एलपीजी महंगी क्यों कर दी। जबकि 009 में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संकट के समय क्रूड ऑयल 147 डॉलर प्रति बैरल हो गया था। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय पेट्रोल पर प्रति लीटर 9 रुपये की इक्साइज़ ड्यूटी थी, डीजल पर 3.5 रुपए लेकिन आज बीजेपी सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 23 रुपये और डीजल पर 21 रुपये टैक्स वसूल रही है। बीजेपी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों की वजह से 78 साल में गरीब और अमीर में असमानता का भी रिकार्ड बना है। ऑक्सफ़ेम की रिपोर्ट बताती है कि हिंदुस्तान के 1% सबसे अमीर लोगों के हाथ में देश की 40% संपत्ति और देश की 65% आय है। हिंदुस्तान के निचले पायदान पर खड़े 50% नागरिक, किसान-मजदूर, गरीब के पास देश की केवल 3% संपत्ति ही रह गई है।दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय किसानों का कर्ज माफ होता था, आज किसान पर 32 लाख करोड़ का कर्जा खड़ा है लेकिन सरकार के पास किसान का एक रुपया भी माफ करने की कोई योजना नहीं है। वहीं बीजेपी सरकार ने बिना योजना के ही पिछले 12 साल में 16 लाख करोड़ के कॉर्पोरेट कर्ज माफ किये। बीजेपी सरकार ने क्रोनी कैपिटलिज़म के आधार पर अपने चहेतों को एयरलाइन, टेलीकॉम सेक्टर समेत हर सेक्टर में मोनोपॉली, ड्यूओपॉली बना दी। मनमानी कीमतें वसूली जा रही है क्योंकि मार्केट में प्रतिस्पर्धा ही खत्म हो गई।सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वे के आंकड़ों को सामने रखते हुए कहा कि बीजेपी सरकार के 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में काम करने वालों की आबादी बढ़ गई और विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वालों की आबादी घट गई। इससे पहले कृषि क्षेत्र से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले बढ़ रहे थे। 2014 में विनिर्माण क्षेत्र में 13% श्रम बल कार्यरत था जो आज घटकर 11% रह गया है। कृषि में 42% कार्यबल था जो बढ़कर 46% हो गया है। यही नहीं, दीपेन्द्र हुड्डा ने मेक इन इंडिया के नारे की पोल खोलते हुए कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में जीडीपी का प्रतिशत 17% से घटकर 13% पर आ गया है। जीडीपी का प्रतिशत घटना Make India के नारे के परखच्चे उड़ा रहा है। आत्मनिर्भर भारत की असलियत बताते हुए दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत को विश्वनिर्भर भारत बनाने का काम किया है। आयात और निर्यात में अंतर बताने वाला व्यापार घाटा 2014 में UPA के अंतिम वर्ष में 136 बिलियन डॉलर था, आज यह दोगुने से ज्यादा होकर आपके 283 बिलियन डॉलर हो गया है। आर्थिक सर्वे के आंकड़ों से निवेश की पोल खोलते हुए दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले 12 साल में 20 बिलियन डॉलर देश के बाजार से बाहर निकाल लिए जो पिछले 78 साल में सबसे ज्यादा है। बीजेपी सरकार में FDI निरंतर कम हो ही रही है, साथ ही पहली बार ऐसा हुआ है कि नेट FDI नेट ODI के बराबर हो गया है। यानी 12 साल में प्रति वर्ष एफडीआई 29.1 बिलियन डॉलर आया लेकिन हमारी कंपनियां (ओडीआई) 29.2 बिलियन डॉलर बाहर ले गयी। इससे स्पष्ट है कि हमारी कंपनियां निवेश की बजाय बीजेपी सरकार की अर्थव्यवस्था में विश्वास नहीं कर रही और अपनी पूंजी लेकर बाहर जा रही हैं। कर्ज के आंकड़ों पर बोलते हुए सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि केंद्र और राज्यों का कर्ज मिला दिया जाए तो देश की अर्थव्यवस्था में 82% कर्ज है। जो 2014 में 68 बिलियन डॉलर था लेकिन आज बढ़कर 738 बिलियन डॉलर हो गया है। सरकार टैक्स कोड को सरल बनाने की बात कह रही है। लेकिन सीआईटी और IT अपीलेट में मिलाकर 24.5 लाख करोड़ सरकार का फंसा हुआ है और हर वर्ष ये आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। रक्षा बजट देश के इतिहास में सबसे कम GDP का केवल 1.6% बीजेपी सरकार ने किया है। जबकि यूपीए के समय यह 2.5% था। बीजेपी सरकार ने अग्निपथ योजना लाकर फौज को कच्चा कर दिया। अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में सूखे मेवे, फल, मखाना, प्रॉन बीज आदि पर कस्टम ड्यूटी शून्य कर दी।
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