अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने मोदी सरकार से मांग की है कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ पर आए हालिया फैसले के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रोका जाए। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अब अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और मांग की कि सरकार को भारतीय किसानों की रक्षा के लिए ट्रेड डील में बदलाव करना चाहिए, क्योंकि समझौते में ही बदलाव का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि अंतरिम समझौते के फ़्रेमवर्क में यह प्रावधान है कि अगर एक देश शर्तों में बदलाव करता है, तो दूसरा देश भी ऐसा कर सकता है। उन्होंने बताया कि रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अमान्य कर दिया है। फैसले में साफ कहा गया है कि ट्रंप को इस प्रकार के टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं था, क्योंकि यह अमेरिकी कानून और संविधान के खिलाफ था।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी की रात भारत के साथ व्यापार समझौते की पहली घोषणा करते हुए कहा था कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि प्रधानमंत्री ने सुनिश्चित किया कि उस रात ही समझौते की घोषणा हो जाए, जबकि सबको पता था कि ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को वहां सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और उस पर रोक लग सकती है। उन्होंने कहा कि 02 फरवरी को ही दिन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से सदन में दिए भाषण से ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आनन-फानन में व्यापार समझौते के लिए ट्रंप से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की पुस्तक में किए गए खुलासों को लेकर सवाल उठाने से मोदी घबरा गए थे। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री अपनी छवि बचाने को लेकर इतने चिंतित न होते और केवल 18 दिन प्रतीक्षा कर लेते तो भारतीय किसान इस संकट से बच सकते थे और देश की संप्रभुता भी सुरक्षित रहती।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप द्वारा आयात शुल्क को 18 प्रतिशत की जगह 10 प्रतिशत किए जाने पर जश्न मनाने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि पहले यह दर औसतन 3.5 प्रतिशत थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि क्या वे ट्रंप से सहमत हैं कि भारत-अमेरिका समझौता अब भी बना रहेगा? उन्होंने प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले या उसके बाद ट्रंप के व्यक्तव्यों पर मोदी सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कांग्रेस महासचिव ने खास तौर पर अमेरिकी कृषि उत्पादों को दी जाने वाली रियायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों की रोजी-रोटी को खतरा है। उन्होंने कहा कि समझौते में लिखा है कि अमेरिका से आयात होने वाले कपास, सोयाबीन और फलों समेत खेती के उत्पादों पर टैरिफ कम कर दिए जाएंगे या पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे।जयराम रमेश ने मांग की कि मौजूदा अनिश्चित परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए इस व्यापार समझौते को स्थगित किया जाना चाहिए।
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