अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा आप जानते हैं कि बीदर बासवन्ना जी की कर्म भूमि,उनकी जमीन है और बासवन्ना जी ने सालों पहले लोकतंत्र की बात की थी, पर अगर आज हिंदुस्तान में डेमोक्रेसी है, लोकतंत्र है, तो उसकी नींव बासवन्ना ने दिखाई थी। दुख की बात है कि आज हिंदुस्तान के लोकतंत्र पर बीजेपी और आरएसएस के लोग आक्रमण कर रहे हैं। हिंसा फैला रहे हैं, नफ़रत फैला रहे हैं और देश का पूरा का पूरा धन चुने हुए लोगों के हाथ कर रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा बासवन्ना जी की विचारधारा के खिलाफ है। जो भी बासवन्ना जी कहते थे, उसके विरोध में बीजेपी और आरएसएस के लोग काम कर रहे हैं।कुछ ही दिनों में कर्नाटक में चुनाव होने वाला है और पूरा देश जानता है कि चुनाव में कांग्रेस पार्टी जीतने वाली है और भारी बहुमत से कम से कम 150 सीटें लेकर कांग्रेस पार्टी जीतने वाली है। आप देख लेना जो 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार है, उसको 40 सीटों से ज्यादा नहीं मिलने वाली है।हिमाचल के चुनाव हुए थे, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में चुनाव हुए और कांग्रेस पार्टी के नेता मेरे पास आए और उन्होंने कहा कि राहुल , हमें क्या करना चाहिए और मैंने उनको दो सुझाव दिए।

पहला सुझाव था कि ज्यादा वायदा मत करो, आप जो भी वायदे करो, दो-तीन चीजें गारंटी करके स्टेट को दे दो। मतलब, झूठे वायदे मत करो और दूसरा सुझाव मैंने दिया कि जो भी वायदे आप करोगे, उनको आप पहले ही दिन, पहली कैबिनेट मीटिंग में पूरे करवाओ और वही मैं कर्नाटक के नेताओं को मैसेज देना चाहता हूं।नरेन्द्र मोदी जी ने आपसे झूठे वायदे किए, उन्होंने आपसे कहा था कि हर बैंक अकाउंट में 15 लाख रुपए डालेंगे, कहा था? मिल गया 15 लाख रुपया (जनसभा ने ‘ना’ में उत्तर दिया)? उन्होंने कहा था 2 करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देंगे, मिल गया 2 करोड़ युवाओं को रोजगार? उन्होंने कहा था काले धन को खत्म कर देंगे, नोटबंदी से काला धन खत्म हो जाएगा ,नोटबंदी से काला धन खत्म हो गया? तो बीजेपी ने सिर्फ झूठे वायदे किए।अब कांग्रेस पार्टी आपसे 4 वायदे कर रही है और ये जो वायदे हैं, ये पहली कैबिनेट मीटिंग में कानून बना दिए जाएंगे। मतलब इनमें उनको पूरा करने में 6 महीने, एक साल नहीं लगेगा, इनको हम पहले दिन, पहली कैबिनेट मीटिंग में कर्नाटक के लिए पूरा करके दिखा देंगे। ये 4 वायदे कौन से हैं, मैं आपको बताना चाहता हूं -पहला वायदा और शायद सबसे ज़रूरी वायदा, जिसे हम गृहलक्ष्मी कहते हैं, 2,000 रुपए हर महीने हर परिवार की महिला को।
दूसरा वायदा – गृह ज्योति, 200 यूनिट हर महीने मुफ्त में बिजली, हर परिवार को।अन्न भाग्य, 10 किलो चावल हर गरीब परिवार को हर महीने। युवा निधि, 2 साल के लिए कर्नाटक के हर ग्रेजुएट को 3,000 रुपए प्रति महीना और हर डिप्लोमा होल्डर को 1,500 रुपए प्रति महीना। ये 4 जो वायदे हैं, ये हमारा पहला कदम होगा और इनको कांग्रेस पार्टी की कैबिनेट अपनी पहली मीटिंग में पूरा करके दिखा देगी। ये वायदे कर्नाटक के अरबपतियों के लिए नहीं हैं। जैसे नरेन्द्र मोदी जी ने, कर्नाटक की सरकार ने दो-तीन अरबपतियों के लिए काम किया। ये वायदे उनके लिए नहीं हैं, ये वायदे कर्नाटक के युवाओं के लिए, किसानों के लिए, मज़दूरों के लिए और गरीबों के लिए हैं और इन 4 वायदों से कर्नाटक के लाखों परिवारों की ज़िंदगी बदल जाएगी।थोड़ा सा मैं बीजेपी के बारे में बोलना चाहता हूं। मैंने शुरुआत में कहा कि बीजेपी को सिर्फ कर्नाटक में नहीं पूरे देश में 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार कहा जाता है और ये नारा मैंने नहीं दिया है। ये नारा कर्नाटक के लोगों ने, कर्नाटक की जनता ने दिया है। आपने पिछले 5 सालों में अपनी आंखों से देखा बीजेपी के भ्रष्टाचार को आपने देखा और आपने सहा। प्रधानमंत्री जहाँ भी जाते हैं भ्रष्टाचार की बात करते हैं, मगर जब कर्नाटक के कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने नरेंद्र मोदी जी को चिट्ठी लिखी और उन्होंने नरेन्द्र मोदी से कहा- प्रधानमंत्री जी, कर्नाटक में 40 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है, तो प्रधानमंत्री ने उस चिट्ठी का जवाब तक नहीं दिया।जब यहाँ पर मैसूर सैंडल सोप का करप्शन स्कैंडल हुआ, जिसमें एक एमएलए के बेटे को 8 करोड़ रुपए चोरी करते हुए पकड़ा गया, प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। जब जॉब स्कैम हुआ, नरेंद्र मोदी जी ने एक शब्द नहीं कहा। जब पुलिस सब इंस्पेक्टर को 80 लाख रुपए रिश्वत दी गई, प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। जब असिस्टेंट प्रोफेसर जॉब स्कैम हुआ, प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। जब असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर जॉब स्कैम हुआ, प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं कहा। जब मैं भ्रष्टाचार की बात उठाता हूं, जब मैंने पार्लियामेंट हाउस में भाषण किया और जब मैंने प्रधानमंत्री जी से अडानी जी के बारे में सवाल पूछे, तो पहले उन्होंने मेरा माइक ऑफ कर दिया और उसके बाद मुझे पार्लियामेंट से डिस्क्वालिफाई कर दिया, लोकसभा से निकाल दिया। क्यों, क्योंकि मैंने भ्रष्टाचार के बारे में नरेंद्र मोदी जी से सवाल पूछे।तीन सवाल पूछे- मैंने पूछा कि नरेन्द्र मोदी जी, आपका अडानी जी से क्या रिश्ता है? अडानी जी को हिंदुस्तान के पोर्ट, एयरपोर्ट, सारे के सारे बिज़नेस पकड़ा दिए जा रहे हैं, ये कौन कर रहा है, क्यों कर रहा है?दूसरा सवाल- अडानी जी की जो शैल कंपनी हैं, उसमें जो बेनामी पैसा है, 20 हजार करोड़ रुपए का, वो पैसा किसका है?ये सवाल मैंने नरेन्द्र मोदी जी से पूछा और नरेंद्र मोदी जी ने पहले मेरा माइक ऑफ किया पार्लियामेंट हाउस में और उसके बाद मुझे पार्लियामेंट हाउस से निकलवा दिया, डिस्क्वालिफाई कर दिया। मैं नहीं डरता इन लोगों से, मैं प्रधानमंत्री और कर्नाटक की सरकार से भ्रष्टाचार के बारे में सवाल पूछता जाऊंगा और इनसे मैं लड़ता जाऊंगा।ये जो पैसा है, 40 परसेंट पैसा है ये किसका पैसा है – ये आपका पैसा है, इस पैसे को आपकी शिक्षा के लिए, आपके अस्पतालों के लिए, आपके कॉलेजों के लिए, आपकी यूनिवर्सिटीज़, स्कूलों के लिए लगाना चाहिए। ये आपका पैसा आपसे छीनकर, चोरी करके ले रहे हैं और इसका प्रयोग ये कैसे करते हैं? पिछली बार आपने बीजेपी की सरकार नहीं बनाई थी, पिछली बार आपने हमारी सरकार बनाई थी और ये याद रखिए भ्रष्टाचार, चोरी के पैसों से बीजेपी के लोगों ने आपकी सरकार चोरी की और फिर उसके बाद 5 साल के लिए 40 परसेंट कमीशन खाया है और ये फिर से कोशिश करेंगे। इसीलिए बहुत ज़रूरी है कि कांग्रेस पार्टी को कम से कम 150 सीटें मिलनी चाहिए, नहीं तो फिर से ये चोरी करने की कोशिश करेंगे।ये जो आपका पैसा है, 40 परसेंट जो कमीशन खाया है उसका प्रयोग करके ये फिर से एमएलए को खरीदने की कोशिश करेंगे। तो बीजेपी को 40 सीटों से ज्यादा नहीं मिलना चाहिए और कांग्रेस पार्टी को 150 सीटों से कम नहीं मिलना चाहिए। अच्छा नरेन्द्र मोदी जी ने एक और सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि मैंने ओबीसी का अपमान किया है। सबसे पहले मैं किसी का अपमान कभी नहीं करता हूं। मगर दूसरा सवाल और बड़ा सवाल।अगर नरेन्द्र मोदी जी ओबीसी की बात करते हैं तो फिर सुचमुच में हम ओबीसी की बात क्यों न करें? और ओबीसी वर्ग के सामने 2-3 बड़े मुद्दे हैं, देश के मुद्दे हैं, उनके बारे में आपको थोड़ा सा बताना चाहूंगा। अगर हम चाहते हैं कि ओबीसी को ताकत दी जाए, राजनीतिक ताकत, आर्थिक ताकत तो सबसे पहला कदम हमें ये मालूम होना चाहिए कि हिन्दुस्तान में ओबीसी हैं कितने? अगर हम ओबीसी को ताकत देना चाहते हैं तो पहले ये समझना होगा कि देश में ओबीसी कितने हैं? दलित कितने हैं? आदिवासी कितने हैं? अगर हमें यही नहीं मालूम तो हम ओबीसी को शक्ति, ओबीसी को ताकत कैसे दे सकते हैं? जब हमारी सरकार थी, यूपीए की सरकार थी 2011 में, हमने सेंसस किया था और पहली बार हमने सेंसस में सवाल पूछा था कि भैया, आप ओबीसी हो, आप दलित हो, आप आदिवासी हो, आपकी जाति क्या है और पूरा का पूरा डेटा हिन्दुस्तान की सरकार के पास है, मगर नरेन्द्र मोदी जी ने डेटा पब्लिक नहीं किया है, छुपाया हुआ है। दिल्ली की सरकार को मालूम है ओबीसी की कितनी आबादी है हिन्दुस्तान में? मगर दिल्ली की सरकार किसी को बता नहीं रही है।तो मोदी जी अगर आप सचमुच में ओबीसी को ताकत देना चाहते हो, आर्थिक ताकत देना चाहते हो, राजनीतिक ताकत देना चाहते हो तो सेंसस में जो डेटा है उसको पहले आप पब्लिश कीजिए ताकि देश को पता लगे कि इस देश में ओबीसी वर्ग कितना है? दलित वर्ग कितना है? आदिवासी वर्ग कितना है? अगर आप नहीं करोगे तो कांग्रेस पार्टी ये काम करके दिखा देगी क्योंकि हम झूठे वायदे नहीं करते हैं, हम सचमुच में ओबीसी वर्ग, दलित, आदिवासी वर्ग को ताकत देना चाहते हैं, हम चाहते हैं कि हिन्दुस्तान के लोग, गरीब लोग, कमजोर लोगों की भी इस देश को चलाने में हिस्सेदारी हो। तो पहला कदम ये है। नरेन्द्र मोदी जी, ओबीसी सेंसस जो है उसका डेटा आप पब्लिक कर दीजिए, देश को बता दीजिए इस देश में ओबीसी हैं कितने?दूसरा कदम, ये जो रिजर्वेशन पर 50 परसेंट का कैप लगा रखा है कि देश में 50 परसेंट से ज्यादा रिजर्वेशन नहीं मिल सकता इसको आप हटाइए, दूसरा कदम। सचमुच में आप ओबीसी की बात करते हो, सचमुच में आप शक्ति देना चाहते हो तो ये जो 50 परसेंट का रिजर्वेशन का कैप है इसको परे करिए।तीसरी बात, जो दलित हैं, आदिवासी हैं उनकी जितनी आबादी है उतना रिजर्वेशन उनको दीजिए।मैं जानता हूं कि नरेन्द्र मोदी ये काम कभी नहीं करेंगे क्योंकि नरेन्द्र मोदी जी ओबीसी से वोट ले लेते हैं मगर ओबीसी को शक्ति-ताकत कभी नहीं देते हैं। हमने मनरेगा दिया, हमने भोजन का अधिकार दिया, हमने गरीबों के लिए काम किया है और गरीबों के लिए अगला बड़ा कदम ओबीसी वर्ग जो है उसको राजनीतिक शक्ति-ताकत सिर्फ शब्द नहीं, खोखले शब्द नहीं, जो नरेन्द्र मोदी दे रहे हैं, मगर राजनीतिक ताकत और आर्थिक ताकत देनी है।9 साल हो गए, नरेन्द्र मोदी जी ने ओबीसी से वोट लिया। आप मुझे बताओ नरेन्द्र मोदी जी ने ओबीसी के लिए किया क्या? दिल्ली की सरकार को आप देखिए, सरकार को सेक्रेटरीज़ चलाते हैं, दिल्ली की सरकार, हिन्दुस्तान की सरकार की रीढ़ की हड्डी सेक्रेटरी होते हैं। दिल्ली की सरकार में 7 परसेंट सेक्रेटरीज़ ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के हैं और वो भी छोटे-छोटे काम करने में लगे हैं।तो नरेन्द्र मोदी जी ओबीसी की बात करनी है न, तो फिर काम की बात करिए, खोखले शब्द मत दीजिए। ओबीसी को ताकत देनी है- आर्थिक ताकत देनी है, राजनीतिक ताकत देनी है तो सेंसस के डेटा को पब्लिक कीजिए, 50 परसेंट कैप को हटाइए और जो दलित और आदिवासी वर्ग हैं उनकी जितनी आबादी है उतना रिजर्वेशन उनको दीजिए, ये पहले कदम हैं। अगर आप ये नहीं कर सकते हो, परे हट जाइए हम कर देंगे और ये मत सोचिए कि हम आप पर दबाव नहीं डालेंगे। हम विपक्ष में ज़रूर हैं, मगर पहले पूरा का पूरा दबाव हम आप पर डालेंगे, ओबीसी सेंसस को रिलीज करवाएंगे, 50 परसेंट के कैप को हटवाएंगे और दलित और आदिवासियों को जितनी उनकी आबादी है, उतना रिजर्वेशन दिलवाएंगे।आप सब यहां आए, इसके लिए मैं आपको दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे उम्मीदवार हैं राजशेखर पाटिल जी, इनको भारी बहुमत से जिताइए और कांग्रेस पार्टी को कम से कम 150 सीटें दिलवाइए
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