
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने कहा है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है और भाजपा-आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण प्राप्त होने के कारण बड़े आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा के शासन में न कोई संस्था सुरक्षित है और न ही कोई मंदिर। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में जमीन का घोटाला हुआ, जबकि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस ने सरेआम श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी की है। इस दौरान उनके साथ दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और प्रदेश के संगठन महासचिव अनिल भारद्वाज भी मौजूद थे।वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. सिंघवी ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को घेरते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार दोषियों को बचा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर भी तीखा तंज कसा।
डॉ. सिंघवी ने एसआईटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मात्र 40 दिनों में चोरी के 70 प्रमाणित मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है, जबकि वास्तविक चोरी कहीं अधिक बड़ी है। उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुई भूल-चूक नहीं, बल्कि महीनों तक होने दी गई एक व्यवस्थित लूट है।डॉ. सिंघवी ने एसआईटी और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई को सिर्फ लीपापोती करार देते हुए कहा कि इस चोरी के लिए चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी, गोपाल राव समेत पूरा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कटघरे में है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के इन सदस्यों का न तो एसआईटी रिपोर्ट में नाम है, न एफआईआर में और न ही उनकी कोई गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और ट्रस्ट के बीच लिखित रूप से सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तय होने के बावजूद इतनी बड़ी चोरी कैसे संभव हुई? जब नियमों के अनुसार दानपात्र केवल अधिकृत अफसरों के सामने ही खोले जाने थे, बायोमेट्रिक अटेंडेंस होनी थी और प्रवेश-निकास पर गहन तलाशी का प्रावधान था, तो चोरी कैसे हुई? उन्होंने कहा कि मूल प्रश्न यह नहीं है कि चोरी किसने की, बल्कि इसे किसने होने दिया?उन्होंने कहा कि पूरा दोष छोटे कर्मचारियों, चालकों और चपरासियों पर मढ़ा जा रहा है, जबकि चोरी के लिए जिम्मेदार बड़े लोग भाजपा-आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व के संरक्षण में खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने बताया कि सामान्यतः आपराधिक मामलों में पहले एफआईआर दर्ज होती है, लेकिन इस मामले में पहले एसआईटी बनी और बाद में एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने इसे पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास बताया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने चढ़ावा चोरी के अलावा मंदिर से जुड़े आयोजनों पर हुए भारी भरकम खर्च को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गंभीर मुद्दे पर खुद सामने आकर प्रेस वार्ता करें और देश को जवाब दें। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार बड़े लोगों की जवाबदेही तय कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज द्वारा मामले की न्यायिक जांच करने, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पूरी तरह से पुनर्गठन करने, ट्रस्ट में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े लोगों या सरकारी अफसरों के बजाय निष्पक्ष और पारदर्शी छवि वाले व्यक्तियों को शामिल करने तथा ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक प्राप्त चंदे एवं चढ़ावे का विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट कराए जाने की भी मांग की।
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