
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सरकार के संरक्षण में देश की महिलाओं, छात्राओं, दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया जा रहा है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल दलित छात्रा निशु आजाद के पिता पर हमले, महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस की मारपीट, 15 वर्षीय रुचिका सिंह की प्रताड़ना और नोएडा मजदूर आंदोलन से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी पर अवैध रूप से एनएसए लगाए जाने के मामलों का विस्तार से ब्यौरा देते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी न्याय की लड़ाई लड़ रही इन सभी बेटियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को किसी भी प्रकार की कानूनी या आर्थिक मदद की आवश्यकता होगी, तो कांग्रेस पार्टी हरसंभव सहायता करेगी।

कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए अलका लांबा ने कहा कि निशु आजाद के पिता पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर एससी-एसटी एक्ट व हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज कर 24 घंटे के भीतर उसकी गिरफ्तारी हो। साथ ही महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट की घटना पर कड़ा रोष जताते हुए उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के तत्काल निलंबन, घटना की एफआईआर दर्ज करने और पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग रखी।दलित समाज की बेटी निशु आजाद के मामले को उठाते हुए अलका लांबा ने कहा कि जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान भाजपा से जुड़े स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके पिता के साथ मारपीट की। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सिर्फ मामूली एफआईआर दर्ज की और अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि आरोपी खुलेआम साक्षात्कार में अपने हिंसक कृत्यों को स्वीकार कर रहा है और दलित समाज के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रहा है। वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से प्राप्त संरक्षण का जिक्र किया है। लांबा ने कहा कि निशु आजाद ने राहुल गांधी से न्याय की मांग की है। कांग्रेस पार्टी व राहुल गांधी पूरी ताकत से उसके साथ खड़े हैं।महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान पर हुए पुलिसिया दमन का जिक्र करते हुए अलका लांबा ने कहा कि दिल्ली के साकेत में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान जब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इन पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि दोनों पत्रकार एम्स में इलाज के अभाव में 15 वर्षीय तन्वी की मौत, दिल्ली-एनसीआर में बस के अंदर नाबालिग से गैंगरेप और गृह मंत्री के एम्स जाने के बजाय निजी अस्पताल के उद्घाटन में आने को लेकर सवाल पूछना चाहती थीं। लांबा ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूर आंदोलन को कुचलने के खिलाफ आवाज उठाने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी की गिरफ्तारी पर भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नोएडा डीएम मेधा रूपम ने आंदोलन को कुचला और मजदूरों को समर्थन देने वालों पर एनएसए लगाकर उन्हें जेल भेज दिया। लांबा ने बताया कि आकृति पांच महीने से जेल में हैं; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उन पर लगे एनएसए को रद्द कर दिया और टिप्पणी की कि प्रशासन उन्हें दोषी साबित करने वाला एक भी सबूत पेश नहीं कर पाया। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने डीएम के वेतन से आकृति को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ी 15 वर्षीय रुचिका सिंह के नए वीडियो का हवाला देते हुए लांबा ने कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों और सोशल मीडिया ट्रोल्स द्वारा एक नाबालिग बच्ची को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। रुचिका सिंह ने खुद कहा है कि मोदी जी ने उसकी जिंदगी नरक बना दी है। लांबा ने कहा कि सत्तारूढ़ दल भाजपा द्वारा सवाल उठाने वाली लड़कियों को डराने और दबाने का काम किया जा रहा है।
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