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दिल्ली नई दिल्ली

सीएम अरविंद ने बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को सौंपा मुआवजा राशि का चेक

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए आज किसानों को मुआवजा राशि का चेक सौंपा और कहा कि बे मौसम बारिश की वजह से किसानों की फ़सल खराब हो गई थी। उनके नुकसान की भरपाई के लिए हमने मुआवज़ा राशि देना शुरू कर दिया है। 20 हज़ार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से पूरे देश में किसानों को सबसे ज्यादा मुआवज़ा दिल्ली में मिल रहा है। इसके अलावा, जनवरी में सरसो की फसल खराब हो गई थी। उसका मुआवजा देने के लिए मैंने सर्वे का आदेश दे दिया है। हमारी सरकार बनने से पहले दिल्ली के शासन व्यवस्था से किसान पूरी तरह से गायब था। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर बारिश से 70 फीसद से कम फसल नुकसान हुई है, तो 70 फीसद और 70 फीसद से ज्यादा फसल नुकसान हुई है, तो 100 फीसद मुआवजा मिलेगा। पंजाब में भी कपास की फसल बर्बाद हुई है और पंजाब सरकार ने 12 हजार रुपए देने का ऐलान किया है, लेकिन अभी तक किसानों को पैसा नहीं मिला है। जिस देश या जिस राज्य में किसानों की इज्जत नहीं है, वो देश तरक्की नहीं कर सकता। 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते अक्टूबर महीने में बेमौसम बारिश के चलते खराब हुई फसलों के लिए आज किसानों को मुआवजे का चेक वितरित किया। दिल्ली सचिवालय के ऑडोटोरियम में आयोजित मुआवजा वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत, मुख्य सचिव विजय देव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान किसानों ने सीएम अरविंद केजरीवाल को पगड़ी बांध कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2013 की बात है। हमारी नई-नई पार्टी बनी थी। उस समय बेमौसम ओले पड़े थे। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। उस समय स्वर्गीय शीला जी मुख्यमंत्री थीं। उनके पास कोई पत्रकार गया और बोला कि किसान बहुत दुखी हैं। ओले पड़े हैं, कुछ मुआवजा दिया जाएगा क्या? इस पर उनका जवाब था कि दिल्ली में खेती भी होती है क्या? 15 साल राज करने के बाद अगर कोई मुख्यमंत्री कहे कि दिल्ली में खेती भी होती है क्या? एक तो किसान की फसल बर्बाद हो गई। दूसरा अगर अपना ही मुख्यमंत्री कहे कि दिल्ली में खेती होती है क्या? तो उसका अपमान हो गया। यह ये दिखाता है कि दिल्ली के पूरे शासन व्यवस्था से किसान किस तरह से गायब था। जब मुख्यमंत्री और मंत्रियों को यह ही नहीं पता है कि दिल्ली में खेती भी होती है, तो उनके लिए काम क्या करेंगे? हमारी फरवरी में सरकार बनी थी और अप्रैल में कुछ किसान आए और बोले कि बेमौसम बारिश हो गई है और उसकी वजह से हमारी फसल बर्बाद हो गई। मैं उनके साथ हो लिया और 8-10 गांवों में घूम कर आया और देखा कि फसल काफी बर्बाद हो गई थी। हम लोगों ने किसानों के साथ वहीं खाट पर बैठ कर नुकसान का आंकलन किया और वहीं पर हमने 20 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देना तय किया। इससे किसान बहुत खुश हो गए। हमने उस वक्त न केवल ऐलान किया, बल्कि दो-तीन महीने के अंदर किसानों के खाते में पैसा भी पहुंच गया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते अक्टूबर के महीने में बेमौसम बारिश हो गई थी। उसकी वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इसलिए फिर से हम लोगों ने 20 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने का निर्णय लिया है। मुआवजे का आंकलन करने के लिए हमने बहुत ही साधारण तरीका अपनाया है। अगर फसल 70 फीसद से कम नुकसान हुई है, तो किसान को 70 फीसद मुआवजा देंगे और 70 फीसद से ज्यादा फसल नुकसान हुई है, तो 100 फीसद मुआवजा दे देंगे। इसमें ज्यादा गणना करने की जरूरत ही नहीं है। अक्टूबर में फसलों को नुकसान हुआ था। इसका सर्वे कराने में दो-तीन महीने लग गए। अब सारे सर्वे पूरा हो गए हैं। इतनी जल्द सर्वे पूरा करने के लिए किसानों की तरफ से मैं सारे अफसरों और कर्मचारियों को भी बधाई देना चाहता हूं। आज से किसानों के चेक आने चालू हो जाएंगे। आज कुछ किसानों को मैं स्वयं चेक दे रहा हूं। मैं तो चाहता था कि खेतों में आकर यह चेक बंटने चाहिए। यह सभा गांव में होनी चाहिए थी और हजारों की तादात में किसाना होते, मजा ही अलग होता। लेकिन कोरोना का समय है और इस वजह से ज्यादा मीटिंग करनी ठीक नहीं है। इसलिए एक छोटा सा कार्यक्रम किया गया है। किसी को तीन लाख का, किसी को ढाई लाख का, किसी को दो लाख का चेक दिया जा रहा है, जो एक सम्मानजनक राशि है। बाकी दूसरे राज्यों में देखते हैं कि किसी को 10 रुपए का चेक पहुंचा। इससे अच्छा है कि चेक न ही दो। कम से कम किसान का अपमान तो न करो। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चुनाव के चलते पंजाब आना-जाना पड़ रहा है। पंजाब में भी अक्टूबर के महीने में कपास की फसल बर्बाद हुई थी। गुलाबी सूंडी एक कीड़ा है, जो फसल को लग गया था। वहां की सरकार ने 12 हजार रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया, जबकि वहां पर किसानों की लागत ज्यादा थी। किसानों ने कहा भी कि 12 हजार रुपए में कुछ नहीं होगा। वह 12 हजार रुपए भी किसानों को आज तक नहीं मिला है। जबकि हमारे यहां लागत कम थी, उसके बावजूद हमने 20 हजार रुपए प्रति एकड़ देने का ऐलान किया और अब सब लोगों को चेक भी मिलना चालू हो जाएगा। ‘आप‘ की सरकार है, हम आपके ही हैं, आपके परिवार के हैं, मैं एक तरह से आपका बेटा या भाई ही हूं, जब भी कभी किसी चीज की जरूरत हो, तो ये मत सोचना कि आपका कोई नहीं है। आपके घर का आदमी दिल्ली का मुख्यमंत्री है। आपके घर से आपका बेटा दिल्ली का मुख्यमंत्री है। कभी किसी चीज की जरूरत हो, तो आप आ जाना, हम आपके साथ खड़े हैं। मेरा अपना मानना है कि जिस देश या जिस राज्य में किसानों की इज्जत नहीं है, वो देश तरक्की नहीं कर सकता। हम किसानों की बहुत इज्जत करते हैं। कभी भी, किसी भी तरह का दुख-दर्द होगा, हम आपके साथ खड़े हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे पता चला है कि जनवरी के महीने में सरसो की फसल भी बर्बाद हो गई है। मैंने उसका मुआवजा देने के लिए सर्वे करने का आदेश जारी कर दिया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘बेमौसम बारिश की वजह से दिल्ली में किसानों की फ़सल खराब हो गई थी। उनके नुकसान की भरपाई के लिए आज से हमने मुआवज़ा राशि देना शुरु कर दिया है। कुछ किसान भाईयों को मैंने खुद चेक सौंपे। 20 हज़ार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से पूरे देश में किसानों को सबसे ज्यादा मुआवज़ा दिल्ली में मिल रहा है।’’किसान जय प्रकाश को फसल के नुकसान पर 2 लाख 76 हजार 200 रुपए का चेक दिया गया। जय प्रकाश काफी वृद्ध हैं और वो मंच तक चेक लेने में आने के लिए खुद को असमर्थ पाए। हालांकि जय प्रकाश ने मंच तक पहुंचने की कोशिश जरूर की। यह देखकर सीएम अरविंद केजरीवाल चेक लेकर खुद उनके पास पहुंचे और उन्हें सौंपा। मुख्यमंत्री को अपने पास आकर चेक देने से किसान जय सिंह भावुक हो उठे। मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल की इस कदम की वहां मौजूद सभी किसानों ने जमकर सराहना की।दिल्ली के राजस्व मंत्री श्री  कैलाश गहलोत ने कहा कि देश भर में सरकारें किसानों के लिए बहुत कुछ कहती हैं, लेकिन करती नहीं हैं। देश में अगर किसी मुख्यमंत्री ने किसानों के दुख-दर्द को समझा है, मुसीबत में साथ दिया है, तो वो अरविंद केजरीवाल हैं और कोई नहीं है। पूरे देश में किसी भी सरकार ने 20 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा नहीं दिया है। इस मुआवजे से किसानों के नुकसान की पूरी भरपाई तो नहीं हो सकती है, लेकिन किसानों को बड़ी राहत जरूरत मिलेगी। मैं सीएम अरविंद केजरीवाल का इस पुण्य काम के लिए धन्यवाद करता हूं। जिस प्रकार से सीएम अरविंद केजरीवाल ने किसानों का साथ दिया है, इसके लिए किसान हमेशा ऋणी रहेंगे। मुझे उम्मीद है कि जब भी किसान भाईयों को इस तरह की मुसीबत में जरूरत पड़ेगी, तब सीएम अरविंद केजरीवाल को परिवार का सदस्य होने के नाते हमेशा अपने साथ खड़ा पाएंगे। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष सितंबर-अक्टूबर महीने में दिल्ली में बेमौसम बारिश हुई थी। नालों के ओवर फ्लो होने और खेतों में जल भराव होने के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ। उस दौरान सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को सर्वे करने के निर्देश दिए थे। सर्वे से पता चला है कि बेमौसम बारिश से दिल्ली में करीब 30 हजार एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने किसानों को तत्काल मुआवजा देने के लिए इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। बीते सप्ताह मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई बैठक में कैबिनेट ने बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को 20 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने को मंजूरी दे दी। यदि फसल का नुकसान 70 फीसद या उससे कम हुआ है, तो मुआवजे का भुगतान 70 फीसद की दर से किया जाएगा। अगर फसल का नुकसान 70 फीसद से अधिक है, तो 100 फीसद की दर से मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। इस पर दिल्ली सरकार की तरफ से करीब 55.35 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
*सीएम अरविंद केजरीवाल ने इन किसानों को सौंपा  मुआवजा राशि का चेक

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