अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:ग्रीन फील्ड कॉलोनी में 9500 वर्ग मीटर जमीनों को वाटर बूटिंग स्टेशन और सीवरेज इंटर मेडिएट पंपिंग स्टेशन के लिए अर्बन इंप्रूवमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने एफएमडीए को देने का फैसला किया है। इसके लिए 2 स्थानों की पहचान की गई है। इसमें एक स्थान संत रविदास वाटिका व दूसरा स्थान गुलमोहर वाटिका ग्रीन फील्ड कॉलोनी,फरीदाबाद है। गुलमोहर वाटिका,ग्रीन फील्ड कॉलोनी में महाराजा अग्रसेन की मूर्ति लगी हुई हैं,के पत्थर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, विधायक धनेश अदलखा और पार्षद वीरेंद्र भड़ाना के नाम लिखे हुए है जिन्होनें दिनांक 8 मार्च 2026 को महाराजा अग्रसेन के मूर्ति का अनावरण किया था। इसी वाटिका के कुछ हिस्से में एक मंत्री के रिश्तेदार के मकान भी बने होने की खबर है, जोकि अवैध है। महाराजा अग्रसेन की मूर्ति अग्रवाल वैश्य समाज द्वारा लगाई गई है, जोकि पत्थर पर लिखा है।

इस मामले में अग्रवाल वैश्य समाज के सचिव दिनेश मित्तल का कहना है कि ग्रीन फील्ड के गुलमोहर वाटिका में जो महाराजा अग्रसेन की मूर्ति लगी हुई है,और गुलमोहर वाटिका का नाम बदल कर महाराजा अग्रसेन वाटिका, ग्रीन फील्ड के बोर्ड लगाए गए है वह दोनों उनकी संस्था के द्वारा लगाई गई है। इसके लिए उन्होंने यूआईसी से कोई परमिशन नहीं ली है। मुझे मालूम भी नहीं है कि इसके लिए कोई परमिशन भी ली जाती है। इस बारे में यूआईसी के चेयरमैन ओएसडी सतेंद्र चौहान का कहना है कि महाराजा अग्रसेन की मूर्ति लगाने के लिए किसी ने भी अर्बन इंप्रूवमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड से कोई अनुमति नहीं ली है, नाही महाराजा अग्रसेन के नाम से कोई वाटिका है। उनके लेआउट में गुलमोहर वाटिका, ग्रीन फील्ड कॉलोनी,फरीदाबाद है। इसी वाटिका के कुछ हिस्से में किसी मंत्री के रिश्तेदार के मकान बने होने की खबर है, जो गलत तरीके से बनाई गई है। इसकी नपाई के लिए पिछले बुधवार को यूआईसी की तरफ से एसडीएम बड़खल को एक चिट्ठी लिखी गई है। क्यूंकि एफएमडीए को कुल 9500 वर्ग मीटर जमीन देना है, जिसमें 8000 वर्ग मीटर जमीन गुलमोहर वाटिका , ग्रीन फील्ड कॉलोनी, फरीदाबाद में है जिसकी नपाई होनी है, को सफाई करके एफएमडीए को सीवरेज इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए दिया जाना है। चौहान का कहना है कि यूजीटी/बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 1500 वर्ग मीटर जमीन संत रविदास वाटिका में है, को भी एफएमडीए को दिया जाना है। ये जमीन बिल्कुल साफ़ सुथड़ा है। एफएमडीए यूआईसी से बिल्कुल साफ़ सुथड़ा जमीन चाहती है। इसी लिए गुलमोहर वाटिका व संत रविदास वाटिका की नपाई के लिए एसडीएम बड़खल, फरीदाबाद को बीते बुधवार को एक चिट्ठी लिखी गई है। सवाल के जवाब में उनका कहना है कि गुलमोहर वाटिका में 8000 वर्ग मीटर जमीन हैं ,के दायरे में महाराजा अग्रसेन मूर्ति आती है, तो उनकी मूर्ति को तुरंत हटाया जाएगा। यदि इसके बाद आती है, तो कुछ समय के लिए नहीं हटाया जाएगा। जब उस स्थान की जरूरत होगी, तब हटा दिया जायेगा। जिसने भी केंद्रीय सहकारिता मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व विधायक धनेश अदलखा को आमंत्रित किया था.क्या इससे पहले इस पहलू पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया की, जिस स्थान पर महाराजा अग्रसेन की मूर्ति लगाए जा रहे है। क्या वह उनकी अपनी जमीन है, नहीं तो किसकी ज़मीन है, जमीन जिसकी है क्या उससे परमिशन ली गई है या नहीं. किसी भी संस्था का पैसा, समय और पूरी मेहनत लग जाती है। आज ये कहा जा रहा है कि गुलमोहर वाटिका में स्थित महाराजा अग्रसेन की मूर्ति को हटाई जा सकती है, क्यूंकि ये गुलमोहर वाटिका यूआईसी की सम्पति है। इसके लिए उनसे कोई परमिशन नहीं ली गई है। इसी लिए वह अवैध है, ये बातें अनावरण करने से पहले मेहमानों को मालूम होता तो क्या वह लोग मूर्ति अनावरण में शामिल होते, ये बड़ा सवाल है।
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