
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:सीबीआई, न्यायालय, लखनऊ ने 02.11.2026 को भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपित सुभोद कुमार रस्तोगी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा,बलरामपुर शाखा,बलरामपुर,उत्तर प्रदेश, को दोषसिद्ध ठहराते हुए 4 वर्ष के कारावास तथा 30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 26.10.2015 को सुभोद कुमार रस्तोगी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, के विरुद्ध यह मामला दर्ज किया था।

यह शिकायत इस आरोप पर आधारित थी कि शिकायतकर्ता को बैंक ऑफ बड़ौदा, शाखा- बलरामपुर, जिला- बलरामपुर, उ.प्र. द्वारा अपने सोलर लाइट्स के व्यवसाय के विस्तार हेतु 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था,किंतु 1,25,000 रुपये की राशि को टर्म लोन के रूप में वितरित करते समय आरोपित सुभोद कुमार रस्तोगी, शाखा प्रबंधक, ने सीए शुल्क, स्टाम्प पेपर शुल्क तथा फाइल शुल्क के बहाने शिकायतकर्ता से लगभग 25,000 रुपये प्राप्त कर लिए थे।

यह भी आरोप लगाया गया था कि बाद में शिकायतकर्ता के खाते में नकद ऋण सीमा के रूप में 3,75,000 रुपये की राशि वितरित की गई थी,लेकिन आरोपित सुभोद कुमार रस्तोगी, शाखा प्रबंधक ने भुगतान न करने की स्थिति में खाता बंद करने की धमकी देकर शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपित सुभोद कुमार रस्तोगी, तत्कालीन शाखा प्रबंधक को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की अवैध पारितोषिक राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 18.12.2015 को आरोपित सुभोद कुमार के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने, मुकदमे के बाद, आरोपित को दोषसिद्ध ठहराया और तदनुसार दंडित किया।
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