
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस अकादमी, झरोदा कलां, नई दिल्ली में 85 प्रशिक्षुओं के लिए पासिंग आउट एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इनमें बैच संख्या-1 के 37 सहायक उप निरीक्षक (रेडियो तकनीशियन) (08 महिला सहित) तथा बैच संख्या-127 के 48 रंगरूट कांस्टेबल (10 महिला सहित) शामिल थे। इन प्रशिक्षुओं ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है और अब दिल्ली पुलिस में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर अकादमी के उप निदेशक राजबीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
तकनीकी प्रशिक्षण
सहायक उप निरीक्षक (रेडियो तकनीशियन) का यह प्रथम बैच था, जिसे वायरलेस संचालन से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षुओं को वायरलेस सेटों की ट्यूनिंग एवं मरम्मत, नेटवर्क स्थापना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया गया।
शैक्षणिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षुओं को पुलिस प्रक्रियाओं, आपराधिक कानून, अपराध विज्ञान, साइबर अपराध एवं फोरेंसिक विज्ञान का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि वे आवश्यक कानूनी एवं प्रक्रियात्मक ज्ञान से सुसज्जित हो सकें।
शारीरिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षुओं ने निःशस्त्र युद्ध कौशल, फायरिंग, आतंकवाद-रोधी उपायों तथा खेलकूद, योग एवं जिम अभ्यास जैसी शारीरिक दक्षता गतिविधियों में भाग लिया।
विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान दंगा नियंत्रण, आतंकवादी घटनाओं से निपटने, शारीरिक क्षमता एवं सहनशक्ति विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। रंगरूट कांस्टेबलों को आपदा प्रतिक्रिया एवं हथियार संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके अतिरिक्त कमांडो कोर्स के अंतर्गत उन्हें विस्फोटक एवं आईईडी संबंधी आधारभूत जानकारी, कमांडो रणनीति, फील्ड क्राफ्ट तथा रेड एवं एम्बुश प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उत्कृष्ट प्रशिक्षु
सहायक उप निरीक्षक (रेडियो तकनीशियन) वर्ग
* नवीन कुमार ने सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रशिक्षु (ऑल राउंड बेस्ट) ट्रॉफी एवं प्रथम इंडोर ट्रॉफी प्राप्त की।
* नीरज कुमार ने प्रथम आउटडोर ट्रॉफी प्राप्त की।
रंगरूट कांस्टेबल वर्ग
* महिला रंगरूट कांस्टेबल श्रुति मिश्रा ने सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रशिक्षु, प्रथम इंडोर तथा प्रथम आउटडोर – तीनों ट्रॉफियाँ प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) का स्वागत संबोधन
सहायक निदेशक (आउटडोर) प्रभु दयाल ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए प्रशिक्षण के दौरान उनमें विकसित किए गए अनुशासन, टीम भावना एवं जनसेवा के मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशिक्षुओं की विविध पृष्ठभूमियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विविधता पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाती है। सहायक उप निरीक्षक (रेडियो तकनीशियन) वर्ग में कुल 12 प्रशिक्षु दिल्ली, 06 हरियाणा, 09 उत्तर प्रदेश, 03 राजस्थान तथा 01-01 प्रशिक्षु छत्तीसगढ़, गुजरात, मणिपुर, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल से संबंधित हैं।रंगरूट कांस्टेबलों में 02 प्रशिक्षु दिल्ली, 04 हरियाणा, 19 उत्तर प्रदेश, 08 राजस्थान तथा 06 मध्य प्रदेश से संबंधित हैं।
उन्होंने पासिंग आउट पुलिस कर्मियों को शपथ भी दिलाई।
मुख्य अतिथि का संबोधन
उप निदेशक, दिल्ली पुलिस अकादमी श्री राजबीर सिंह ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उन्हें प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि वायरलेस संचालन एवं कांस्टेबुलरी दिल्ली पुलिस की रीढ़ हैं। निर्बाध संचार व्यवस्था किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के प्रभावी नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा कांस्टेबल किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले पुलिसकर्मी होते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को जनसामान्य की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका व्यवहार ही पुलिस बल की छवि निर्धारित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सहायता प्रदान करेंगे।
समारोह में प्रशिक्षुओं के परिजनों तथा दिल्ली पुलिस अकादमी के अधिकारियों ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
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