
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी को भाजपा-आरएसएस द्वारा श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात बताते हुए कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी सांसद और कांग्रेस कार्य समिति के स्थाई आमंत्रित सदस्य राजीव शुक्ला ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच का आदेश दें और उनकी निगरानी में पूरी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग कर भाजपा-आरएसएस के नेताओं को उससे बाहर किया जाए। ट्रस्ट का संचालन राजनीति से नहीं होना चाहिए। ट्रस्ट का संचालन शंकराचार्यों, साधु-संतों एवं अन्य धार्मिक लोगों के हाथों में सौंपा जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने और तुरंत हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की।
राजीव शुक्ला ने मामले में दर्ज एफआईआर और अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे कर्मचारियों के नाम आगे कर बड़े गुनाहगारों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या बड़े-बड़े लोगों की मिलीभगत और सहमति के बिना कोई छोटा कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे बंद करके हजारों करोड़ रुपये का चढ़ावा चोरी कर सकता है? उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुमकिन ही नहीं है। भाजपा में मंदिर प्रकोष्ठ बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे पहले कभी किसी राजनीतिक दल में ऐसा कोई प्रकोष्ठ नहीं सुना गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस एक सोची-समझी योजना के तहत देश के बड़े-बड़े मंदिरों के ट्रस्टों पर कब्जा करना चाहते हैं; उनकी मंशा साफ है कि पहले ट्रस्टों में अपने लोगों को बैठाओ, फिर वहां आने वाले चंदे और चढ़ावे को हड़पकर उसका इस्तेमाल राजनीति के लिए करो। राजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारियां होने से यह साफ हो गया है कि श्रीराम मंदिर में हजारों करोड़ रुपये के चंदे तथा चढ़ावे की भयानक लूट हुई है। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से, गांवों से और बेहद गरीब लोगों ने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अटूट आस्था के चलते चंदा दिया और चढ़ावा चढ़ाया था, जिसे बेरहमी से लूट लिया गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि नकद चढ़ावे की राशि को गिनती में कम करके दिखाया जाता था तथा सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का कोई रिकॉर्ड तक नहीं रखा जाता था। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के आभूषण गायब हैं और यह सभी श्रद्धालुओं के साथ बहुत बड़ा धोखा है।उन्होंने भाजपा के पुराने चुनावी नारे पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले चुनाव में भाजपा कहती थी कि ‘जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए’; अब जिन्होंने भगवान श्रीराम के नाम पर इतनी बड़ी लूट की है, उनकी क्या सजा होनी चाहिए?
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

