
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की रोहतक टीम ने अवैध कारतूसों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला झज्जर के रोहद में 25,000 जिंदा कारतूसों की खेप बरामद कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कारतूसों के अलावा आठ मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इस मामले के तार उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

3 नवंबर 2026 की सुबह एसटीएफ बिहार से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर एसटीएफ रोहतक की टीम ने जिला झज्जर के रोहद स्थित त्रिवेणी ढाबे के सामने सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियों टाटा हैरियर और हुंडई ऑरा की तलाशी ली। तलाशी के दौरान टाटा हैरियर से KF 7.65 और BMM KF बोर के 24,400 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इस गाड़ी में तीन व्यक्ति सवार थे। वहीं, हुंडई ऑरा से BMM KF अंकित 600 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे। इस प्रकार दोनों गाड़ियों से कुल 25,000 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान (49); आसिम रईस (33); सबलू खान (32); अरबाज अली (27) तथा जीनत (33), बदायूं के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों गाड़ियों और बरामद कारतूसों सहित आठ मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है। कारतूसों के संबंध में आरोपी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इस संबंध में थाना असौधा, जिला झज्जर में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a) एवं 25(8) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले एसटीएफ बिहार पुलिस ने भोजपुर जिले में इसी प्रकार के एक मामले का खुलासा करते हुए लल्टू नामक व्यक्ति और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से लगभग 20,000 कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में सामने आया कि लल्टू, अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान के निकट संपर्क में था और उससे कारतूस प्राप्त किए थे। बिहार एसटीएफ से मिले इसी महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर हरियाणा एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झज्जर के रोहद में छापेमारी की और कारतूसों की बड़ी खेप बरामद करने में सफलता हासिल की।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बदायूं गन हाउस संचालित कर रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुन्ना खान सिरसा गया था, जहां उसने स्थानीय निवासी विजय गोयल से कारतूसों का यह बड़ा जखीरा प्राप्त किया था। विजय गोयल सिरसा स्थित महक गन हाउस का मालिक बताया जा रहा है। एसटीएफ हरियाणा द्वारा एसटीएफ बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कारतूसों के वास्तविक स्रोत, उनकी आपूर्ति और वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका और अवैध कारतूसों की आपूर्ति के अंतरराज्यीय तंत्र की भी पड़ताल की जा रही है।
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