
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम:हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश एवं मंत्र दिए।उन्होंने निर्देश दिया कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान की जाए। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम तथा पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले सर्कल को अवार्ड दिया जाएगा। विज चण्डीगढ़ में ऊर्जा विभाग के राज्यभर से आए वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में

बिजली निगमों की चेयरपर्सन, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एवं ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री विक्रम सिंह भी उपस्थित रहे। बैठक के आरंभ में विज ने विभागीय अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद लंबे समय से रिक्त रहने के बावजूद विभागीय कार्यों में कोई बड़ी बाधा नहीं आई और कार्य सुचारू रूप से चलते रहे।पिछले छह महीनों में बिजली आपूर्ति में व्यवधान की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में अधिकतम दो घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे से अधिक बिजली बाधित नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक अवधि होने पर संबंधित अधिकारियों, विशेषकर अधीक्षण अभियंता, के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा गंभीर मामलों में निलंबन तक की कार्रवाई संभव होगी।उन्होंने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन पर बल देते हुए निर्देश दिया कि मरम्मत कार्यों के दौरान मेंटेनेंस स्टाफ के पास आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन एवं ट्रांसफार्मर ट्रॉली उपलब्ध होनी चाहिए। इस पर आयुक्त एवं सचिव ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे।विज ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में स्थापित होने वाले सभी बिजली सबस्टेशन जलभराव वाले क्षेत्रों में न बनाए जाएं अथवा उन्हें संभावित जलस्तर से कम से कम दो फुट ऊंचाई पर स्थापित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना भी अनिवार्य होगा। साथ ही, उन्होंने सब स्टेशनों के रख-रखाव एवं अपग्रेडेशन के लिए भी निर्देश जारी किए। वर्षा ऋतु से पूर्व बिजली लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो।उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने के लिए विज ने एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। इस पोर्टल पर पूरे राज्य में उपयोग होने वाले उपकरणों का विवरण उपलब्ध रहेगा, जिससे अनावश्यक दोहराव रोका जा सकेगा और आवश्यकतानुसार संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। पोर्टल में एडमिन डैशबोर्ड की व्यवस्था भी होगी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी मांग एवं खरीद की योजना की निगरानी कर सकेंगे।बिजली चोरी के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि अगले तीन महीनों में सभी लंबित मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में 179 लोगों को बिजली चोरी के मामलों में गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2024-25 में 39,529 तथा 2025-26 में 56,953 एफआईआर दर्ज की गई हैं। विजिलेंस विंग ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।विज ने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया राशि लंबित है और उन्होंने उसी संपत्ति पर नया बिजली कनेक्शन ले लिया है, ऐसे कनेक्शन देने वाले संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियम-8 के तहत कार्रवाई कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ऐसे कुल 3,224 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 202 उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा 3022 दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया जाएगा, जो तीन माह के भीतर कार्रवाई पूर्ण करेंगी।डिफॉल्टर उपभोक्ताओं से लगभग 8,247 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 3,573 करोड़ रुपये तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 4,674 करोड़ रुपये की रिकवरी शामिल है। सरकारी विभागों से भी लगभग 585 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है, जिसके तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 319 करोड रूपए और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 266 करोड रूपए की रिकवरी की जानी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को वसूली प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया कि अगले एक वर्ष के भीतर राज्य के सभी सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि हरियाणा इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके। उन्होंने इसे राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए गहनता से क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिकतम पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड भी स्थापित किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि अपने सर्कल में सर्वाधिक सोलर सिस्टम स्थापित करवाने वाले अधिकारी को सम्मानित किया जाएगा।
लैंड रिकवरी एक्ट के तहत डिफॉल्टर उपभोक्ताओं से वसूली में ढिलाई बरतने पर उन्होंने कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में बिजली वितरण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, मेंटेनेंस स्टाफ की तैनाती, शिकायत निवारण तंत्र और परिचालन दक्षता जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर राज्यभर से आए मुख्य अभियंता, अधीक्षक अभियंता सहित ऊर्जा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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