अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ने आज सोमवार को विश्व क्षयरोग (टीबी) दिवस 2025 के मौके पर, जिले के नागरिक बादशाह खान अस्पताल के टीबी विभाग के 10 टीबी मरीजों को गोद लिया है। इस पहल के तहत, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अगले छह महीनों तक इन मरीजों के लिए जरूरी पोषक खाद्य सामग्री (न्यूट्रिशनल किट) उपलब्ध कराएगा। यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (पीएमटीबीएमबीए) के अंतर्गत निक्षय प्रोजेक्ट, जो कि बेहतर पोषण सपोर्ट और मरीजों की व्यापक देखभाल के जरिए भारत से 2025 तक टीबी का उन्मूलन करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है, का हिस्सा है। प्रत्येक मरीज को वितरित की गई किट में 2 किलोग्राम चावल और आटा तथा 3 किलोग्राम दालें शामिल हैं ताकि उन्हें प्रोटीन स्रोतों के अलावा जरूरी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ मिल सकें। इसके अलावा, 1 लीटर वनस्पति तेल तथा 500 ग्राम मूंगफली भी इस किट में उपलब्ध कराई गई है जो मरीजों के लिए आवश्यक मात्रा में वसा की पूर्ति करेंगे। साथ ही, इन मरीजों को ग्लूकोज़ से मिलने वाली ऊर्जा के लिए 500 ग्राम चीनी भी किट में रखी गई है। डायरेक्टर ऑफ पल्मोनोलॉजी डॉ रवि शेखर झा ने कहा, “समुचित पोषण टीबी मरीजों के स्वास्थ्यलाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पल्मोनोलॉजिस्ट के तौर पर, मैंने स्वयं यह देखा है कि कुपोषण की वजह से न सिर्फ मरीजों की इम्युनिटी कमजोर होती है बल्कि उनके उपचार के परिणामों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इस पहल के माध्यम से, हम मरीजों को उनकी खोयी ताकत लौटाने और टीबी का अधिक मजबूती के साथ मुकाबला करने में सक्षम बनाना चाहते हैं।”इस पहल के बारे में, योगेंद्र नाथ अवधिया, फैसिलिटी डायरेक्टर ने कहा, “फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में, हम अपने मरीजों के लिए अस्पताल की सीमाओं से बाहर जाकर भी देखभाल सुनिश्चित करने में विश्वास रखते हैं। टीबी मरीजों को गोद लेना और उनके लिए न्यूट्रिशनल किट्स उपलब्ध कराने का फैसला उनकी रिकवरी की प्रक्रिया में मदद लाने के इरादे से उठाया गया कदम है। हम टीबी मुक्त भारत के राष्ट्र के लक्ष्य में अपना योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जरूरत मंदों के स्वास्थ्य लाभ में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”इस पहल के साथ, फोर्टिस हॉस्पीटल ने सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और टीबी के खिलाफ राष्ट्र के प्रयासों को मजबूती देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। जैसे-जैसे भारत टीबी उन्मूलन के अपने लक्ष्य के नज़दीक पहुंच रहा है, हेल्थकेयर प्रदाताओं के बीच साझेदारी और तालमेल तथा सरकारी प्रयासों के बलबूते इसे हासिल करना आसान होगा। फोर्टिस हेल्थकेयर द्वारा समर्थित और ममता (MAMTA) – हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड द्वारा कार्यान्वित निक्षय प्रोजेक्ट महाराष्ट्र, हरियाणा तथा पंजाब में स्वास्थ्य लाभ कर रहे टीबी मरीजों की पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह प्रोजेक्ट स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की 2025 तक टीबी उन्मूलन की राष्ट्रीय रणनीतिक योजना के अनुरूप है। इस पहल के अंतर्गत, 3 राज्यों के 7 जिलों में 9739 टीबी मरीजों को 26076 टीबी किट्स का वितरण किया गया है।
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