अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी कमर्शियल शुरुआत की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ा दिया है। भारत के ‘ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी’ यानी BCAS ने एयरपोर्ट को सिक्योरिटी क्लीयरेंस दे दी है। अब केवल एक आखिरी कदम बाकी है, जिसके बाद यहां के रनवे से विमान उड़ान भरते नजर आएंगे।जेवर एयरपोर्ट के लिए अब तक की सबसे बड़ी बाधा पार हो गई है। ‘ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी’ ने एयरपोर्ट के सुरक्षा ढांचे को नेशनल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप पाते हुए एनओसी जारी कर दी है। इस क्लीयरेंस का मतलब है कि एयरपोर्ट के एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस सिस्टम और पैसेंजर स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं।

अब सबकी नजरें ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविशन’ (DGCA) पर टिकी हैं। DGCA इसी हफ्ते एयरपोर्ट का अंतिम निरीक्षण करने वाला है। इस दौरान 3,700 मीटर लंबे रनवे और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम की जांच होगी। एयरफील्ड लाइटिंग और नेविगेशन सिस्टम को परखा जाएगा। इमरजेंसी और फायर फाइटिंग की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो DGCA जल्द ही ‘एयरोड्रम लाइसेंस’ जारी कर देगा।
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