
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने कहा कि श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उनके द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नियुक्त लोगों की देखरेख में यह महापाप हुआ है। पार्टी ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसे भंग करने और पूर्व महासचिव चंपत राय की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि धर्मगुरुओं की मांग को दरकिनार कर प्रधानमंत्री ने खुद ट्रस्ट के सदस्यों का चयन कर उसमें चंपत राय समेत अपने पसंदीदा लोगों को रखा था। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री किसी को ट्रस्ट में नियुक्त करते हैं और वह कुछ गलत करता है तो उसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री पर भी आती है। कांग्रेस नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा कि जब चौकीदार चुप रहता है तो इसका मतलब है कि वह चोर से मिला हुआ है। गोहिल ने यह भी कहा कि चंपत राय ने प्रधानमंत्री मोदी को भगवान विष्णु का अवतार बताकर हिंदू समाज की भावनाओं का अपमान किया था।
गोहिल ने बताया कि मंदिर के 27 अप्रैल 2026 से लेकर 05 जून 2026 तक 40 दिनों के सीसीटीवी फुटेज में 70 बार चढ़ावे की चोरी पकड़ी गई। उन्होंने कहा कि इससे पहले 2023 से 2025 की ऑडिट रिपोर्ट में भी कई कमियों, चोरी होने और महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे न होने की बात सामने आई थी, लेकिन ट्रस्ट ने उस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने 2.93 करोड़ रुपये की जमीन को मंदिर के लिए ट्रस्ट द्वारा 18 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का मुद्दा भी उठाया। गोहिल ने कहा कि शुरुआत में ही ट्रस्ट को बर्खास्त और चंपत राय को हटा दिया गया होता तो आज यह स्थिति नहीं आती। चंपत राय द्वारा मंदिर के दानपात्रों की चाबी अपने चालक को दिए जाने की खबरों पर कांग्रेस नेता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर चंपत राय को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए।
मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए गोहिल ने आगे कहा कि एसआईटी की एफआईआर में आरोपियों के नाम के आगे पिता का नाम और पता अज्ञात लिखा है, जो दर्शाता है कि ट्रस्ट ने या तो बिना उचित दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की जांच के लोगों को काम पर रखा या फिर एसआईटी को पूरी जानकारी नहीं दी।कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई तो उसके तुरंत बाद चोरी बंद हो गई और मंदिर का चढ़ावा अचानक बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन हो गया, जबकि पहले यह 16 से 18 लाख रुपये था। यानि रोजाना करीब 10 लाख रुपये की चोरी हो रही थी।गोहिल ने याद दिलाया कि रथ यात्रा के दौरान श्रीराम मंदिर के मुख्य पुजारी रहे महंत लाल दास ने मंदिर को राजनीति का अखाड़ा न बनाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्हें हटा दिया गया और बाद में उनकी हत्या हो गई। उन्होंने कहा कि इस तरह धर्म की आड़ में बहुत बड़ा अपराध हो रहा है।कांग्रेस नेता ने भाजपा-आरएसएस पर करारा वार करते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, वहां चोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने याद दिलाया कि शंकराचार्य ने श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए मुहूर्त को अशुभ बताया था, लेकिन उनकी बात को दरकिनार कर भाजपा ने चुनावी फायदे के लिए मंदिर का समारोह आयोजित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का हिंदुओं और श्रीराम से कोई लेना-देना नहीं है, वह भगवान के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकती है। गोहिल ने यह भी कहा कि देश के हर राम मंदिर में भगवान श्रीराम के साथ सीता मैया रहती हैं, लेकिन अयोध्या के मंदिर में सीता मैया को उनका उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि वर्तमान ट्रस्ट को तुरंत भंग कर शंकराचार्यों और साधु-संतों का नया ट्रस्ट बनाया जाए। घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी गलत लोगों को ट्रस्ट में नियुक्त करने और चंपत राय द्वारा उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताए जाने पर चुप्पी साधने के लिए देश की जनता से माफी मांगें।
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