Athrav – Online News Portal
Uncategorized

महेन्द्रगढ़: सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाज में “उपभोक्ता का महत्व” समिट में लिया भाग।

विनीत पंसारी की रिपोर्ट 
महेन्द्रगढ़ : महेन्द्रगढ़ के तीन सामाजिक कार्यकर्ताओं बीएमडी क्लब के चेयरमैन लक्की सीगड़ा,उत्थान फाउंडेशन के सचिव कृष्ण कुमार,कृषि विभाग महेन्द्रगढ़ से अनिल भगड़ाना ने  उपभोक्ताओं के महत्त्व विषय पर आधारित विषय पर आयोजित समिट में भाग लेकर उपभोक्ताओं से जुड़े अनेकों पहलुओं पर चर्चा -पारिचर्चा की।
                                           उत्थान फाउंडेशन के सचिव कृष्ण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि समाज में उपभोक्ताओं का महत्व पर अर्ध दिवसीय फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन बेस्ड ऑन कंज्यूमर्स समिट का आयोजन सीआईआई एवं डिग्निटी इण्डिया के सयुक्त तत्वाधान में भारतीय पर्यावास केन्द्र नई दिल्ली में किया गया। इस अर्ध दिवसीय समिट में सामाजिक संस्थाओं के साथ -साथ अलग -अलग सेक्टरों के 50 प्रतिनिधियों ने भाग लिया | डिग्निटी इंडिया के चेयरमैन अरुण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस समिट का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक नैतिकता बढ़ाने में उपभोक्ताओं की अलग -अलग भूमिका के बारे में चर्चा -परिचर्चा की।उन्होंने बताया की उपभोक्ताओं से संबंधित व्यावसाय-नीति नैतिकता का वह रूप है जो कारोबारी माहौल में पैदा हए नैतिक सिद्धांतों और नैतिक समस्याओं की जांच करता रहता है और उनके सन्दर्भ में कुछ मानदण्डों की स्थापना करता है। यह व्यवसाय के आचरण से जुड़े सभी पहलुओं पर लागू होता है।व्यवहारिक आचार नीति क्षेत्र का सम्बंध कई क्षेत्रों में पैदा हुए नैतिक सवालों से है जैसे चिकित्सीय, तकनीकी, कानूनी और व्यावसायिक नैतिकता। व्यावसायिक नैतिकता प्रामाणिक और वर्णनात्मक अनुशासन दोनों प्रकार की हो सकती है। पेशेगत विशेषज्ञता के सम्बंध का क्षेत्र मुख्य रूप से प्रामाणिक है।
                                         शिक्षा में वर्णनात्मक दृष्टिकोण को भी स्थान दिया जा रहा है। व्यवसाय में कथित तौर पर बाधक माने जाने वाले गैर-आर्थिक सामाजिक मूल्यों को देश के कोने -कोने में अपनाया जाना चाहिए।कंपनियों को अपनी वेबसाइटें पर विभिन्न हेडलाइन्स के साथ गैर-आर्थिक, सामाजिक मूल्यों के प्रति वचनबद्धता पर जोर देना चाहिए । अपने बुनियादी मूल्यों को व्यावसायिक नैतिकता की सिफारिशों के आलोक में परिभाषित भी करना चाहिए ।कंपनियों द्वारा गलत तरीके से विज्ञापन दर्शाकर उपभोक्ताओं का हनन कर कंपनी को फायदा पहुँचाने वाली पद्धतियां समाज के उपभोक्ताओं के  मूल्यों के खिलाफ हैं।नैतिकता के साथ यह भी सुनिश्चत किया जाता है कि उत्पाद और उत्पादन प्रक्रिया नुकसानदेह नहीं है।
                                         आमतौर पर किसी भी उत्पाद या उत्पादन प्रक्रिया में खतरे की हद पार होने का जोखिम होता है । प्रोडक्ट की मात्रा के अनुसार ही मूल्य तय होना चाहिए।हमें ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर उपभोक्ता कॉउन्सिल बनानी चाहिए जिससे उपभोक्ताओं के अधिकारों को संरक्षित किया जा सके। इस समिट में डिग्निटी इण्डिया के डायरेक्टर एवं इण्डियन कन्ज्यूमर्स फैडरेशन के प्रेजिडेंट गिरिराज सिंह पलवल , चेयरमैन अरुण कुमार ,मधुबाला महिला विंग अध्यक्ष डिग्निटी इंडिया मधुबाला , डॉ. चंद्रा राजन एडवोकेट माननीय सुप्रीम कोर्ट,आशुतोष मिश्रा कंसलटेंट सीआईआई, को. रमनीक खन्ना सीईओ ,पवन गांधी ,नितेश भारद्वाज सहित विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपभोक्ताओ से सम्बंधित अनुभव एवं विचार प्रस्तुत किए।

Related posts

समान नागरिक संहिता पर बहस विधि आयोग के दायरे से बाहर : जदयू

Ajit Sinha

फरीदाबाद :क्राइम ब्रांच, सेक्टर -30 के पास पहुंचा : टियूशन पढ़ने गया 12 वीं के छात्र का अपहरण, 4 लाख रुपए की मांगी फिरौती।

Ajit Sinha

फरीदाबाद : बल्लभगढ़ में 4 लड़कों ने बॉय फ्रेंड के सामने एक -एक करके 20 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया।

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x