
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज मंगलवार को मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रोहतक में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इस 12 वर्षों की यात्रा को “विश्वास, विकास और जनकल्याण” की परिवर्तनकारी गाथा बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के भारत अभूतपूर्व स्थिरता प्राप्त करते हुए आमूलचूल परिवर्तन का भी साक्षी रहा है। यही कारण है कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है।केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने दशकों बाद एक स्थिर, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व का अनुभव किया है। यह विश्वास तब और मजबूत हुआ जब भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए उरी सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम उठाए। वहीं जीएसटी के माध्यम से “वन नेशन, वन टैक्स” की अवधारणा को साकार किया गया। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के साथ सदियों की प्रतीक्षा पूर्ण हुई।
सिंधिया ने कहा कि भारत का यह विश्वास अब वैश्विक स्तर पर भी परिलक्षित हो रहा है। वैक्सीन मैत्री के माध्यम से भारत ने 100 देशों तक वैक्सीन पहुंचाई। जी-20 की सफल अध्यक्षता ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई प्रदान की। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रति विश्वव्यापी उत्साह भारत की सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात किया है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम का पुनर्विकास इसी दृष्टिकोण का परिणाम है।सिंधिया ने कहा कि पिछले 12 वर्षों का कालखंड केवल शासन का नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का कालखंड रहा है। “न्यू इंडिया, न्यू इकोनॉमी और न्यू कॉन्फिडेंस” के मंत्र के साथ देश ने बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। आधारभूत संरचना पर निवेश को लगभग ₹2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है। पिछले 12 वर्षों में लगभग 4 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गया है। सड़क निर्माण की गति 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। इसके अलावा चिनाब ब्रिज, अटल टनल और नया पंबन ब्रिज नए भारत की इंजीनियरिंग क्षमता के प्रतीक हैं। रेलवे क्षेत्र में 99.6 प्रतिशत ब्रॉडगेज विद्युतीकरण पूरा हो चुका है तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,337 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। आज देश में 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।उन्होंने कहा कि यह दशक डिजिटल इंडिया क्रांति का भी दशक रहा है। भारत नेट के माध्यम से 2.14 लाख ग्राम पंचायतों को 7.29 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है। इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 25 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गई है, जबकि ब्रॉडबैंड उपभोक्ता 6 करोड़ से बढ़कर 101 करोड़ हो गए हैं। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। मोबाइल निर्यात में 163 गुना वृद्धि दर्ज की गई है तथा विनिर्माण इकाइयों की संख्या 2 से बढ़कर 300 हो गई है। यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान में 12 गुना वृद्धि हुई है और देश में ₹314 लाख करोड़ का डिजिटल लेनदेन हो रहा है। यही निर्णायक सुधार भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट विश्वास रहा है कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पिछले 12 वर्षों में शासन की सोच बदली है। अब गरीब सरकार के दरवाजे पर खड़ा नहीं है, बल्कि सरकार गरीब के द्वार तक पहुंच रही है। पिछले वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। जनधन योजना के तहत 58 करोड़ बैंक खाते खोले गए, जिनमें से 32 करोड़ खाते महिलाओं के नाम हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ परिवारों को पक्के घर मिले हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 11 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए हैं। 16 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है तथा 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ किसानों के खातों में ₹4.3 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।अंत में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने जिस गति से प्रगति की है, अब उसे और तेज करने का समय है। उन्होंने कहा कि देश की नींव मजबूत है, दिशा स्पष्ट है और संकल्प अटूट है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास, विकास और जनकल्याण के इन तीन स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर नई पहचान स्थापित करेगा।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

