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गुडगाँव

अब लड़कियों के नाम से भी होगी उनके घरों की पहचान, जिला गुरुग्राम 5 नवजात बालिका शिशु को दी गई उनके नाम की नेम प्लेट

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम: जिला में लड़कियों के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में बदलाव लाने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इस पहल के अंतर्गत गांवो में बालिकाओं के नाम की नेम प्लेट घरों के बाहर लगाने की मुहिम शुरू की गई है।  इस मुहिम के तहत आज अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पंवार ने कुछ गांवों की नवजात बालिकाओं के नाम की नेम प्लेट बनवाकर उनकी माताओं को सौंपी है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत प्रारंभिक तौर पर जिला के ऐसे गांवो का चयन किया गया है जिनका लिंगानुपात ठीक नही है। उन्होंने बताया कि आज गांव सरहौल तथा खांडसा में अप्रैल माह से लेकर अक्टूबर माह तक जन्मी बालिका शिशु के नाम की नेम प्लेट बनवाकर दी गई हैं।  

आज सरहौल गांव से जियांशी पुत्री विनोद, निधि पुत्री राहुल, राशी पुत्री भगतराम को बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं के चिन्ह वाली आकर्षक नेम प्लेट भेंट की गई। इसी प्रकार खांडसा गांव से परी पुत्री अजय, क्रिति सुमन पुत्री गौतम को भी अतिरिक्त उपायुक्त नेमप्लेट भंेट की । अतिरिक्त उपायुक्त ने ये नेमप्लेट बालिकाओं व उनकी माताओं को भंेट करते हुए कहा कि इन्हें अपने घर के बाहर लगवाएं। उन्होंने कहा कि समाज में पुरानी रूढ़ीवादी विचारधारा को बदलते हुए लड़कियों के प्रति आमजनता की सोच में बदलाव लाने के लिए यह मुहिम शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अब घरों के बाहर न केवल लड़को के नाम की नेमप्लेट लगेंगी बल्कि लड़कियों के नाम की भी नेमप्लेट घरों के बाहर नजर आएंगी। इससे लोगों में चेतना जागृत होगी। साथ ही अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान शुरू किए जाने के बाद लड़कियों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आया है। गुरूग्राम जिला प्रशासन उस बदलाव को एक कदम और आगे ले जाते हुए लड़कियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के नाम से जब घर के बाहर नेमप्लेट लगेगी तो समाज के हर व्यक्ति तक यह बात पहुंचेगी कि आज के समय में जहां हमारी बेटियों ने हर बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया है,

हर क्षेत्र में अपना व प्रदेश का नाम रोशन किया है , वहीं समाज की अन्य लड़कियों की हिम्मत बनते हुए उनको आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। अतिरिक्त उपायुक्त  पवार ने आज इस अभियान की शुरआत करते हुए गुरुग्राम जिला के खांडसा और सरहोल  गांव की 5 माताओं को उनकी नवजात बालिकाओं के नाम की नेमप्लेट भेट की और उन्हें सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। साथ ही, महिलाओं को किसी भी प्रकार की सहायता के लिए बनाए गए वन स्टॉप सेंटर के बारे में भी बताया।   उन्होंने बताया कि जिला के सभी गांवों में लिंगानुपात सुधारने हेतु जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। सभी खंडों में कम लिंगानुपात वाले गांवो का चयन करते हुए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिलकर विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पंचायतों की मदद से भी गांव में लोगों के घर-घर जाकर जागरूक किया जाएगा और उन्हें सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

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