अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में 10 ऐसी सीटें हैं, जहां 100 वोटों से लेकर 1000 वोटों तक के अंतर से कांग्रेस चुनाव जीती है। अगर ईवीएम कोई गड़बड़ी होती तो कांग्रेस ये सीटें नहीं जीत पाती। इस बात को लेकर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। कांग्रेसी अपने नेता राहुल गांधी को समझाएं और उनका इलाज करवाएं, नहीं तो झूठ का कोई इलाज नहीं है। मुख्यमंत्री बुधवार को कुरुक्षेत्र में तिरंगा यात्रा के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर भी मौजूद रहे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब भी देश या प्रदेश में चुनाव का परिणाम आता, तभी कांग्रेस ईवीएम को दोषी ठहराती रही। यही नहीं, इस बार के चुनावों में तो कांग्रेस नेता कहते रहे कि यदि तीसरी बार नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो संविधान को खतरा हो जाएगा।
राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के नेता तो संविधान को साथ लेकर प्रचार करते रहे, परंतु देश की जनता ने इनकी झूठी बातों पर विश्वास नहीं किया और तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना और हरियाणा में भी तीसरी बार नॉन स्टॉप भाजपा की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं है, कांग्रेस बौखला चुकी है। कांग्रेस ने देश पर 55 साल राज किया। आज भाजपा के शासन में मजबूती से हो रहे विकास को देखकर कांग्रेसी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। कांग्रेस की भ्रष्टाचार वाली प्रथा को खत्म करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में गरीब व्यक्ति को आयुष्मान कार्ड, घर-घर शौचालय बनाकर दिए हैं, गरीब व्यक्ति को राशन पहुंचाने का काम किया है, गरीब व्यक्ति के लिए उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिया है।
भाजपा सरकार द्वारा गरीब व्यक्ति का भला किया जाना कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है। कांग्रेस हमेशा ही झूठ का सहारा लेकर लोगों के बीच में जाती है। अब देश व प्रदेश के लोग कांग्रेस के झूठ को समझ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति की प्रबल इच्छा रखने वालों के कारण इस देश का दो हिस्सों में बंटवारा हुआ था। आजादी से एक दिन पहले देश के लोगों ने इस विभाजन के दंश को झेला है। विभाजन के दौरान परिवारों के सदस्य बिछड़ गए, बेटियों व बच्चों को मार दिया गया। आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पीड़ा को झेलने वाले परिवारों के दर्द को समझा। प्रधानमंत्री ने कहा है कि हम ऐसे लाखों वीरों को याद करेंगे, जिन्होंने इस विभाजन के दंश को झेला। इसलिए उन्होंने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मनाने की पहल की।
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