अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:भ्रष्टाचार के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कैथल की अदालत द्वारा आरोपी सहायक उप-निरीक्षक (ASI) बलविन्द्र सिंह, जिला कैथल को दोषी ठहराते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा धारा 13(1)(b) सहपठित धारा 13(2) के तहत 4 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50,000/- रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 5 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। प्रकरण के अनुसार शिकायतकर्ता संदीप कुमार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अम्बाला को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी माता कृष्णा देवी के विरुद्ध दर्ज मुकदमा संख्या 284/2023 (लड़ाई-झगड़े का मामला), जिसकी जांच पुलिस चौकी भागल में चल रही थी, में गिरफ्तारी का दबाव बनाकर आरोपी द्वारा 60,000 रुपये रिश्वत वसूली गई। इसके अतिरिक्त, इसी मामले में शिकायतकर्ता के पड़ोसी जयपाल के पुत्रों शेखर व अमन तथा शिकायतकर्ता का नाम केस से निकालने के एवज में प्रत्येक व्यक्ति से 50-50 हजार रुपये की रिश्वत तय की गई और 10,000 रुपये अग्रिम रिश्वत की मांग की जा रही थी।

उक्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला की टीम ने आरोपी ASI बलविन्द्र सिंह को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध एफआईआर संख्या 30 दिनांक 12.12.2023 के तहत धारा 7, 13(1)(b) सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा धारा 384 आईपीसी के अंतर्गत थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में मामला दर्ज किया गया था। जांच पूर्ण होने उपरांत आरोपी के विरुद्ध दिनांक 08.02.2024 को न्यायालय, कैथल में चालान प्रस्तुत किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।
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