
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: महारानी वैष्णो देवी मंदिर में धूमधाम से नवरात्रों की पूजा अर्चना का शुभारंभ हुआ. मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने प्रातः कालीन पूजा अर्चना और हवन यज्ञ का शुभारंभ करवाया. इस शुभ अवसर पर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का ताँता लगना शुरू हो गया. प्रथम नवरात्रों पर मंदिर में मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना में लोगों ने हिस्सा लिया.
भाटिया ने उपस्थित श्रद्धालुओं को माता शैलपुत्री की महिमा का गुणगान करते हुए बताया कि मातारानी हिमालय की पुत्री हैं। इसी वजह से मां के इस स्वरूप को शैलपुत्री कहा जाता है। इनकी आराधना से हम सभी मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं। मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्र को जपना चाहिए। इसके प्रभाव से माता जल्दी ही प्रसन्न होती हैं और भक्त की सभी कामनाएं पूर्ण करती हैं। देवी शैलपुत्री वृषभ पर विराजित हैं।

शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल है और बाएं हाथ में कमल पुष्प सुशोभित है। माँ शैलपुत्री नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा है। नवरात्रि के प्रथम दिन देवी उपासना के अंतर्गत शैलपुत्री का पूजन करना चाहिए। इस अवसर पर मंदिर में माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना में उद्योगपति आर के बत्रा, पार्षद हरिकृष्ण गिरोटी, प्रदीप झाम, करण भाटिया, धीरज,सोनिया बत्रा, विमल पुरी, प्रीतम धमीजा एवं विनोद पांडे ने शामिल होकर माता के समक्ष अरदास लगाइ. मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने आए हुए सभी अतिथियों को माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया. श्री भाटिया ने बताया कि नवरात्रों के शुभ अवसर पर मंदिर के कपाट 24 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे. इस भव्य अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है. उन्होंने कहा कि सच्चे मन से मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना और अरदास करने वालों की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती है.
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