अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक टीम को सोमवार को एफआईआर नंबर- 5 दिनांक 08.12.2021 धारा 167, 218, 420, 467, 468, 471, 120-बी भा.द.स. थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक में एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति अपने आप को मदन मोहन पुत्र हेत राम बता कर गाँव सुल्तानपुर की विवादित जमीन (रकबा लगभग 12 एकड) बेचना चाहता है। इस सम्बन्ध में उस व्यक्ति जो अपने आप को मदन मोहन पुत्र हेत राम बता रहा था, को पकड़कर पुछताछ की गई तो पता चला कि इस व्यक्ति का असली नाम राजेश जैन पुत्र ताराचन्द निवासी दिल्ली है। पुछताछ पर यह भी पता चला कि उसने अपने आप को मदन मोहन पुत्र हेतराम बताकर व मदन मोहन पुत्र हेतराम के नाम से फर्जी कागजात तैयार कर तहसील कार्यालय, सोनीपत में अपने नाम इन्तकाल नम्बर- 4571 वर्ष 2021 राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत करके राजस्व रिकार्ड में दर्ज करवाया गया था।

उसके द्वारा इस विवादित जमीन पर अपना हक साबित करने के लिए अलग-2 समय पर अलग-2 न्यायालय में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने आप को मदन मोहन पुत्र हेत राम, निवासी अमृतसर (पंजाब) होने का दावा भी पेश किया गया। आरोपित को पूछताछ के बाद गिरफतार किया गया। आज न्यायालय, सोनीपत में उसे पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामला यह था कि वर्ष- 1966 में मदन मोहन पुत्र हेत राम, निवासी अमृतसर (पंजाब) ने रामनाथ वगैरा निवासी गाँव राठधाना जिला सोनीपत से लगभग 12 एकड़ जमीन खरीद की थी। इस जमीन का इन्द्राज राजस्व रिकार्ड में वसिका नम्बर 2017 दिनांक 07.02.1966 व इंतकाल नम्बर 774, 775 दिनांक 25.05.1970 अनुसार किया गया। दिनांक 28.05.1994 को मदन मोहन की मृत्यु होने के उपरांत इस जमीन का इंतकाल नंबर 2524 दिनांक 28.03.2006 को विरासत के आधार पर मदन मोहन की पत्नी श्रीमती संतोष व बेटे नरेन्द्र के नाम राजस्व रिकार्ड में पंजीकृत हुआ। वर्ष 1982 से मदन मोहन द्वारा खरीद की गई उपरोक्त भूमि पर उमेद सिंह द्वारा पट्टे के आधार पर खेती की गई तथा उमेद सिंह की मृत्यु उपरान्त वर्ष 2012 से उमेद के पुत्र दीपक द्वारा इस जमीन पर खेती की गई तथा उनके द्वारा खेती से प्राप्त आमदनी की राशि को मदन मोहन के पुत्र नरेन्द्र निवासी पीतमपुरा नई दिल्ली को पहुँचाई गई है।

वर्ष 2021 में एक जांच पर पाया गया कि उपरोक्त विवादित जमीन अलग-2 व्यक्तियों द्वारा अपने आप को मदन मोहन का वारिस बताकर व स्वयं मदन मोहन बनकर फर्जी वसीयतनामा तैयार करके तहसील कार्यालय में नियुक्त राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत करके इस जमीन पर अपना हक साबित करने के प्रयास करके 3 इंतकाल अपने हक में दर्ज करवाएं गए है। इन आरोपो के सम्बन्ध में ए.सी.बी. रोहतक में मुकदमा संख्या 05 दिनांक 08.12.2021 धारा 167, 218, 420, 468, 468, 471, 120-बी भा.द.स. थाना एसीबी, रोहतक में दर्ज किया गया।राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक टीम द्वारा इस प्रकरण में अब तक कुल 9 आरोपीगण नरेश कुमार निवासी गांव दुभेटा जिला सोनीपत, होशियार सिंह निवासी बाबा सावन सिंह नगर, ब्यास जिला अमृतसर पंजाब, गुरबाल उर्फ भाले निवासी बाबा सावन सिंह नगर अमृतसर पंजाब, सुरेन्द्र उर्फ छिन्दा निवासी गांव कोडीवाडा जिला मानसा, प्रीतम निवासी गांव झिंगोला थाना अलीपुर दिल्ली, प्रवेश कुमार निवासी गली न.1 शंकर गार्डन बहादुरगढ़ जिला झज्जर व ज्याना देवी निवासी अरडकी जिला हनुमानगढ, तारा चन्द व विजय कुमार निवासी बहादुरगढ़ जिला झज्जर को पहले ही गिरफ्तार किया जाकर उपरोक्त सभी आरोपितों के विरुद्ध चालान न्यायालय, सोनीपत में दिया जा चुका है।
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