अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम: मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, गुरुग्राम व स्वास्थय विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को अवैध रूप से चल रहे एक अस्पताल में छापेमारी की कार्रवाई की। ये अस्पताल में 16 बेड का अस्पताल हैं। टीम की माने तो छापेमारी की कार्रवाई के दौरान अस्पताल के संचालक व अन्य स्टाफ कोई भी कागजात नहीं दिखा सकें। इस अस्पताल का नाम मेडिवर्सल अस्पताल हैं,और प्लॉट नंबर-234 झील चौक, गांव वजीराबाद, सेक्टर-52, गुरुग्राम में। आप इस खबर में स्वयं छापेमारी की लाइव वीडियो देख सकते हैं।
खबर के मुताबिक मुख्यमंत्री उड़न दस्ता गुरुग्राम को गुप्त सुत्रो से सूचना मिली कि मैडिवर्सल अस्पताल प्लॉट नंबर- 234, झील चौक,गांव वजीराबाद, सैक्टर- 52,गुरूग्राम में अवैध रूप से धड़ल्ले से अस्पताल चलाया जा रहा है। सबसे पहले मिली सूचना के बाद पूर्ण रूप से अस्पताल के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद कल बुधवार को मुख्य मंत्री उड़न दस्ता व स्वास्थ्य विभाग गुरूग्राम की सयुक्त टीम के द्वारा मैडिवर्सल अस्पताल प्लॉट नंबर-234,झील चौक, गांव वजीराबाद, सैक्टर- 52 गुरूग्राम में छापेमारी की कार्रवाई की गई। जहां पर जुनेद पुत्र जहरूददीन निवासी गांव नानोता, तहसील पुन्हाना, जिला मेवात व प्रिया उर्फ डोली बारहवीं पास निवासी कानपूर ,यूपी हाल किराएदार ,गांव कन्हैई मौके पर मिले। जिनसे अस्पताल, लैब व मेडिकल स्टोर चलाने संबन्धित कागजात के बारे में पूछने पर कोई कागजात नहीं मिला। जिन के द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा था। अस्पताल चलाने में किसी भी प्रकार का कोई सर्टिफिकेट/परमिशन नहीं ली गई थी।

अस्पताल में जनरल वार्ड, प्राइवेट रूम, लैब,टैस्ट उपकरण व आईसीयू बेड, दवाइयां व ओटी/लेबर रूम इमरजेंसी आदि के लिए 16 बैड का अस्पताल बनाया हुआ था। अस्पताल के रिसेप्शन पर डॉक्टर संजय प्रजापत,एमडी फिजिशियन रजिस्टर्ड नंबर एचएन-20888 की मोहरे,डाक्टर मोहित एमबीबीएस रजिस्टर्ड नंबर एचएन-18417 की मोहरे,मैडिवर्सल अस्पताल की मुहर व आस्था अस्पताल दिल्ली अलवर रोड नजदीक रेलवे फ्लाई ओवर सोहना की मुहर मिली। जुनैद उपरोक्त द्वारा मरीज आने पर खुद दवाई लिखकर उपरोक्त डॉक्टरों की मुहर लगा दी जाती थी। जहां से टीम ने ओपीडी रजिस्टर, अस्पताल की रसीद,ब्लड टेस्ट मशीन, डॉक्टर की प्रिसक्रिप्शन स्लिप,अंग्रेजी दवाइयां,सीपीयू, लैपटॉप, पैथ लैब उपकरण व लैब रिपोर्ट जिन पर डॉक्टर गंगा सिंह एमबीबीएस,एमडी पैथोलॉजी के डिजिटल हस्ताक्षर किए गए थे। इनके द्वारा अवैध रूप से अस्पताल व लैब चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करके मनमाने पैसे वसूल किए जा रहे थें। स्वास्थ्य विभाग टीम के द्वारा इनके खिलाफ थाना सेक्टर-53 में नेशनल मेडिकल एक्ट 2019 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। इस प्रकार से अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है, और आगे भी इन पर कार्रवाई जारी रहेगी। इस अस्पताल संचालन में किस-किस की मिलीभगत है, इसकी जांच की जा रही है।
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