अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध,आपत्तिजनक एवं भ्रामक गतिविधियों के विरुद्ध प्रारंभ किया गया विशेष अभियान एक माह सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सहयोग से संचालित यह अभियान डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी एवं परिणामकारी सिद्ध हुआ है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, उकसाने वाली तथा समाज में भ्रम या तनाव उत्पन्न करने वाली सामग्री की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए यह सुनियोजित और सकारात्मक पहल शुरू की गई थी। पिछले लगभग एक माह के दौरान साइबर टीम द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग एवं त्वरित समन्वय के माध्यम से कुल 2052 लिंक एवं प्रोफाइल रिपोर्ट किए गए, जिनमें से 1616 आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है। शेष 436 लिंक विभिन्न समीक्षा चरणों में हैं और उन पर भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

अभियान के अंतर्गत साइबर टीम प्रतिदिन सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, लिंक एवं प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें भ्रामक जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट पाया जाता है। ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस जारी कर सामग्री हटाने की मांग की जाती है। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी ढिलाई के संचालित की जा रही है।डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देशानुसार 12 जनवरी 2026 से फर्जी ट्रेडिंग एवं निवेश ऐप्स के विरुद्ध विशेष संगठित अभियान प्रारंभ किया गया। अब तक 125 संदिग्ध ऐप्स एवं चैनलों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 88 को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाया जा चुका है, जबकि शेष 37 पर अंतिम समीक्षा एवं टेक-डाउन प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। डीजीपी ने कहा कि यह पहल नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आएगी।डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली सामग्री सामाजिक सौहार्द एवं शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पूर्व किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें, बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील सामग्री साझा न करें तथा संदिग्ध पोस्ट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षित, जागरूक और भरोसेमंद डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक सशक्त मंच है, जिसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और सतर्कता से यह अभियान और अधिक प्रभावी सिद्ध होगा।
डीजीपी ने नागरिकों से पुनः अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते फ्रॉड की गई राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर होने से रोका जा सके और अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। हरियाणा पुलिस का यह एक माह का विशेष डिजिटल अभियान न केवल कानून पालन सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हुआ है, बल्कि सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार डिजिटल समाज के निर्माण की ओर एक ठोस एवं प्रभावी पहल भी है।
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