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नोएडा स्वास्थ्य

खुद मौत के आगोश में सो कर पाँच ज़िंदगियों को रोशन कर गई पूजा-देखें वीडियो  

अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट 
ब्रेन एन्यूरिज्म से पीड़ित एक महिला को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिवार वालो ने उसके शरीर के अंगों का दान करने का निश्चय किया और इस काम में फोर्टिस अस्पताल ने उनकी मदद की जिससे  पांच लोगों की जिदगी रोशन हो गईं। अंगों को सही सलामत एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए नोएडा व दिल्ली की यातायात पुलिस ने ग्रीन कारिडोर बनाया। सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल के चिकित्सकों ने उसका हृदय, फेफड़े, दोनों किडनी व लिवर को दूसरे अस्पतालों में भिजवाया। वहां इन अंगों के प्रत्यारोपण से जिदगी और मौत की जंग लड़ रहे लोगों को नया जीवन मिलेगा।

अलीगढ़ की रहने वाली 44 वर्षीय पूजा भार्गव ब्रेन एन्यूरिज्म संबंधित बीमारी से पीड़ित थी। एक सप्ताह पूर्व अटैक पड़ने पर परिजनो  ने उन्हें नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। पूजा भार्गव की मृत्यु से पहले डॉक्टरों ने उसके पति सौरभ भार्गव व परिजनो से पूजा  के शरीर का अंगदान करने की अपील की थी। परिवार वालो से काफी विचार-विमर्श के बाद सौरभ इंसानियत के नाते अपनी पत्नी के अंगदान को राजी हो गए। फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन ने नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) से संपर्क साधा और अंगदान संबंधी जानकारी दी। नोटो ने देशभर के सभी अस्पतालों में जरूरतमंदों की लिस्ट के आधार पर मुंबई व चेन्नई के अस्पताल में भर्ती मरीजों को चुना।

बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पूजा के अंग प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई। साढ़े तीन घंटे के आपरेशन के बाद पूजा  के शरीर से हृदय निकालकर चेन्नई के एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं फेफड़ों को मुंबई स्थित सर एचएन रिलांयस अस्पताल पहुंचाया गया।आपरेशन के लिए मुंबई व चेन्नई से भी चिकित्सक फोर्टिस अस्पताल पहुंचे थे। दोनों अंगों को पहले नोएडा में सड़क मार्ग के रास्ते दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचाया गया। फिर वहां से हवाई मार्ग से अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया गया। दोनों अंगों को सही सलामत एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए नोएडा व दिल्ली की यातायात पुलिस ने ग्रीन कारिडोर बनाया था। वहीं पुजा की एक किडनी दिल्ली के शालीमार स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए भेजी गई। एक किडनी व लिवर सेक्टर-62 के ही फोर्टिस अस्पताल में भर्ती मरीज के काम आई है।

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