अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: कोरोना काल में कोरोना के इलाज के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली दवाओं की कालाबाजारी रोकने पहुंचे सरकारी अधिकारियों के साथ दवा विक्रेता ने न केवल मारपीट की, बल्कि वह सबंधित दवा को लेकर भी भाग गए। इस घटना में क्षेत्र के वरिष्ठ औषधी नियंत्रक अधिकारी को चोटों के साथ-साथ उनका मोबाईल व चैन भी गायब बताई जा रही है। खाद्य एवं औषधी प्रशासन के अधिकारियों ने इस घटना की लिखित सूचना सेक्टर -21 डी पुलिस चौकी में दी है, जबकि समाचार लिखे जाने तक पीडित अधिकारियों का मैडीकल कराया जा रहा था। इस मामले में एनआईटी डीसीपी डा. अर्पित जैन ने कहा कि उनके पास शिकायत आ गई और अब उसमें मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही जो भी आरोपित हैं उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

इस बिषय में अधिक जानकारी देते हुए क्षेत्र के वरिष्ठ औषधी नियंत्रक अधिकारी करण सिंह गोदारा ने बताया कि जैसे जैसे कोरोना संक्रमण के मामले बढ रहे हैं, उनके साथ ही इस प्रकार की शिकायतें भी मिल रहीं है कि कुछ लोग जिन में दवा विक्रेता भी शामिल हैं। कोरोना के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाओं की कालाबाजारी भी कर रहे हैं। इस प्रकार की एक शिकायत उनको मिली कि कोरोना के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवा “फ्लू गार्ड” की सेक्टर -21 ए स्थित मैडीकल स्टोर ट्राई केयर कालाबाजारी कर रहा है। गोदारा के अनुसार क्योंके की इस संदर्भ में सरकार के सख्त आदेश हैं कि इस प्रकार के दवा विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, इस कारण वह सबंधित औषधी निरीक्षक पूजा चौधरी के साथ उक्त मैडीकल स्टोर पर पहुंचे और जांच में उक्त मैडीकल स्टोर से उनको फ्लूगार्ड की सत्तर से अधिक गोलियों मिली तो उन्होंने सरकार के निर्देशानुसार कानूनी कार्रवाई शुरु करते हुए दवाओं का विवरण बनाना शुरु कर दिया, लेकिन कार्रवाई होता देख दुकान मालिक एक साथ गुस्सा हो गया और उसने वह कागज फाड दिए जिन पर उनकी टीम कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा पढत कर रहे थे,साथ ही उन्होंने उनको धक्का देते हुए कहा कि वह यहां पर कोइ कार्रवाई नहीं होने देंगे। आप को जो करना है कर लो। गोदारा ने उनको बताया कि वह सरकार के निर्देश पर इस प्रकार की कार्रवाई कर रहे हैं जो कि कानूनी जरुरी है, लेकिन इतना सुनना था कि वहां पर उपस्थित दोनो भाई उन पर पिल पडे तथा उनके साथ मार पिटाई करने लगे, देखते ही देखते वहां पर अन्य लोग एकत्रित हो गए जो मैडीकल स्टोर संचालक को रोकने के स्थान पर उल्टा सरकारी टीम से ही भला बुरा कहने लगे। गोदारा ने बताया कि जब उन पर हमला बंद हुआ तो उन्होंने देखा की मैडीकल स्टोर संचालक फ्लृगार्ड दवा के पैकट को लेकर वहां से भाग गया है और उनकी चैन व मोबाईल भी गायब है। वरिष्ठ औषधी नियंत्रक अधिकारी करण सिंह गोदारा ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी तथा शेष बची फ्लूगार्ड की गोलियां की कब्जे में ले ली, जिसके बाद पुलिस को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत भी दे दी। समाचार लिखे जाते समय अधिकारियो का मैडीकल कराया जा रहा था। दूसरी तरफ सरकारी अधिकारियों वह भी उन अधिकारियों के खिलाफ जो कि लोगों के लिए इस महामारी मे दवाओं की व्यवस्था कराने में लगे हैं। इस तरह की कार्रवाई को लेकर हर वर्ग में रोष है। विचारणीय है कि इस प्रकार की शिकायत तो पहले से ही मिल रहीं थी कि जिले में भी कोरोना के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाओं की कालाबाजारी हो रही है,पर इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था कि दवाओं की कालाबाजारी में लगा दवा विक्रेता सरकारी अधिकारियों पर ही इस प्रकार से हमले की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।
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